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40 बैरियरों पर होगी कांवड़ लाने वालों की निगरानी
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40 बैरियरों पर होगी कांवड़ लाने वालों की निगरानी
सहारनपुर। श्रावण मास में हरियाणा, पंजाब या अन्य राज्यों से मंडल के जिलों से होते हुए कांवड़ यात्रा का प्रयास करने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है। हरियाणा बार्डर से जिले में होते हुए उत्तराखंड बार्डर तक ऐसे श्रद्धालुओं पर नजर रखने के लिए 40 बैरियरों पर पुलिस टीमों को एक्टिव किया गया है। डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने पुलिस टीमों को यह भी निर्देश दिए हैं कि दोनों राज्यों की सीमाओं पर लगातार निगरानी की जाए ताकि श्रद्धालुओं के आवागमन के साथ ही आपराधिक किस्म के लोगों की भी जांच हो सके।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार श्रावण मास में होने वाली कांवड़ यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। इसके बावजूद कांवड़ यात्रा करने का प्रयास करने वालों पर नजर रखी जा रही है। पहले डीएम अखिलेश सिंह और एसएसपी डॉ. एस चनप्पा ने एसपी सिटी सहित अन्य अफसरों के साथ हरियाणा से उत्तराखंड तक के उस रूट का निरीक्षण किया था, जहां से कांवड़ यात्रा निकलती रही है। इसके बाद सोमवार को ही डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने सरसावा की ओर हरियाणा बार्डर पर निरीक्षण किया। यहां उन्होंने बार्डर से गुजरने वाले वाहनों की चेकिंग की थी।
डीआईजी ने बताया कि श्रावण मास शुरू होते ही शिवभक्तों से अपील की जा रही है कि वे किसी भी सूरत में कांवड़ यात्रा निकालने का प्रयास न करें। घरों में ही रहकर भोले बाबा की आराधना करें। इसके बावजूद कुछ लोग कांवड़ यात्रा लाने की कोशिश कर सकते हैं। इसी को देखते हुए 40 बैरियरों पर पुलिस टीमों के अलावा पीएसी और आरएएफ के जवानों से भी चेकिंग कराई जा रही है।
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सहारनपुर। श्रावण मास में हरियाणा, पंजाब या अन्य राज्यों से मंडल के जिलों से होते हुए कांवड़ यात्रा का प्रयास करने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है। हरियाणा बार्डर से जिले में होते हुए उत्तराखंड बार्डर तक ऐसे श्रद्धालुओं पर नजर रखने के लिए 40 बैरियरों पर पुलिस टीमों को एक्टिव किया गया है। डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने पुलिस टीमों को यह भी निर्देश दिए हैं कि दोनों राज्यों की सीमाओं पर लगातार निगरानी की जाए ताकि श्रद्धालुओं के आवागमन के साथ ही आपराधिक किस्म के लोगों की भी जांच हो सके।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार श्रावण मास में होने वाली कांवड़ यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। इसके बावजूद कांवड़ यात्रा करने का प्रयास करने वालों पर नजर रखी जा रही है। पहले डीएम अखिलेश सिंह और एसएसपी डॉ. एस चनप्पा ने एसपी सिटी सहित अन्य अफसरों के साथ हरियाणा से उत्तराखंड तक के उस रूट का निरीक्षण किया था, जहां से कांवड़ यात्रा निकलती रही है। इसके बाद सोमवार को ही डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने सरसावा की ओर हरियाणा बार्डर पर निरीक्षण किया। यहां उन्होंने बार्डर से गुजरने वाले वाहनों की चेकिंग की थी।
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डीआईजी ने बताया कि श्रावण मास शुरू होते ही शिवभक्तों से अपील की जा रही है कि वे किसी भी सूरत में कांवड़ यात्रा निकालने का प्रयास न करें। घरों में ही रहकर भोले बाबा की आराधना करें। इसके बावजूद कुछ लोग कांवड़ यात्रा लाने की कोशिश कर सकते हैं। इसी को देखते हुए 40 बैरियरों पर पुलिस टीमों के अलावा पीएसी और आरएएफ के जवानों से भी चेकिंग कराई जा रही है।
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