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विद्युत निगम में बिल जमा न करने का एक और घोटाला

Wed, 06 Mar 2019 11:38 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 06 Mar 2019 11:38 PM IST
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विद्युत निगम में बिल जमा न करने का एक और घोटाला
सहारनपुर। विद्युत निगम में एक और गोलमाल सामने आया है। विद्युत वितरण खंड प्रथम के उपखंड अधिकारी कार्यालय में तैनात लिपिक पर तीन साल में उपभोक्ताओं से लिए गए बिल भुगतान का लगभग साढ़े आठ लाख रुपये गबन करने का आरोप है। आरोप है कि लिपिक ने उपभोक्ताओं से राजस्व वसूली की, रसीदें भी दीं, लेकिन पैसा निगम में जमा नहीं कराया गया। अधिकारियों ने आरोपी लिपिक के खिलाफ कुतुबशेर थाना में तहरीर दी है।
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इस मामले में विद्युत नगरीय वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता एके वर्मा ने उपखंड अधिकारी को पत्र भेजकर मामले में कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद उपखंड अधिकारी रब्बान अली ने कुतुबशेर थाना पुलिस को तहरीर दी। उसमें बताया गया कि उपखंड कार्यालय में तैनात लिपिक एवं कार्यालय सहायक तृतीय प्रमोद कुमार शर्मा 23 जनवरी 2015 से 12 जनवरी 2018 तक कार्यरत रहा। इस दौरान लिपिक द्वारा उपभोक्ताओं से राजस्व वसूली की गई, लेकिन वसूली गई धनराशि मुख्य अकाउंटेंट को जमा नहीं कराई गई। विभागीय अभिलेखों का मिलान करने पर 850150 रुपये का गबन सामने आया। जिसकी ब्याज 307064 रुपये मिलाकर कुल 1157214 धनराशि हो गई। लिपिक द्वारा 28 फरवरी 2019 तक भी यह धनराशि जमा नहीं कराई। उपखंड अधिकारी रब्बान अली ने कुतुबशेर थाना पुलिस को तहरीर देने के साथ ही विभागीय कार्रवाई के लिए संस्तुति कर दी गई है। उधर, अधिशासी अभियंता एके वर्मा ने बताया कि आरोपी लिपिक प्रमोद कुमार शर्मा का स्थानांतरण छह महीना पूर्व सहारनपुर से बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर) जनपद हो गया है। बिल भुगतान की रकम जमा कराने के लिए कई बार कहा गया, लेकिन धनराशि जमा नहीं कराई गई।
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लिपिक ने आरोपों को निराधार बताया
विद्युत निगम के लिपिक प्रमोद कुमार शर्मा से मोबाइल फोन पर बात की गई। पीके शर्मा ने गबन के आरोप को निराधार बताया। लिपिक का कहना है कि उनके पास पैसे जमा कराने की रसीदें हैं तथा स्थानांतरण होने पर अकाउंटेंट से नो ड्यूज का प्रमाणपत्र भी लिया गया है। गोलमाल किसी अन्य व्यक्ति ने किया है और फंसाया उन्हें जा रहा है। उन्होंने पुलिस के समक्ष अपना पक्ष रख दिया है। वह कोर्ट तक लड़ाई लड़ेंगे।
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कंप्यूटर ऑपरेटर ने भी कर दिए फर्जी मीटर फीड, रिपोर्ट दर्ज
सहारनपुर। विद्युत निगम में एक के बाद एक गड़बड़झाला सामने आ रहा है। जैनबाग बिजलीघर कार्यालय में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर ने ही गोलमाल कर डाला। विद्युत निगम के लगे मीटरों को खराब कर की जा रही बिजली चोरी पकड़ने का अभियान चला तो बिजली चोरी कर रहे लोगों ने विद्युत निगम के कर्मचारियों से मिलकर न सिर्फ बाजार से लाकर दूसरे मीटर लगवा लिए, बल्कि उन मीटरों का डाटा भी कंप्यूटर में फीड करा दिया गया।

अधीक्षण अभियंता रविंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि विद्युत निगम की टीम जांच करने के लिए पहुंची तो 11 मीटर बदले हुए पाए गए। इन मीटरों का निगम के अभिलेखों में कहीं रिकार्ड नहीं था, लेकिन मीटरों के नंबर कंप्यूटर में फीड पाए गए। जबकि उपखंड अधिकारी की आईडी से ही मीटरों की फीडिंग की जा सकती है। उपखंड अधिकारी ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि अपनी आईडी कंप्यूटर ऑपरेटर को दे रखी थी। जिसके बाद कंप्यूटर आपरेटर भाग्यराज के खिलाफ देहात कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उन्होंने बताया कि आरोपी ऑपरेटर भाग्यराज उसी दिन से कार्य छोड़कर फरार हो गया है।
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