{"_id":"5c6c4d6bbdec220c2959e731","slug":"31550601579-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा सत्र में देरी का खामियाजा भुगतेंगे डीएलएड के छात्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षा सत्र में देरी का खामियाजा भुगतेंगे डीएलएड के छात्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जनपद में फंस गई 2200 छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति
सहारनपुर। शिक्षा सत्र में देरी की वजह से डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन (डीएलएड) के 2200 छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति फंस गई है। वर्ष 2017-18 के दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा अब हुई हैं। प्रथम वर्ष का परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हो सका है, जिस कारण द्वितीय वर्ष में दाखिला भी नहीं हुआ है। ऐसी परिस्थिति में शासन स्तर से छात्रवृत्ति फार्म निरस्त करने की चर्चा चल रही है।
जिला समाज कल्याण और जिला पिछड़ा कल्याण विभाग के मुताबिक पूरे प्रदेश में डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन (डीएलएड) का 2017-18 वर्ष का सत्र देरी से चल रहा है। इस वर्ष में जिन छात्रों ने डीएलएड में दाखिला लिया था। उनके द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा अब हुई हैं। इस कारण छात्रों का रिजल्ट नहीं आया है। सरकारी सहित निजी शिक्षण संस्थानों ने छात्र-छात्राओं की द्वितीय वर्ष यानी 2018-19 की पढ़ाई भी शुरू करा दी है और छात्रवृत्ति के लिए आनलाइन द्वितीय वर्ष फार्म भी भरवा दिए। लेकिन छात्रवृत्ति के लिए प्रथम वर्ष का परीक्षा परिणाम आना जरूरी है। प्रथम वर्ष के अंक फार्म में भरने के बाद ही द्वितीय वर्ष में छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति मिल पाएगी। जनपद में सरकारी सहित 35 शिक्षण संस्थान है। इनमें 2200 छात्र-छात्राएं डीएलएड कोर्स कर रहे हैं। विभाग के मुताबिक इन छात्रों का परीक्षा परिणाम आने में अभी चार माह तक समय लग जाएगा। इस वजह जनपद सहित पूरे प्रदेश में डीएलएड के छात्र-छात्राओं के छात्रवृत्ति फार्म निरस्त हो जाएंगे।
पूरे प्रदेेश में वर्ष 2018-18 के डीएलएड के छात्रों सत्र देरी से चल रहा है। प्रथम वर्ष के द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं अब हुई हैं, जिसका रिजल्ट नहीं आया है। इस वजह से छात्रों को द्वितीय वर्ष की छात्रवृत्ति नहीं मिल पाएगी। शासन स्तर से इनके फार्म निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। -शरद कुमार श्रीवास्वत, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी
विज्ञापन
सत्र में देरी हुई है। यह स्थिति पूरे प्रदेश की है। कॉलेजों और छात्र-छात्राओं द्वारा आनलाइन छात्रवृत्ति के फार्म भरे जाते हैं। छात्रवृत्ति भी उनके खाते में ही आती है। प्रथम वर्ष का परीक्षा परिणाम आने पर ही द्वितीय वर्ष की छात्रवृत्ति मिलती है। मगर, अभी परीक्षा परीणाम आने में समय लगेगा। जनपद में सरकारी सहित 35 निजी शिक्षण संस्थाओं में करीब 2200 छात्र-छात्राएं डीएलएड कोर्स कर रहे हैं। - राज सिंह यादव, प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पटनी, चिलकाना
विज्ञापन
सहारनपुर। शिक्षा सत्र में देरी की वजह से डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन (डीएलएड) के 2200 छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति फंस गई है। वर्ष 2017-18 के दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा अब हुई हैं। प्रथम वर्ष का परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हो सका है, जिस कारण द्वितीय वर्ष में दाखिला भी नहीं हुआ है। ऐसी परिस्थिति में शासन स्तर से छात्रवृत्ति फार्म निरस्त करने की चर्चा चल रही है।
जिला समाज कल्याण और जिला पिछड़ा कल्याण विभाग के मुताबिक पूरे प्रदेश में डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन (डीएलएड) का 2017-18 वर्ष का सत्र देरी से चल रहा है। इस वर्ष में जिन छात्रों ने डीएलएड में दाखिला लिया था। उनके द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा अब हुई हैं। इस कारण छात्रों का रिजल्ट नहीं आया है। सरकारी सहित निजी शिक्षण संस्थानों ने छात्र-छात्राओं की द्वितीय वर्ष यानी 2018-19 की पढ़ाई भी शुरू करा दी है और छात्रवृत्ति के लिए आनलाइन द्वितीय वर्ष फार्म भी भरवा दिए। लेकिन छात्रवृत्ति के लिए प्रथम वर्ष का परीक्षा परिणाम आना जरूरी है। प्रथम वर्ष के अंक फार्म में भरने के बाद ही द्वितीय वर्ष में छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति मिल पाएगी। जनपद में सरकारी सहित 35 शिक्षण संस्थान है। इनमें 2200 छात्र-छात्राएं डीएलएड कोर्स कर रहे हैं। विभाग के मुताबिक इन छात्रों का परीक्षा परिणाम आने में अभी चार माह तक समय लग जाएगा। इस वजह जनपद सहित पूरे प्रदेश में डीएलएड के छात्र-छात्राओं के छात्रवृत्ति फार्म निरस्त हो जाएंगे।
विज्ञापन
पूरे प्रदेेश में वर्ष 2018-18 के डीएलएड के छात्रों सत्र देरी से चल रहा है। प्रथम वर्ष के द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं अब हुई हैं, जिसका रिजल्ट नहीं आया है। इस वजह से छात्रों को द्वितीय वर्ष की छात्रवृत्ति नहीं मिल पाएगी। शासन स्तर से इनके फार्म निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। -शरद कुमार श्रीवास्वत, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी
विज्ञापन
सत्र में देरी हुई है। यह स्थिति पूरे प्रदेश की है। कॉलेजों और छात्र-छात्राओं द्वारा आनलाइन छात्रवृत्ति के फार्म भरे जाते हैं। छात्रवृत्ति भी उनके खाते में ही आती है। प्रथम वर्ष का परीक्षा परिणाम आने पर ही द्वितीय वर्ष की छात्रवृत्ति मिलती है। मगर, अभी परीक्षा परीणाम आने में समय लगेगा। जनपद में सरकारी सहित 35 निजी शिक्षण संस्थाओं में करीब 2200 छात्र-छात्राएं डीएलएड कोर्स कर रहे हैं। - राज सिंह यादव, प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पटनी, चिलकाना