{"_id":"5c61c83ebdec227395217bc1","slug":"31549912126-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शराब कांड की सीबीआई जांच की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शराब कांड की सीबीआई जांच की मांग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। जहरीली शराब कांड में मरे लोगों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा दिलाने और घटना की सीबीआई जांच कराने सहित अन्य मांगों को लेकर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने सिटी मजिस्ट्रेट शेरी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। ऐसा नहीं होने पर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी।
सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपे ज्ञापन में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने कहा कि जहरीली शराब ने बड़ी संख्या में परिवारों को बर्बाद कर दिया है। काफी लोग मर गए हैं, जबकि अभी भी कई लोग जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस कांड की सीबीआई से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार एक सप्ताह में मांगों को पूरा नहीं करती तो आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति आंदोलन करेगी। इससे पहले समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर आरपी सिंह आंबेडकर, महिला विंग की राष्ट्रीय संयोजक उषा सिंह आंबेडकर, जिलाध्यक्ष साधूराम आदि ने पूरी टीम के साथ जहरीली शराब कांड से प्रभावित दर्जन भर गांवों का दौरा किया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि समिति पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए 17 फरवरी को हकीकत नगर धरनास्थल पर धरना देगी। इस दौरान रविन्द्र कुमार, एसडी गौतम, राजकुमार, बिजेंद्र कुमार, रामपाल, पुनीत कुमार, राजीव कुमार, रजत कुमार, अमित, सतेंद्र गौतम आदि मौजूद रहे।
उच्चतम न्यायालय के जज से जांच कराने की मांग
सहारनपुर। सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव फैसल सलमानी ने कहा कि जहरीली शराब कांड की जांच उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश से कराई जाए। जिससे घटना के लिए जिम्मेदार लोगों का पता चल सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके। प्रेस को जारी एक बयान में उन्होंने घटना के लिए प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जहरीली शराब कांड ने जनपद ही नहीं पूरे प्रदेश के लोगों को झकझोर दिया है। उन्होंने मृतकों के आश्रितों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा दिलाने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपे ज्ञापन में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने कहा कि जहरीली शराब ने बड़ी संख्या में परिवारों को बर्बाद कर दिया है। काफी लोग मर गए हैं, जबकि अभी भी कई लोग जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस कांड की सीबीआई से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार एक सप्ताह में मांगों को पूरा नहीं करती तो आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति आंदोलन करेगी। इससे पहले समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर आरपी सिंह आंबेडकर, महिला विंग की राष्ट्रीय संयोजक उषा सिंह आंबेडकर, जिलाध्यक्ष साधूराम आदि ने पूरी टीम के साथ जहरीली शराब कांड से प्रभावित दर्जन भर गांवों का दौरा किया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि समिति पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए 17 फरवरी को हकीकत नगर धरनास्थल पर धरना देगी। इस दौरान रविन्द्र कुमार, एसडी गौतम, राजकुमार, बिजेंद्र कुमार, रामपाल, पुनीत कुमार, राजीव कुमार, रजत कुमार, अमित, सतेंद्र गौतम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
उच्चतम न्यायालय के जज से जांच कराने की मांग
सहारनपुर। सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव फैसल सलमानी ने कहा कि जहरीली शराब कांड की जांच उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश से कराई जाए। जिससे घटना के लिए जिम्मेदार लोगों का पता चल सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके। प्रेस को जारी एक बयान में उन्होंने घटना के लिए प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जहरीली शराब कांड ने जनपद ही नहीं पूरे प्रदेश के लोगों को झकझोर दिया है। उन्होंने मृतकों के आश्रितों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा दिलाने की मांग की।
विज्ञापन