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स्क्रैप के कारोबार से सुलेमान का बढ़ा खजाना
Updated Mon, 19 Nov 2018 12:05 AM IST
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बेहट (सहारनपुर)। इंडियन टेक्नोमैक कंपनी में हुए घोटाले को लेकर शनिवार को जिन तीन लोगों को सीआईडी शिमला ने गिरफ्तार किया, उनमें एक सुलेमान सहारनपुर के मिर्जापुर का रहने वाला है। सुलेमान स्क्रैप कारोबारी है, जो करीब 10 साल पूर्व तक आर्थिक रूप से उतना मजबूत नहीं था, लेकिन कंपनियों से स्क्रैप खरीदने के कारोबार में एकाएक उसका खजाना बढ़ता चला गया।
गौरतलब है कि शनिवार को सीआईडी शिमला की टीम ने पांवटा साहिब से सुलेमान सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद 19 नवंबर तक पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेजा गया है। उधर, सुलेमान की गिरफ्तारी की चर्चा रविवार को मिर्जापुर में फैली, तो लोग हैरान हो गए। क्योंकि जिस मामले में सुलेमान की गिरफ्तारी हुई है, वह इंडियन टेक्नोमैक कंपनी के करीब 6000 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़ा है।
मिर्जापुर के लोगों की मानें तो सुलेमान के पिता पूर्व में पान का खोखा संचालित करते थे, जिस पर सुलेमान भी बैठता था। पहले तो सुलेमान ने मिर्जापुर के आसपास ग्रामीण इलाकों से लोहे की स्क्रैप खरीदने का धंधा शुरू किया। कारोबार चल निकला, सुलेमान स्क्रैप कारोबारी बन गया।
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इसके बाद हिमाचल प्रदेश में किराए पर गोदाम लेकर वहां भी लोहा, एल्यूमिनियम, तांबा और पीतल आदि स्क्रैप खरीदना शुरू किया। अब हालत यह है कि मिर्जापुर में इसके तीन मकान और शाहपुर गाड़ा रोड पर हार्डवेयर की दुकान है। इसके अलावा सहारनपुर- विकासनगर रोड पर स्क्रैप का गोदाम है। तीन लग्जरी गाड़िया भी उसके पास बताई गई है।
परिवार को पुलिस की कार्रवाई पर शक
सुलेमान की हार्डवेयर की दुकान संभालने वाले जियाउल हक का कहना है कि सुलेमान ने कंपनी से सभी नियमों का पालन करते हुए स्क्रैप खरीदा था। कंपनी ने बैंक से ऋण लेकर जमा नहीं किया और टैक्स चोरी कर ली, तो उसमें सुलेमान का क्या दोष है। यह मामला कंपनी का सरकार और बैंक के बीच का है। उसमें सुलेमान को बेवजह घसीटा जा रहा है। जियाउल हक ने बताया कि अभी परिवार के लोगों को पूरी तरह मालूम भी नहीं है कि सुलेमान को आखिर इस मामले में क्यों गिरफ्तार किया गया है। परिवार के लोग सोमवार को पांवटा साहिब (सिरमौर) जाकर जानकारी करेंगे।
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गौरतलब है कि शनिवार को सीआईडी शिमला की टीम ने पांवटा साहिब से सुलेमान सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद 19 नवंबर तक पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेजा गया है। उधर, सुलेमान की गिरफ्तारी की चर्चा रविवार को मिर्जापुर में फैली, तो लोग हैरान हो गए। क्योंकि जिस मामले में सुलेमान की गिरफ्तारी हुई है, वह इंडियन टेक्नोमैक कंपनी के करीब 6000 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़ा है।
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मिर्जापुर के लोगों की मानें तो सुलेमान के पिता पूर्व में पान का खोखा संचालित करते थे, जिस पर सुलेमान भी बैठता था। पहले तो सुलेमान ने मिर्जापुर के आसपास ग्रामीण इलाकों से लोहे की स्क्रैप खरीदने का धंधा शुरू किया। कारोबार चल निकला, सुलेमान स्क्रैप कारोबारी बन गया।
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इसके बाद हिमाचल प्रदेश में किराए पर गोदाम लेकर वहां भी लोहा, एल्यूमिनियम, तांबा और पीतल आदि स्क्रैप खरीदना शुरू किया। अब हालत यह है कि मिर्जापुर में इसके तीन मकान और शाहपुर गाड़ा रोड पर हार्डवेयर की दुकान है। इसके अलावा सहारनपुर- विकासनगर रोड पर स्क्रैप का गोदाम है। तीन लग्जरी गाड़िया भी उसके पास बताई गई है।
परिवार को पुलिस की कार्रवाई पर शक
सुलेमान की हार्डवेयर की दुकान संभालने वाले जियाउल हक का कहना है कि सुलेमान ने कंपनी से सभी नियमों का पालन करते हुए स्क्रैप खरीदा था। कंपनी ने बैंक से ऋण लेकर जमा नहीं किया और टैक्स चोरी कर ली, तो उसमें सुलेमान का क्या दोष है। यह मामला कंपनी का सरकार और बैंक के बीच का है। उसमें सुलेमान को बेवजह घसीटा जा रहा है। जियाउल हक ने बताया कि अभी परिवार के लोगों को पूरी तरह मालूम भी नहीं है कि सुलेमान को आखिर इस मामले में क्यों गिरफ्तार किया गया है। परिवार के लोग सोमवार को पांवटा साहिब (सिरमौर) जाकर जानकारी करेंगे।