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सामने आ रहे डेंगू के नए मरीज
Updated Wed, 14 Nov 2018 12:08 AM IST
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सामने आ रहे डेंगू के नए मरीज, विभाग के पास आंकड़े तक नहीं
सहारनपुर। जिले में डेंगू के मरीज लगातार सामने आ रहे हैं। मगर स्वास्थ्य विभाग के पास ऐसे रोगियों के आंकड़े तक नहीं हैं। यही नहीं, विभाग डेंगू के मरीजों को वायरल से पीड़ित बताकर अपनी खामियां छिपाने का प्रयास कर रहा है।
इस समय एसबीडी जिला अस्पताल के ही डेंगू वार्ड में एक महिला का इलाज चल रहा है। साथ ही कलक्ट्रेट बार के एक अधिवक्ता भी कई दिन से डेंगू की चपेट में हैं। इस स्थिति में भी विभाग ऐसे मरीजों का रिकार्ड रखने से परहेज कर रहा है।
कलक्ट्रेट के अधिवक्ता संदीप चौधरी को कई दिन से डेंगू वह नगर के एक निजी चिकित्सक के यहां इलाज करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके डॉक्टर ने उन्हें जांच के लिए लिखा था, जिसमें डेंगू के शुरुआती लक्षण आए हैं। प्लेटलेट्स 46 हजार तक आ गई थीं। मगर इलाज के बाद उन्हें आराम है। एसबीडी जिला अस्पताल में बने विशेष डेंगू वार्ड में भी इन दिनों आली की चुंगी निवासी सबीहा डेंगू का इलाज करा रही है। परिजनों ने बताया कि वह तीन दिन से भर्ती है। अब उसे आराम है। पिछले सप्ताह ही मल्हीपुर रोड स्थित विशाल विहार निवासी एक 14 वर्षीय बच्चे में डेंगू की पुष्टि हुई थी। आईटीसी रोड निवासी शिक्षक अजय कुमार भी डेंगू से ग्रस्त थे। उनका इलाज एक प्राइवेट अस्पताल में हुआ है और अब सामान्य हैं। इसी प्रकार अभी तक अनेक मामले डेंगू के सामने आ चुके हैं। हैरत की बात यह है कि चिकित्सा विभाग के पास इस बार के डेंगू के मामलों का कोई आंकड़ा नहीं है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभाग डेंगू को लेकर कितना गंभीर है।
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बकडौली पहुंची विभाग की टीम
नानौता के गांव बकडौली में बुखार का प्रकोप जारी है। मंगलवार को सोशल मीडिया पर 25 लोगों में डेंगू की सूचना वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। विभाग ने अपनी टीम भेजकर गांव में कैंप लगवाया और बुखार के मरीजों की जांच कराई। जिला मलेरिया अधिकारी डॉक्टर शिवांका गौड़ भी गांव पहुंची थी। कैंप में बुखार से पीड़ित 35 लोगों की जांच कराई। जिनमें से 17 लोगों में वायरल फीवर की पुष्टि हुई है। अधिकारियों ने डेंगू का कोई मामला नहीं मिलने का दावा किया।
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अहमदपुर के घर-घर में बुखार की दस्तक
मल्हीपुर रोड स्थित गांव अहमदपुर में पिछले 15 दिन से बुखार का प्रकोप है। ग्राम प्रधान पति मनोज ने बताया कि घर-घर में बुखार का मरीज है। बुखार से ग्रस्त लोगों की संख्या करीब 150 है। उन्होंने चिकित्सा विभाग से गांव में कैंप कर लोगों को बेहतर इलाज दिलाने की मांग की है।
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चिकित्सा विभाग की तैयारी
डेंगू के इलाज के लिए चिकित्सा विभाग तैयारी पूरी होने का दावा करता रहा है। अस्पताल में विशेष रूप से डेंगू वार्ड बनाया गया है। इलाज के लिए दवाएं भी अलग से हैं। साथ ही डेंगू की फ्री जांच की सुविधा भी अस्पताल में उपलब्ध है। जांच की सुविधा अंबाला रोड स्थित मौलाना महमूद हसन मेडिकल कालेज और गंगोह के सरकारी अस्पताल में भी उपलब्ध है। आशाओं की टोलियां गांव-गांव जाकर बुखार से ग्रस्त लोगों के खून के नमूने लेकर जांच कर रही हैं।
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आजकल वायरल फीवर में भी डेंगू के शुरुआती लक्षण सामने आ रहे हैं, मगर उससे घबराने की जरूरत नहीं है। जिला अस्पताल में इलाज की पूरी व्यवस्था है। इसके अलावा गांव बकडौली में डेंगू की चर्चा थी। हमने गांव में कैंप कर बुखार पीड़ितों की जांच की, जिनमें से 17 लोगों केे वायरल फीवर सामने आया है। -- डॉक्टर शिवांका गौड़, जिला मलेरिया अधिकारी
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सहारनपुर। जिले में डेंगू के मरीज लगातार सामने आ रहे हैं। मगर स्वास्थ्य विभाग के पास ऐसे रोगियों के आंकड़े तक नहीं हैं। यही नहीं, विभाग डेंगू के मरीजों को वायरल से पीड़ित बताकर अपनी खामियां छिपाने का प्रयास कर रहा है।
इस समय एसबीडी जिला अस्पताल के ही डेंगू वार्ड में एक महिला का इलाज चल रहा है। साथ ही कलक्ट्रेट बार के एक अधिवक्ता भी कई दिन से डेंगू की चपेट में हैं। इस स्थिति में भी विभाग ऐसे मरीजों का रिकार्ड रखने से परहेज कर रहा है।
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कलक्ट्रेट के अधिवक्ता संदीप चौधरी को कई दिन से डेंगू वह नगर के एक निजी चिकित्सक के यहां इलाज करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके डॉक्टर ने उन्हें जांच के लिए लिखा था, जिसमें डेंगू के शुरुआती लक्षण आए हैं। प्लेटलेट्स 46 हजार तक आ गई थीं। मगर इलाज के बाद उन्हें आराम है। एसबीडी जिला अस्पताल में बने विशेष डेंगू वार्ड में भी इन दिनों आली की चुंगी निवासी सबीहा डेंगू का इलाज करा रही है। परिजनों ने बताया कि वह तीन दिन से भर्ती है। अब उसे आराम है। पिछले सप्ताह ही मल्हीपुर रोड स्थित विशाल विहार निवासी एक 14 वर्षीय बच्चे में डेंगू की पुष्टि हुई थी। आईटीसी रोड निवासी शिक्षक अजय कुमार भी डेंगू से ग्रस्त थे। उनका इलाज एक प्राइवेट अस्पताल में हुआ है और अब सामान्य हैं। इसी प्रकार अभी तक अनेक मामले डेंगू के सामने आ चुके हैं। हैरत की बात यह है कि चिकित्सा विभाग के पास इस बार के डेंगू के मामलों का कोई आंकड़ा नहीं है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभाग डेंगू को लेकर कितना गंभीर है।
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बकडौली पहुंची विभाग की टीम
नानौता के गांव बकडौली में बुखार का प्रकोप जारी है। मंगलवार को सोशल मीडिया पर 25 लोगों में डेंगू की सूचना वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। विभाग ने अपनी टीम भेजकर गांव में कैंप लगवाया और बुखार के मरीजों की जांच कराई। जिला मलेरिया अधिकारी डॉक्टर शिवांका गौड़ भी गांव पहुंची थी। कैंप में बुखार से पीड़ित 35 लोगों की जांच कराई। जिनमें से 17 लोगों में वायरल फीवर की पुष्टि हुई है। अधिकारियों ने डेंगू का कोई मामला नहीं मिलने का दावा किया।
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अहमदपुर के घर-घर में बुखार की दस्तक
मल्हीपुर रोड स्थित गांव अहमदपुर में पिछले 15 दिन से बुखार का प्रकोप है। ग्राम प्रधान पति मनोज ने बताया कि घर-घर में बुखार का मरीज है। बुखार से ग्रस्त लोगों की संख्या करीब 150 है। उन्होंने चिकित्सा विभाग से गांव में कैंप कर लोगों को बेहतर इलाज दिलाने की मांग की है।
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चिकित्सा विभाग की तैयारी
डेंगू के इलाज के लिए चिकित्सा विभाग तैयारी पूरी होने का दावा करता रहा है। अस्पताल में विशेष रूप से डेंगू वार्ड बनाया गया है। इलाज के लिए दवाएं भी अलग से हैं। साथ ही डेंगू की फ्री जांच की सुविधा भी अस्पताल में उपलब्ध है। जांच की सुविधा अंबाला रोड स्थित मौलाना महमूद हसन मेडिकल कालेज और गंगोह के सरकारी अस्पताल में भी उपलब्ध है। आशाओं की टोलियां गांव-गांव जाकर बुखार से ग्रस्त लोगों के खून के नमूने लेकर जांच कर रही हैं।
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आजकल वायरल फीवर में भी डेंगू के शुरुआती लक्षण सामने आ रहे हैं, मगर उससे घबराने की जरूरत नहीं है। जिला अस्पताल में इलाज की पूरी व्यवस्था है। इसके अलावा गांव बकडौली में डेंगू की चर्चा थी। हमने गांव में कैंप कर बुखार पीड़ितों की जांच की, जिनमें से 17 लोगों केे वायरल फीवर सामने आया है। -- डॉक्टर शिवांका गौड़, जिला मलेरिया अधिकारी