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सफाई कर्मचारियों को नहीं मिल रही सुविधाएं
Updated Mon, 01 Oct 2018 12:21 AM IST
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सफाई कर्मचारियों को नहीं मिल रही सुविधाएं
सहारनपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत मिशन को शुरू हुए कल चार साल हो रहे हैं। खास बात यह है कि मिशन में नीव के पत्थर का काम कर रहे सफाईकर्मियों के हितों को लगातार अनदेखा किया जा रहा है। सफाई कर्मियों की सेहत और जान की सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी की गई गाइडलाइन को भी अनदेखा किया जा रहा है। पिछले दिनों राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य मंजू दिलेर ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई थी। इसके बाद भी व्यवस्था में कोई सुधार नजर नहीं आया है।
पिछले दिन सर्किट हाउस में बैठक लेने पहुंची राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य मंजू दिलेर ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी और देहात की सफाई व्यवस्था देख रहे अफसरों को जमकर फटकारा था। साथ ही सफाई कर्मचारियों को तमाम सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए थे। सफाई कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि मंजू दिलेर की बैठक के बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं आया है। अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सोनी आजाद ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार सफाई कर्मियों को हाथ धुलने के लिए अच्छा साबुन, सेफ्टी किट जिसमें ग्लब्स, जूते, मास्क आदि शामिल है। सीवर में उतरने के लिए ग्लब्स, ऑक्सीजन सिलेंडर आदि मिलनी चाहिए। इसके अलावा उपकरणों में झाडू, तसला, फावड़ा, रेहड़ा आदि मिलने चाहिएं। मगर झाडू पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलती है। साल में दो बार सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य की जांच के लिए मेडिकल कैंप चाहिएं। उन्होंने जल्द ही इस संबंध में शासन और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग केे चिट्ठी लिखने की बात कही है।
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सहारनपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत मिशन को शुरू हुए कल चार साल हो रहे हैं। खास बात यह है कि मिशन में नीव के पत्थर का काम कर रहे सफाईकर्मियों के हितों को लगातार अनदेखा किया जा रहा है। सफाई कर्मियों की सेहत और जान की सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी की गई गाइडलाइन को भी अनदेखा किया जा रहा है। पिछले दिनों राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य मंजू दिलेर ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई थी। इसके बाद भी व्यवस्था में कोई सुधार नजर नहीं आया है।
पिछले दिन सर्किट हाउस में बैठक लेने पहुंची राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य मंजू दिलेर ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी और देहात की सफाई व्यवस्था देख रहे अफसरों को जमकर फटकारा था। साथ ही सफाई कर्मचारियों को तमाम सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए थे। सफाई कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि मंजू दिलेर की बैठक के बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं आया है। अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सोनी आजाद ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार सफाई कर्मियों को हाथ धुलने के लिए अच्छा साबुन, सेफ्टी किट जिसमें ग्लब्स, जूते, मास्क आदि शामिल है। सीवर में उतरने के लिए ग्लब्स, ऑक्सीजन सिलेंडर आदि मिलनी चाहिए। इसके अलावा उपकरणों में झाडू, तसला, फावड़ा, रेहड़ा आदि मिलने चाहिएं। मगर झाडू पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलती है। साल में दो बार सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य की जांच के लिए मेडिकल कैंप चाहिएं। उन्होंने जल्द ही इस संबंध में शासन और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग केे चिट्ठी लिखने की बात कही है।
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