फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   हादसे में घायल कांवड़िए को नहीं मिला इलाज, मौत

हादसे में घायल कांवड़िए को नहीं मिला इलाज, मौत

Thu, 09 Aug 2018 12:20 AM IST
Updated Thu, 09 Aug 2018 12:20 AM IST
विज्ञापन
हादसे में घायल कांवड़िए को नहीं मिला इलाज, मौत
छुटमलपुर (सहारनपुर)। हरिद्वार से कांवड़ लेकर आ रहा शिवभक्त हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके साथी कांवड़िए उसे उठाए दो घंटे तक भटकते रहे, एंबुलेंस से लेकर पुलिस तक सभी को फोन किया, लेकिन सहायता के लिए कोई नहीं पहुंचा। वह उसे उत्तराखंड से लेकर सहारनपुर के फतेहपुर तक पहुंच गए। फतेहपुर में उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, लेकिन तक तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने कांवड़िए को मृत घोषित कर दिया। जिससे साथियों काफी आक्र ोश रहा।
विज्ञापन

बुधवार सुबह साढ़े छह बजे कांवड़िए अपने एक साथी 22 वर्षीय गुरमीत सिंह पुत्र लिल्लू को लहूलुहान हालत में लेकर फतेहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने घायल कांवड़िए को मृत घोषित कर दिया। उसे अस्पताल लाने वाले उसके साथियों रणधीर, मोनी और गुरजीत ने बताया कि वह हरियाणा के जिला जींद की नरवाना तहसील के उजाणा गांव से कांवड़ लेने आए थे। हरिद्वार से लौटते समय सुबह साढे़ चार बजे पिरान कलियर और धनोरी के बीच जल लेकर दौड़ रहे गुरमीत को सामने से आ रही तेज रफ्तार बाइक ने टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उन्होंने पहले 108 और फिर सौ नंबर पर लगातार फोन मिलाए। फोन तो रिसीव हुए, लेकिन मदद नहीं मिली। इसके बाद वे लगातार इन नंबरों पर फोन मिलाते हुए अपने घायल साथी को अपने वाहन में रख कर करीब बीस किमी दूर स्थित भगवानपुर की तरफ चले। भगवानपुर पहुंचने पर भी न तो पुलिस ने उनकी सुनी और ना ही उन्हें अस्पताल का पता बताया। उल्टे उन्हें छुटमलपुर की तरफ चलता कर दिया। यहां से 12 किमी की दूरी पर स्थित छुटमलपुर पहुंच कर वे किसी से पता करके फतेहपुर सीएचसी पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। उन्होंने अपने परिजनों को सूचना दी। सुबह 11 बजे पहुंचे परिजन बिना किसी कार्रवाई के शव लेकर लौट गए। हालांकि बाद में सोशल मीडिया पर खबर चलने पर उत्तराखंड की भगवानपुर पुलिस सीएचसी फतेहपुर तक आई थी। चिकित्सा अधीक्षक डा. नवदीप गुप्ता ने बताया कि हालांकि युवक के बचने के चांस ना के बराबर थे। उसे सिर में चोट थी, लेकिन फिर भी यदि समय से उपचार मिलता तो शायद कुछ हो सकता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed