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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी पर दिए विवादित बयान पर भड़के उलमा...कहा
Updated Thu, 26 Apr 2018 12:28 AM IST
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सुब्रमण्यम स्वामी के बयान पर भड़के देवबंदी उलमा
देवबंद (सहारनपुर)। भाजपा के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को आतंकवादियों के विचारों का अड्डा बताए जाने पर देवबंदी उलमा भड़क गए हैं। उलमाओं ने कहा कि सुब्रमण्यम स्वामी दिमागी संतुलन खो चुके, इसलिए उन्हें इलाज की सख्त जरूरत है।
दारुल उलूम अशरफिया के मोहतमिम मौलाना सालिम अशरफ कासमी का कहना है कि इस तरह के विवादित बयान देकर नेता भारत की संस्कृति और एकता को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। पहले मदरसों को आतंकवाद का अड्डा बताया जाता था और अब यूनिवर्सिटियों का रुख किया जा रहा है। ऐसे हालात में बच्चे तालीम हासिल करने कहां जाएं। फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी का कहना है कि मुल्क की जितनी खुफिया एजेंसी हैं उन सबकी नजर यूनिवर्सिटी और मदरसों पर रहती है। लेकिन आज तक इनमें कोई गलत गतिविधियों में शामिल नहीं मिला। सुब्रमण्यम स्वामी को इसकी खबर कहां से लग गई यह सोच का विषय है और ये एजेंसियों के ऊपर भी सवाल खड़ा करने वाला मामला है। मुफ्ती अरशद ने कहा कि मुस्लिम तंजीमों और यूनिवर्सिटी प्रशासन को चाहिए कि वह सुब्रमण्यम स्वामी के खिलाफ नोटिस जारी करें। तंजीम उलमा-ए-हिंद के प्रदेशाध्यक्ष मौलाना नदीमुलवाजदी का कहना है कि सुब्रमण्यम स्वामी का मकसद केवल सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का है।
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देवबंद (सहारनपुर)। भाजपा के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को आतंकवादियों के विचारों का अड्डा बताए जाने पर देवबंदी उलमा भड़क गए हैं। उलमाओं ने कहा कि सुब्रमण्यम स्वामी दिमागी संतुलन खो चुके, इसलिए उन्हें इलाज की सख्त जरूरत है।
दारुल उलूम अशरफिया के मोहतमिम मौलाना सालिम अशरफ कासमी का कहना है कि इस तरह के विवादित बयान देकर नेता भारत की संस्कृति और एकता को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। पहले मदरसों को आतंकवाद का अड्डा बताया जाता था और अब यूनिवर्सिटियों का रुख किया जा रहा है। ऐसे हालात में बच्चे तालीम हासिल करने कहां जाएं। फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी का कहना है कि मुल्क की जितनी खुफिया एजेंसी हैं उन सबकी नजर यूनिवर्सिटी और मदरसों पर रहती है। लेकिन आज तक इनमें कोई गलत गतिविधियों में शामिल नहीं मिला। सुब्रमण्यम स्वामी को इसकी खबर कहां से लग गई यह सोच का विषय है और ये एजेंसियों के ऊपर भी सवाल खड़ा करने वाला मामला है। मुफ्ती अरशद ने कहा कि मुस्लिम तंजीमों और यूनिवर्सिटी प्रशासन को चाहिए कि वह सुब्रमण्यम स्वामी के खिलाफ नोटिस जारी करें। तंजीम उलमा-ए-हिंद के प्रदेशाध्यक्ष मौलाना नदीमुलवाजदी का कहना है कि सुब्रमण्यम स्वामी का मकसद केवल सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का है।
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