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मारपीट के मामले चार को दो-दो साल का कारावास
Updated Sun, 15 Apr 2018 02:12 AM IST
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मारपीट के मामले चार को दो-दो साल का कारावास
सहारनपुर। पारिवारिक विवाद के चलते घर में घुसकर मारपीट करने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने चार आरोपियों को दो-दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दो-दो हजार रुपये का अर्थदंड़ भी लगाया। वादी ने पत्नी के रिश्तेदारों के खिलाफ कोतवाली सदर बाजार में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मोहल्ला मिशन कंपाउंड निवासी ललित वाधवा ने 12 अक्टूबर 2008 को आईपीसी की धारा 323, 324, 504 और 506 के तहत कोतवाली सदर बाजार में अपनी पत्नी के रिश्तेदार पुनीत नरूला सुक्खूपुरा, कमल धींगड़ा, हैप्पी धींगड़ा निवासी ज्वालानगर और मोनू गुलाटी निवासी आवास विकास के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ललित वाधवा ने बताया था कि आरोपी उसकी पत्नी के रिश्तेदार हैं, जिन्होंने पत्नी के नाम मकान करने का दबाव बनाया था। विरोध करने पर आरोपियों ने घर में घुसकर धारदार हथियारों से हमला कर उसे घायल कर दिया था।
पुलिस ने उसका मेडिकल कराकर रिपोर्ट दर्ज की थी और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय डा. दीनानाथ ने तमाम गवाहों को सुनने के बाद दोष सिद्ध होने पर 12 अप्रैल आरोपियों को दो-दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दो-दो हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। ललित वाधवा का कहना है कि दस साल बाद कोर्ट के फैसले उन्हें राहत मिली हैं। पत्नी के रिश्तेदारों ने उस पर घातक हमला किया था।
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सहारनपुर। पारिवारिक विवाद के चलते घर में घुसकर मारपीट करने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने चार आरोपियों को दो-दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दो-दो हजार रुपये का अर्थदंड़ भी लगाया। वादी ने पत्नी के रिश्तेदारों के खिलाफ कोतवाली सदर बाजार में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मोहल्ला मिशन कंपाउंड निवासी ललित वाधवा ने 12 अक्टूबर 2008 को आईपीसी की धारा 323, 324, 504 और 506 के तहत कोतवाली सदर बाजार में अपनी पत्नी के रिश्तेदार पुनीत नरूला सुक्खूपुरा, कमल धींगड़ा, हैप्पी धींगड़ा निवासी ज्वालानगर और मोनू गुलाटी निवासी आवास विकास के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ललित वाधवा ने बताया था कि आरोपी उसकी पत्नी के रिश्तेदार हैं, जिन्होंने पत्नी के नाम मकान करने का दबाव बनाया था। विरोध करने पर आरोपियों ने घर में घुसकर धारदार हथियारों से हमला कर उसे घायल कर दिया था।
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पुलिस ने उसका मेडिकल कराकर रिपोर्ट दर्ज की थी और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय डा. दीनानाथ ने तमाम गवाहों को सुनने के बाद दोष सिद्ध होने पर 12 अप्रैल आरोपियों को दो-दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दो-दो हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। ललित वाधवा का कहना है कि दस साल बाद कोर्ट के फैसले उन्हें राहत मिली हैं। पत्नी के रिश्तेदारों ने उस पर घातक हमला किया था।
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