{"_id":"5aac0b7a4f1c1ba2238b592c","slug":"31521224570-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव कुंडकला के प्रधान को हटाने का प्रस्ताव भेजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांव कुंडकला के प्रधान को हटाने का प्रस्ताव भेजा
Updated Sat, 17 Mar 2018 12:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में वित्तीय अनियमितता मिलने पर ब्लॉक गंगोह के गांव कुंडा कला के प्रधान को हटाने का प्रस्ताव जिलाधिकारी को भेजा गया। जांच में 10 ग्राम पंचायतों में 78.56 लाख की अनियमितता मिली थी।
ग्रामीणों की शिकायतों पर डीएम पीके पांडेय ने एआर कोआपरेटिव हरेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक जांच टीम गठित कर गंगोह ब्लॉक की 19 ग्राम पंचायतों द्वारा कराए गए विकास कार्यों की जांच के निर्देश दिए थे। एक गांव की जांच नहीं हो सकी और आठ ग्राम पंचायतों के प्रधानों और सचिवों पर लगे आरोप निराधार पाए गए, जबकि गांव कुंडाकला में ग्राम प्रधान और सचिव पर 48.36 लाख रुपये की अनियमितता बरतने की बात सामने आई। कुंडाकला सहित गांव शालियर, रादौर, पखनपुर, सालापुर, सलगपुर, बुखमपुर, कल्लरहेड़ी, धानवा में विकास कार्यों में 78.56 लाख रुपये की अनियमितता मिली थी। जांच समिति ने रिपोर्ट डीएम को सौंप दी थी। मुख्य विकास अधिकारी संजीव रंजन ने बताया कि गांव कुंडाकला के प्रधान को हटाने का प्रस्ताव जिलाधिकारी को भेजा गया है, जबकि अन्य गांवों में मिली अनियमितता के लिए ग्राम प्रधानों और सचिवों को रिकवरी नोटिस जारी किए गए हैं। रिकवरी नहीं होने की स्थिति में इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
प्रधान ने लगाए संगीन आरोप
सहारनपुर। गांव कुंडाकला की महिला प्रधान शमीम के पति गुलफाम का कहना है कि उनके गांव में सभी विकास कार्य पूरे कराए गए। मगर, जांच अधिकारी ने गांव का भ्रमण किए बिना ही रिपोर्ट लगा दी। आरोप लगाया कि जांच अधिकारी ने सुविधा शुल्क की मांग की थी। इसी के चलते 48 लाख रुपये के गबन की रिपोर्ट लगा दी। उधर, जांच अधिकारी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों की शिकायतों पर डीएम पीके पांडेय ने एआर कोआपरेटिव हरेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक जांच टीम गठित कर गंगोह ब्लॉक की 19 ग्राम पंचायतों द्वारा कराए गए विकास कार्यों की जांच के निर्देश दिए थे। एक गांव की जांच नहीं हो सकी और आठ ग्राम पंचायतों के प्रधानों और सचिवों पर लगे आरोप निराधार पाए गए, जबकि गांव कुंडाकला में ग्राम प्रधान और सचिव पर 48.36 लाख रुपये की अनियमितता बरतने की बात सामने आई। कुंडाकला सहित गांव शालियर, रादौर, पखनपुर, सालापुर, सलगपुर, बुखमपुर, कल्लरहेड़ी, धानवा में विकास कार्यों में 78.56 लाख रुपये की अनियमितता मिली थी। जांच समिति ने रिपोर्ट डीएम को सौंप दी थी। मुख्य विकास अधिकारी संजीव रंजन ने बताया कि गांव कुंडाकला के प्रधान को हटाने का प्रस्ताव जिलाधिकारी को भेजा गया है, जबकि अन्य गांवों में मिली अनियमितता के लिए ग्राम प्रधानों और सचिवों को रिकवरी नोटिस जारी किए गए हैं। रिकवरी नहीं होने की स्थिति में इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
विज्ञापन
प्रधान ने लगाए संगीन आरोप
सहारनपुर। गांव कुंडाकला की महिला प्रधान शमीम के पति गुलफाम का कहना है कि उनके गांव में सभी विकास कार्य पूरे कराए गए। मगर, जांच अधिकारी ने गांव का भ्रमण किए बिना ही रिपोर्ट लगा दी। आरोप लगाया कि जांच अधिकारी ने सुविधा शुल्क की मांग की थी। इसी के चलते 48 लाख रुपये के गबन की रिपोर्ट लगा दी। उधर, जांच अधिकारी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया।
विज्ञापन