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कब्जामुक्त कराने गई पुलिस ने की थी वृद्ध से मारपीट, वीडियो वायरल
Updated Wed, 24 Jan 2018 11:53 PM IST
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गंगोह/सहारनपुर। दो युवकों की मौत के मामले में सहारनपुर पुलिस की संवेदनहीनता सामने आने के बाद अब एक और वीडियो वायरल होने पर गंगोह पुलिस का बर्बर चेहरा भी सामने आया है। वीडियो में कथित रूप से सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोपी करीब 70 वर्षीय वृद्ध को पुलिस बेरहमी से पीटती दिखाई दे रही है। इतना ही नही बल्कि उसके पूरे परिवार के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज करा दी गई।
आरोप है कि उसके सैनिक बेटे ने जब कोतवाल से इस बारे में बात की तो उसके साथ बेहद अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए जेल में ठूंसने की धमकी दी गई। हालांकि पुलिस सभी आरोपों को बेबुनियाद बता रही है। बता दें कि 6 जनवरी को तहसीलदार नकुड़ के निर्देशानुसार राजस्व निरीक्षक राजेश गुप्ता के नेतृत्व में लेखपाल राजकुमार, राकेश कुमार, मो. इसरार गांव ताताहेडी में ग्राम समाज की जमीन कब्जा मुक्त कराने पहुंचे थे। उनके साथ गंगोह पुलिस के एसआई नीरज कुमार भी पुलिस बल के साथ सुरक्षा की दृष्टि से साथ गए थे। लेखपाल राजकुमार का आरोप है कि पैमाईश के दौरान आरोपी कब्जाधारक सरदारा ने अपने पुत्र प्रमोद एवं सोनम के साथ उस पर जानलेवा हमला कर दिया था। सरदारा और प्रमोद को मौके से ही पकड़ लिया गया था। मामले में लेखपाल की और से सरदारा और प्रमोद और सोनम के साथ ही घर की तमाम महिलाओं एवं अन्य परिजनों सहित 8 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई थी। इस मामले में पिता और पुत्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मगर, इस मामले में एक वीडियो वायरल होने के बाद नया मोड़ आया है। जिसमें पुलिस आरोपी 75 वर्षीय वृद्ध सरदारा और उसके पुत्र प्रमोद के साथ बड़ी बेरहमी से मारपीट करती दिखाई दे रही है। वीडियो वायरल होने के बाद एक बार फिर पुलिस का बर्बर चेहरा सामने आ गया है। पीड़ितों का आरोप है कि सरदारा के सैनिक पुत्र अजय कुमार ने जब कोतवाल से मामले में जानकारी कर निष्पक्ष कार्रवाई के लिए फोन पर बात की तो उसे भी धमकी दी गई। पुलिस के भय से परिवार की सभी महिलाओं घर का ताला लगाकर गांव से पलायन कर गई है। उधर ग्रामीणों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि लेखपाल और सरदारा के पुत्र प्रमोद में कहासुनी और हाथापाई हुई थी। जिसके बाद पुलिस ने बर्बरता दिखाते हुए उनके साथ मारपीट की थी। दोनों को मारपीट कर घसीटते हुए जीप में डालकर कोतवाली ले जाया गया था। कोतवाली प्रभारी संजीव कुमार ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने अजय कुमार का फोन आने की बात तो स्वीकार की परंतु अभद्रता और आरोपियों से मारपीट की बात को पूरी तरह नकार दिया।
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आरोप है कि उसके सैनिक बेटे ने जब कोतवाल से इस बारे में बात की तो उसके साथ बेहद अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए जेल में ठूंसने की धमकी दी गई। हालांकि पुलिस सभी आरोपों को बेबुनियाद बता रही है। बता दें कि 6 जनवरी को तहसीलदार नकुड़ के निर्देशानुसार राजस्व निरीक्षक राजेश गुप्ता के नेतृत्व में लेखपाल राजकुमार, राकेश कुमार, मो. इसरार गांव ताताहेडी में ग्राम समाज की जमीन कब्जा मुक्त कराने पहुंचे थे। उनके साथ गंगोह पुलिस के एसआई नीरज कुमार भी पुलिस बल के साथ सुरक्षा की दृष्टि से साथ गए थे। लेखपाल राजकुमार का आरोप है कि पैमाईश के दौरान आरोपी कब्जाधारक सरदारा ने अपने पुत्र प्रमोद एवं सोनम के साथ उस पर जानलेवा हमला कर दिया था। सरदारा और प्रमोद को मौके से ही पकड़ लिया गया था। मामले में लेखपाल की और से सरदारा और प्रमोद और सोनम के साथ ही घर की तमाम महिलाओं एवं अन्य परिजनों सहित 8 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई थी। इस मामले में पिता और पुत्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मगर, इस मामले में एक वीडियो वायरल होने के बाद नया मोड़ आया है। जिसमें पुलिस आरोपी 75 वर्षीय वृद्ध सरदारा और उसके पुत्र प्रमोद के साथ बड़ी बेरहमी से मारपीट करती दिखाई दे रही है। वीडियो वायरल होने के बाद एक बार फिर पुलिस का बर्बर चेहरा सामने आ गया है। पीड़ितों का आरोप है कि सरदारा के सैनिक पुत्र अजय कुमार ने जब कोतवाल से मामले में जानकारी कर निष्पक्ष कार्रवाई के लिए फोन पर बात की तो उसे भी धमकी दी गई। पुलिस के भय से परिवार की सभी महिलाओं घर का ताला लगाकर गांव से पलायन कर गई है। उधर ग्रामीणों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि लेखपाल और सरदारा के पुत्र प्रमोद में कहासुनी और हाथापाई हुई थी। जिसके बाद पुलिस ने बर्बरता दिखाते हुए उनके साथ मारपीट की थी। दोनों को मारपीट कर घसीटते हुए जीप में डालकर कोतवाली ले जाया गया था। कोतवाली प्रभारी संजीव कुमार ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने अजय कुमार का फोन आने की बात तो स्वीकार की परंतु अभद्रता और आरोपियों से मारपीट की बात को पूरी तरह नकार दिया।
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