{"_id":"597f7a934f1c1bd9148b4636","slug":"31501526675-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"औघडदानी नर्मदेश्वर महादेव मंदिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
औघडदानी नर्मदेश्वर महादेव मंदिर
Updated Tue, 01 Aug 2017 12:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। औघड़दानी नर्मदेश्वर महादेव मंदिर की पवित्र गुफा में सोमवार को महादेव का 51 हजार रुद्राक्षों से महाभिषेक किया गया।
राधा विहार स्थित मंदिर में चल रही श्रावण मास पूजा के चौथे दिन महाभिषेक के बाद स्वामी कालेंद्रानंद जी महाराज ने कहा कि रुद्र के अक्ष से ही जगत का कल्याण संभव है। रुद्राक्ष ही शिव का प्रत्यक्ष रूप है। नेपाल वन से मंगाए गए 51 हजार रुद्राक्षों से पूजा अर्चना की गई। रुद्राक्ष श्रंगार करके रुद्रीपाठी एवं शिव सहस्त्रनाम स्त्रोत्र से चार श्रृंगियों के माध्यम से महाअमृत अभिषेक किया गया। उन्होंने कहा कि शिव के तांडव करते समय शिव नेत्र से बहे अश्रु से ही रुद्राक्ष बने हैं। श्री हरि विष्णु ने शिव को अर्पण किया तो शिव ने प्रसन्न होकर उन पर कृपा की। उन्होंने कहा कि रुद्राक्ष श्रंगार अभिषेक पूजा से दैहिक, दैविक और भौतिक ताप समूल शांत हो जाते हैं। शिव रुद्राक्ष धारण करने से जीवन संतुलित हो रहता है। इस दौरान अरुण स्वामी, मेहरचंद जैन, सुरेश गुप्ता, रमेश शर्मा, नरेश चंदेल, राजेंद्र, मुकेश शर्मा, गीता, विभा, किरण, बाला, अमिता, राधा, रेखा, संगीता आदि रहे।
विज्ञापन
राधा विहार स्थित मंदिर में चल रही श्रावण मास पूजा के चौथे दिन महाभिषेक के बाद स्वामी कालेंद्रानंद जी महाराज ने कहा कि रुद्र के अक्ष से ही जगत का कल्याण संभव है। रुद्राक्ष ही शिव का प्रत्यक्ष रूप है। नेपाल वन से मंगाए गए 51 हजार रुद्राक्षों से पूजा अर्चना की गई। रुद्राक्ष श्रंगार करके रुद्रीपाठी एवं शिव सहस्त्रनाम स्त्रोत्र से चार श्रृंगियों के माध्यम से महाअमृत अभिषेक किया गया। उन्होंने कहा कि शिव के तांडव करते समय शिव नेत्र से बहे अश्रु से ही रुद्राक्ष बने हैं। श्री हरि विष्णु ने शिव को अर्पण किया तो शिव ने प्रसन्न होकर उन पर कृपा की। उन्होंने कहा कि रुद्राक्ष श्रंगार अभिषेक पूजा से दैहिक, दैविक और भौतिक ताप समूल शांत हो जाते हैं। शिव रुद्राक्ष धारण करने से जीवन संतुलित हो रहता है। इस दौरान अरुण स्वामी, मेहरचंद जैन, सुरेश गुप्ता, रमेश शर्मा, नरेश चंदेल, राजेंद्र, मुकेश शर्मा, गीता, विभा, किरण, बाला, अमिता, राधा, रेखा, संगीता आदि रहे।