फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   शिक्षक सम्मान के बहाने सवर्ण आरक्षण पर सरकार को घेरा

शिक्षक सम्मान के बहाने सवर्ण आरक्षण पर सरकार को घेरा

Mon, 14 Jan 2019 12:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jan 2019 12:18 AM IST
विज्ञापन
शिक्षक सम्मान के बहाने सवर्ण आरक्षण पर सरकार को घेरा
सहारनपुर। भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने शिक्षक सम्मान कार्यक्रम के सहारे सवर्ण आरक्षण को लेकर सरकार पर जमकर हमला बोला। भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर ने कहा कि जाट, गुर्जर समाज के लोगों को आरक्षण के लिए लंबा आंदोलन करना पड़ता है, लेकिन 15 फीसदी लोगों को दो दिन में आरक्षण दे दिया जाता है।
विज्ञापन

चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि देश में 85 प्रतिशत एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक मुस्लिम समाज, शोषित समाज है। सिर्फ 15 प्रतिशत लोगों को दो दिन में आरक्षण दे दिया गया। ढाई लाख पर टैक्स लगता है, लेकिन आठ लाख कमाने वाले को गरीब मान लिया गया। उन्होंने कहा कि 86 फीसदी नौकरियों में, 96 फीसदी व्यापार में, 78 प्रतिशत शिक्षा के क्षेत्र में, 94 फीसदी भूमि धारी तथा 70 प्रतिशत राजनीति में सवर्ण ही हैं। फिर भी उन्हें आरक्षण दे दिया। इन्हें मुस्लिम, अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग से कोई लेना देना नहीं है।
विज्ञापन

चंद्रशेखर ने कहा कि जिन सांसदों ने सवर्णों का आरक्षण पारित करने में सहमति जताई उनका विरोध करना होगा। उन्होंने कहा कि देश को झूठ बोलने वाला प्रधानमंत्री नहीं चाहिए। बहुजन समाज में ऐसे कई मजबूत नेता हैं जो सरकार चलाना जानते हैं और बिना दंगे के सरकार पांच साल पूरा करना भी जानते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

चार अ को जोड़ना है
चंद्रशेखर ने कहा कि उन्हें कई बार प्रलोभन दिया गया, लेकिन ऐसा नोट नहीं बना जो खरीद सके। जो 42 लोग जेल होकर आए हैं, उन्हें दोबारा जेल नहीं जाने देंगे। उन्होंने कहा कि हम संघर्षों के आदी हैं, हम आंबेडकरवादी हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार असमानता, अन्याय, अपमान, अशिक्षा में उलझाना चाहती है, लेकिन भीम आर्मी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों को एकजुट कर चारों अ को जोड़ना चाहती है। कार्यकर्ताओं से भीम आर्मी के लिए एक-एक रुपया प्रतिघर से देने की बात भी कही।
मायावती को प्रधानमंत्री बनाने की मांग उठी
कार्यक्रम में मुरादनगर के पूर्व विधायक वहाब चौधरी के भाई निजाम चौधरी ने कहा कि सहारनपुर से उठी चिंगारी देश के कोने-कोने में पहुंच चुकी है। आज तक अनुसूचित जाति का कोई प्रधानमंत्री नहीं बना है। इस बार बहन मायावती को प्रधानमंत्री बनाया जाएगा। भीम आर्मी भी चाहती है अनुसूचित वर्ग का प्रधानमंत्री बने। वहीं, बिजनौर के पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी ने कहा कि 85 फीसदी जनता पर बाबा साहब का अहसान है। उनके बाद कांशीराम ने लाठी लेकर चलने की हिम्मत बख्शी। अब चंद्रशेखर नया रास्ता दिखा रहे हैं। चंद्रशेखर जैसा व्यक्ति 100 साल तक कोई नहीं होगा। 260 शिक्षकों को किया सम्मानित
शिक्षक सम्मान समारोह में भीम आर्मी की 350 पाठशालाओं के 260 शिक्षकों को सम्मानित किया। पाठशाला लबकरी की छात्रा रिया ने कहा कि देश में आंबेडकरवाद लाकर रहेंगे। भीम आर्मी पाठशाला काशीपुर की छात्रा तान्या ने कहा कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे संविधान को पहचान रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन भीम आर्मी जिलाध्यक्ष कमल सिंह वालिया ने किया। इस मौके पर परविंद्र भाटी, दारुल उलूम देवबंद के मुफ्ती अहमद, प्रोफेसर महेंद्र, भीम आर्मी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मंजीत सिंह नोटियाल समेत अनेक लोग शामिल रहे।

नोटिस देने पर विचार कर रही पुलिस
भीम आर्मी के कार्यक्रम को लेकर पुलिस की तरफ से नोटिस देने पर विचार चल रहा है। नोटिस की वजह से कई बिन्दु माने जा रहे हैं, जिसमें कार्यक्रम के लिए 12 से 2 बजे तक की अनुमति ली गई थी, जबकि कार्यक्रम 4 बजे तक चला। इसके अलावा 400 कार्यकर्ताओं के आने की बात कही थी, लेकिन एक हजार से ज्यादा पहुंचे। मार्ग अवरुद्ध नहीं होने की बात कही थी, लेकिन मार्ग अवरुद्ध हुआ। वहीं, हॉस्टल के छात्रों को दिक्कत नहीं होने देने की बात कही थी, लेकिन लाउडस्पीकर से ध्वनि प्रदूषण किया गया। शिक्षक सम्मान समारोह बताया था, लेकिन मंच से राजनीतिक बातें भी कहीं गई। इन सभी बिन्दुओं को लेकर पुलिस की तरफ से भीम आर्मी को नोटिस देने पर विचार चल रहा है। वहीं, विवादित नारे और बोल को लेकर अभी पुलिस जानकारी से इंकार कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed