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गन्ना तौल के लिए पर्चियां न आने से किसान परेशान
Updated Tue, 13 Mar 2018 12:13 AM IST
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गन्ना तौल के लिए पर्चियां न आने से किसान परेशान
साढौली कदीम। जहां एक ओर गन्ना किसान अपने खेतों में खडी गन्ने की फसल को लेकर चिंतित हैं वहीं मिल द्वारा एक सप्ताह में मात्र तीन-चार दिन ही गन्ना क्रय केन्द्रों पर कुछ समय के लिए तौल कराया जाता है। क्षेत्र में शेरमऊ चीनी मिल के क्रय केन्द्रों पर सोमवार को दिन भर गन्ना तौल बंद रहने के चलते किसान क्रय केंद्रो पर शाम तक तौल चालू होने का इंतजार करते रहे। गन्ना किसान अनिल कुमार, बिजेन्द्र सिंह, बिटटू, अवनीश, केहर सिंह, शम्भू सिंह, अफजाल, माजिद, खालिद, इरशाद आदि का कहना है कि उनके खेतों में अभी गन्ने की भरपूर फसल खड़ी है। वे अपनी गन्ना पर्चियां न मिलने के चलते लगातार समिति के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे है। गन्ना सीजन के चार माह से अधिक समय बीतने के बावजूद गन्ना कैलेंडर के अनुसार समिति द्वारा क्षेत्र के किसानों को तीसरे कालम की पर्चियां दी जा रही है। ऐसे में कैलेंडर के 12वें कालम की पर्चियां कितने माह बाद किसानों को मिल पाएंगी। गन्ना किसानों के सामने यह एक गम्भीर समस्या बन रही है। किसानों के अनुसार एक सप्ताह में मिल के गन्ना क्रय केन्द्रों पर मात्र तीन-चार दिन ही कुछ समय के लिए तौल कराया जाता है। किसानों ने समय से गन्ने की आपूर्ति कराये जाने के साथ ही तौल सुचारू कराये जाने की मांग की है।
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साढौली कदीम। जहां एक ओर गन्ना किसान अपने खेतों में खडी गन्ने की फसल को लेकर चिंतित हैं वहीं मिल द्वारा एक सप्ताह में मात्र तीन-चार दिन ही गन्ना क्रय केन्द्रों पर कुछ समय के लिए तौल कराया जाता है। क्षेत्र में शेरमऊ चीनी मिल के क्रय केन्द्रों पर सोमवार को दिन भर गन्ना तौल बंद रहने के चलते किसान क्रय केंद्रो पर शाम तक तौल चालू होने का इंतजार करते रहे। गन्ना किसान अनिल कुमार, बिजेन्द्र सिंह, बिटटू, अवनीश, केहर सिंह, शम्भू सिंह, अफजाल, माजिद, खालिद, इरशाद आदि का कहना है कि उनके खेतों में अभी गन्ने की भरपूर फसल खड़ी है। वे अपनी गन्ना पर्चियां न मिलने के चलते लगातार समिति के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे है। गन्ना सीजन के चार माह से अधिक समय बीतने के बावजूद गन्ना कैलेंडर के अनुसार समिति द्वारा क्षेत्र के किसानों को तीसरे कालम की पर्चियां दी जा रही है। ऐसे में कैलेंडर के 12वें कालम की पर्चियां कितने माह बाद किसानों को मिल पाएंगी। गन्ना किसानों के सामने यह एक गम्भीर समस्या बन रही है। किसानों के अनुसार एक सप्ताह में मिल के गन्ना क्रय केन्द्रों पर मात्र तीन-चार दिन ही कुछ समय के लिए तौल कराया जाता है। किसानों ने समय से गन्ने की आपूर्ति कराये जाने के साथ ही तौल सुचारू कराये जाने की मांग की है।