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घोटाले के आरोपी की फर्म को ठेका देने पर सवाल
Updated Wed, 24 Jan 2018 11:49 PM IST
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सहारनपुर। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा एनआरएचएम घोटाले के आरोपी को करोड़ों रुपये के ठेके दिए जाने का मामला सामने आया है, जिसपर सवाल उठ रहे हैं। गौरव मिश्रा नाम के व्यक्ति ने इस संबंध में कमिश्नर और डीएम से शिकायत की है, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया है। डीएम पीके पांडेय ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखकर जवाब मांगा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीएस सोढी ने जवाब में डीएम को चिट्ठी भेजी है। उनका कहना है कि उन्होंने डॉ. नरेशचंद कात्यान और डॉ. धर्मवीर सिंह से मामले की जांच कराई है। जांच आख्या में पता चला है कि तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सईद मोहम्मद ने जो समाचार पत्रों में विज्ञापन देकर टेंडर की जिन शर्तों और नियमों पर निविदाएं आमंत्रित की थीं। उन निविदा प्रपत्र संबंधी नियम और शर्तों में ऐसा कोई नियम व शर्त नहीं था, जिसके आधार पर आरोपियों की फर्म को निविदा से बाहर किया जा सके। उधर, शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि नियम नहीं था तो भी आरोपी को ठेका देने से बचा जा सकता था। शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की जांच अपने स्तर से कराने की मांग प्रशासन से की है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीएस सोढी ने जवाब में डीएम को चिट्ठी भेजी है। उनका कहना है कि उन्होंने डॉ. नरेशचंद कात्यान और डॉ. धर्मवीर सिंह से मामले की जांच कराई है। जांच आख्या में पता चला है कि तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सईद मोहम्मद ने जो समाचार पत्रों में विज्ञापन देकर टेंडर की जिन शर्तों और नियमों पर निविदाएं आमंत्रित की थीं। उन निविदा प्रपत्र संबंधी नियम और शर्तों में ऐसा कोई नियम व शर्त नहीं था, जिसके आधार पर आरोपियों की फर्म को निविदा से बाहर किया जा सके। उधर, शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि नियम नहीं था तो भी आरोपी को ठेका देने से बचा जा सकता था। शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की जांच अपने स्तर से कराने की मांग प्रशासन से की है।
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