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एनसीआर में शामिल होने पर बदलेगी जिले की सूरत
Updated Wed, 10 Jan 2018 12:29 AM IST
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सहारनपुर। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर में शामिल करने को राज्य सरकार ने हरी झंडी दे दी है। प्रस्ताव एनसीआर बोर्ड को भेजा दिया गया है, जिसे अंतिम निर्णय लेना है। मगर सरकार के कदम से सहारनपुर की जनता में खुशी की लहर दौड़ गई है। क्योंकि लोगों को उम्मीद है कि एनसीआर में शामिल होने से जिले की सूरत बदल जाएगी।
आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने 2014 में सहारनपुर समेत प्रदेश के कई जनपदों के डीएम को पत्र लिखकर जनपदों के संबंध में जानकारी मांगी थी। जनपद की कुल आबादी, मौजूदा सुविधाओं के बारे में पूछा था। साथ ही पूछा था कि एनसीआर में शामिल करने के बाद किन-किन सुविधाओं की जरूरत पड़ेगी। सहारनपुर की ओर से विकास प्राधिकरण ने प्रस्ताव बनाकर भेजा था। वर्ष 2015 में सहारनपुर मंडल के दो अन्य जिले मुजफ्फरनगर और शामली को एनसीआर में शामिल कर लिया गया, मगर सहारनपुर को शामिल करने पर रोक लगा दी गई थी। तब से लगातार सहारनपुर को शामिल कराने की मांग उठती रही है। सहारनपुर विकास प्राधिकरण की ओर से कुल तीन बार प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा चुका है। अब तीन दिन पहले ही प्रदेश के आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव मुकुल सिंघल ने सहारनपुर को एनसीआर में शामिल करने का प्रस्ताव एनसीआर बोर्ड को भेजा है। यानी प्रदेश सरकार ने सहारनपुर को एनसीआर में शामिल करने को हरी झंडी दे दी है। जिसे लेकर जनपदवासियों में खुुशी की लहर दौड़ पड़ी है। उन्हें अब जनपद की सूरत बदलने के साथ ही जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद जगी है। हालांकि चयन पर अंतिम निर्णय एनसीआर बोर्ड को लेना है।
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यह बढ़ेंगी सुविधाएं
सहारनपुर के एनसीआर में शामिल होने के बाद सबसे बड़ी जो सौगात मिलने की उम्मीद है वह है सहारनपुर तक मेट्रो ट्रेन चलाने की। गौरतलब है कि एनसीआर के सभी जनपदों तक मेट्रो को ले जाने पर काम चल रहा है। इसके अलावा यहां उद्योग और व्यापार को सिस्टम में लाया जाएगा, जिसका फायदा निश्चित रूप से उद्यमियों को तो मिलेगा ही। साथ ही लोगों के लिए भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। परिवहन की व्यवस्था में भी सुुधार आएगा। सिटी बसें चलने से लेकर लंबे रूट की यातायात व्यवस्था में भी सुधार होगा। बिजली की आपूर्ति निर्बाध 22 से 24 घंटे होगी। इनके अलावा पेयजल, सीवर, कचरा आदि की समस्याओं से भी निजात मिलेगी।
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शामिल कराने का प्रयास करूंगा: सांसद
सहारनपुर को एनसीआर में शामिल कराने की मांग मेरी ओर से कई बार सरकार के समक्ष रखी गई है। अंतत: सरकार ने इसे स्वीकार कर लिया है। जिसका प्रस्ताव बनाकर एनसीआर बोर्ड को भेजा गया है। प्रयास यही रहेगा कि एनसीआर बोर्ड सहारनपुर को शामिल कर ले। इस संबंध में जल्द ही संबंधित मंत्रालय और अधिकारियों से बात की जाएगी।
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एनसीआर में शामिल होने के बाद निश्चित ही सहारनपुर का विकास होगा। जनता की तमाम तरह की सुविधाएं बढ़ेंगी। मुजफ्फरनगर और शामली पहले से एनसीआर में शामिल हैं। सहारनपुर के चयन के बाद पूरे मंडल में विकास एक समान रूप से होगा।
दीपक अग्रवाल, कमिश्नर।
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आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने 2014 में सहारनपुर समेत प्रदेश के कई जनपदों के डीएम को पत्र लिखकर जनपदों के संबंध में जानकारी मांगी थी। जनपद की कुल आबादी, मौजूदा सुविधाओं के बारे में पूछा था। साथ ही पूछा था कि एनसीआर में शामिल करने के बाद किन-किन सुविधाओं की जरूरत पड़ेगी। सहारनपुर की ओर से विकास प्राधिकरण ने प्रस्ताव बनाकर भेजा था। वर्ष 2015 में सहारनपुर मंडल के दो अन्य जिले मुजफ्फरनगर और शामली को एनसीआर में शामिल कर लिया गया, मगर सहारनपुर को शामिल करने पर रोक लगा दी गई थी। तब से लगातार सहारनपुर को शामिल कराने की मांग उठती रही है। सहारनपुर विकास प्राधिकरण की ओर से कुल तीन बार प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा चुका है। अब तीन दिन पहले ही प्रदेश के आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव मुकुल सिंघल ने सहारनपुर को एनसीआर में शामिल करने का प्रस्ताव एनसीआर बोर्ड को भेजा है। यानी प्रदेश सरकार ने सहारनपुर को एनसीआर में शामिल करने को हरी झंडी दे दी है। जिसे लेकर जनपदवासियों में खुुशी की लहर दौड़ पड़ी है। उन्हें अब जनपद की सूरत बदलने के साथ ही जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद जगी है। हालांकि चयन पर अंतिम निर्णय एनसीआर बोर्ड को लेना है।
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यह बढ़ेंगी सुविधाएं
सहारनपुर के एनसीआर में शामिल होने के बाद सबसे बड़ी जो सौगात मिलने की उम्मीद है वह है सहारनपुर तक मेट्रो ट्रेन चलाने की। गौरतलब है कि एनसीआर के सभी जनपदों तक मेट्रो को ले जाने पर काम चल रहा है। इसके अलावा यहां उद्योग और व्यापार को सिस्टम में लाया जाएगा, जिसका फायदा निश्चित रूप से उद्यमियों को तो मिलेगा ही। साथ ही लोगों के लिए भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। परिवहन की व्यवस्था में भी सुुधार आएगा। सिटी बसें चलने से लेकर लंबे रूट की यातायात व्यवस्था में भी सुधार होगा। बिजली की आपूर्ति निर्बाध 22 से 24 घंटे होगी। इनके अलावा पेयजल, सीवर, कचरा आदि की समस्याओं से भी निजात मिलेगी।
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शामिल कराने का प्रयास करूंगा: सांसद
सहारनपुर को एनसीआर में शामिल कराने की मांग मेरी ओर से कई बार सरकार के समक्ष रखी गई है। अंतत: सरकार ने इसे स्वीकार कर लिया है। जिसका प्रस्ताव बनाकर एनसीआर बोर्ड को भेजा गया है। प्रयास यही रहेगा कि एनसीआर बोर्ड सहारनपुर को शामिल कर ले। इस संबंध में जल्द ही संबंधित मंत्रालय और अधिकारियों से बात की जाएगी।
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एनसीआर में शामिल होने के बाद निश्चित ही सहारनपुर का विकास होगा। जनता की तमाम तरह की सुविधाएं बढ़ेंगी। मुजफ्फरनगर और शामली पहले से एनसीआर में शामिल हैं। सहारनपुर के चयन के बाद पूरे मंडल में विकास एक समान रूप से होगा।
दीपक अग्रवाल, कमिश्नर।