{"_id":"5a49338f4f1c1b5c0c8b605b","slug":"21514746767-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसी कीमत पर मंजूर नहीं केंद्र का तीन तलाक बिल: खुर्शीदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसी कीमत पर मंजूर नहीं केंद्र का तीन तलाक बिल: खुर्शीदा
Updated Mon, 01 Jan 2018 12:29 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन तलाक के पारित बिल के विरोध में प्रदर्शन
देवबंद (सहारनपुर)। तीन तलाक पर केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पारित किए गए बिल को मुस्लिम महिलाएं किसी कीमत पर स्वीकार करने को तैयार नहीं है। रविवार को तीसरे दिन भी मुस्लिम महिलाओं ने इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सद्बुद्धि के लिए दुआएं मांगी।
रविवार को मोहल्ला पठानपुरा स्थित मदरसा जामिया इस्लामिया लिलबनात में मुस्लिम महिलाओं ने तीन तलाक पर पारित बिल का विरोध किया। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार को मुस्लिम विरोधी बताते हुए इसे राज्यसभा में पास नहीं होने देने की मांग की। संस्था की प्रबंधक खुर्शीदा खातून ने कहा कि तीन तलाक को लेकर केंद्र सरकार ने लोकसभा में जो बिल पेश किया है, उसमें बहुत सी खामियां हैं। जिन्हें दूर करने के लिए ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा था। लेकिन मुस्लिम तंजीमों के विरोध और पर्सनल लॉ बोर्ड की सिफारिश को दरकिनार कर सरकार ने जल्दबाजी में इसे पेश कर दिया। उन्होंने कहा कि 99 प्रतिशत मुस्लिम महिलाएं इस मुद्दे पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और दारुल उलूम के साथ हैं। जो महिलाएं इसका समर्थन कर रही हैं, उन्हें शरीयत और इस्लाम के बारे में जानकारी नहीं है। जैनब अरशी ने कहा कि जो महिलाएं इसके समर्थन में खड़ी हैं, वे नहीं जानती की उन्हें इससे कितना नुकसान होने वाला है। साथ ही इससे उनके बच्चों पर भी गलत असर पड़ेगा। कार्यक्रम में महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सद्बुद्धि के लिए दुआएं भी मांगी। इस मौके पर समरीन, गुलअफशा, फरहाना, शबनूर, सफ्फाना, सुमैय्या, फरहीन, आयशा खातून, सुमेरा, असमा आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन
देवबंद (सहारनपुर)। तीन तलाक पर केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पारित किए गए बिल को मुस्लिम महिलाएं किसी कीमत पर स्वीकार करने को तैयार नहीं है। रविवार को तीसरे दिन भी मुस्लिम महिलाओं ने इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सद्बुद्धि के लिए दुआएं मांगी।
रविवार को मोहल्ला पठानपुरा स्थित मदरसा जामिया इस्लामिया लिलबनात में मुस्लिम महिलाओं ने तीन तलाक पर पारित बिल का विरोध किया। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार को मुस्लिम विरोधी बताते हुए इसे राज्यसभा में पास नहीं होने देने की मांग की। संस्था की प्रबंधक खुर्शीदा खातून ने कहा कि तीन तलाक को लेकर केंद्र सरकार ने लोकसभा में जो बिल पेश किया है, उसमें बहुत सी खामियां हैं। जिन्हें दूर करने के लिए ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा था। लेकिन मुस्लिम तंजीमों के विरोध और पर्सनल लॉ बोर्ड की सिफारिश को दरकिनार कर सरकार ने जल्दबाजी में इसे पेश कर दिया। उन्होंने कहा कि 99 प्रतिशत मुस्लिम महिलाएं इस मुद्दे पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और दारुल उलूम के साथ हैं। जो महिलाएं इसका समर्थन कर रही हैं, उन्हें शरीयत और इस्लाम के बारे में जानकारी नहीं है। जैनब अरशी ने कहा कि जो महिलाएं इसके समर्थन में खड़ी हैं, वे नहीं जानती की उन्हें इससे कितना नुकसान होने वाला है। साथ ही इससे उनके बच्चों पर भी गलत असर पड़ेगा। कार्यक्रम में महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सद्बुद्धि के लिए दुआएं भी मांगी। इस मौके पर समरीन, गुलअफशा, फरहाना, शबनूर, सफ्फाना, सुमैय्या, फरहीन, आयशा खातून, सुमेरा, असमा आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन