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इलाज के दौरान बच्चे की मौत पर हंगामा
Updated Tue, 19 Dec 2017 12:41 AM IST
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इलाज के दौरान बच्चे की मौत पर हंगामा
बेहट (सहारनपुर)। ताजपुरा गांव में बुखार से पीड़ित बच्चे की इंजेक्शन लगाए जाने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने पर परिजनों ने झोलाछाप चिकित्सक के यहां हंगामा किया। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया और कोई कानूनी कार्रवाई इस मामले में नहीं की गई।
कोतवाली क्षेत्र के गांव ताजपुरा में वसीम के एक माह के बच्चे को कई दिन से बुखार आ रहा था। परिजन उसे लेकर गांव में ही एक झोलाछाप चिकित्सक के यहां पहुंचे। आरोप है कि चिकित्सक ने बच्चे को एक इंजेक्शन लगाया। इसे लगाने के कुछ देर बाद ही बच्चे की मौत हो गई।
परिवारीजनों ने आरोप लगाया कि चिकित्सक की ओर से उपचार में लापरवाही और सही ढंग से इंजेक्शन न लगाने के कारण बच्चे की मौत हो गई। बताया गया कि चिकित्सक ने पीड़ित बच्चे को इंजेक्शन लगाया। इसके कुछ देर बाद बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस पर परिजनों ने चिकित्सक के क्लीनिक पर हंगामा कर दिया। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस पहुंची। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों पक्षों में समझौता हो गया और पीड़ित पक्ष ने पुलिस के समक्ष कार्रवाई करने से इंकार कर दिया। कोतवाली प्रभारी एमपी सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों में ही मामला निपटने के कारण पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं की गई।
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बेहट (सहारनपुर)। ताजपुरा गांव में बुखार से पीड़ित बच्चे की इंजेक्शन लगाए जाने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने पर परिजनों ने झोलाछाप चिकित्सक के यहां हंगामा किया। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया और कोई कानूनी कार्रवाई इस मामले में नहीं की गई।
कोतवाली क्षेत्र के गांव ताजपुरा में वसीम के एक माह के बच्चे को कई दिन से बुखार आ रहा था। परिजन उसे लेकर गांव में ही एक झोलाछाप चिकित्सक के यहां पहुंचे। आरोप है कि चिकित्सक ने बच्चे को एक इंजेक्शन लगाया। इसे लगाने के कुछ देर बाद ही बच्चे की मौत हो गई।
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परिवारीजनों ने आरोप लगाया कि चिकित्सक की ओर से उपचार में लापरवाही और सही ढंग से इंजेक्शन न लगाने के कारण बच्चे की मौत हो गई। बताया गया कि चिकित्सक ने पीड़ित बच्चे को इंजेक्शन लगाया। इसके कुछ देर बाद बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस पर परिजनों ने चिकित्सक के क्लीनिक पर हंगामा कर दिया। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस पहुंची। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों पक्षों में समझौता हो गया और पीड़ित पक्ष ने पुलिस के समक्ष कार्रवाई करने से इंकार कर दिया। कोतवाली प्रभारी एमपी सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों में ही मामला निपटने के कारण पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं की गई।
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