{"_id":"5a24481c4f1c1bc1678bf7aa","slug":"21512327196-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुनिया के लिए रहमत का पैगाम लेकर आया इस्लाम : निगहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुनिया के लिए रहमत का पैगाम लेकर आया इस्लाम : निगहत
Updated Thu, 22 Nov 2018 12:06 AM IST
विज्ञापन
दुनिया के लिए रहमत का पैगाम लेकर आया इस्लाम : निगहत
देवबंद (सहारनपुर)। ईद मिलादुल नबी के मौके पर अंजुमन महबूब-ए-मुस्तफा तालीम मंजिल की ओर से जलसा आयोजित किया गया। इसमें दूर दराज से आईं हजारों महिलाओं ने शिरकत की। महिला वक्ताओं ने रसूल की सुन्नतों पर अमल करने का आह्वान किया गया।
बुधवार को इस्लामिया डिग्री कालेज में हुए कार्यक्रम में अंजुमन की अध्यक्ष कौसर निगहत उस्मानी ने कहा कि यह महीना रसूल अल्लाह की पैदाइश का महीना है। यह मुबारक महीना हमें इंसानियत और इस्लाम की शिक्षा अपनाने पर जोर देता है। इस्लाम पूरी दुनिया के लिए रहमत का पैगाम लेकर आया है। इस्लाम की बुनियादी शिक्षा में अमन और भाईचारा शामिल है। यही कारण है कि अल्लाह ने लोगों के साथ अच्छा सुलूक करने पर सबसे ज्यादा जोर दिया है। उन्होंने ऊंच-नीच का भेदभाव खत्म कर लोगों के बीच समानता स्थापित की। बुशरा निगहत ने कहा कि रसूल अल्लाह का किरदार और अखलाक को अपनी जिंदगी में उतारने वाला शख्स यकीनन तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ेगा।
सचिव जेबा निगहत ने कहा कि रसूल अल्लाह ने औरतों और मर्दों के बीच बराबरी का पैगाम दिया है। कहा कि मजहब-ए-इस्लाम कयामत तक बाकी रहने वाला है। इसकी शिक्षा हर दौर में दुनिया को रोशनी दिखाने का काम करती है। सायमा निगहत ने कहा कि हमें पूरी दुनिया में अमन और भाईचारा कायम करने के लिए इस्लाम की शिक्षा पर अमल करना होगा। जलसे में हुमा नाज, जुवैरिया, तजईन शाह, उरुसा तजईन, नूर फातिमा, रुकैया सहित अन्य ने विचार व्यक्त किए। इससे हाफिज खुबैब अनवर की नात-ए-पाक हुआ। इस दौरान देश व दुनिया में मुसलमानों की समृद्धि और देश की तरक्की के लिए दुआ की गई। जलसे में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गंगोह, तीतरो, बिजनौर, शामली, इमलिया, छपार, कुटेसरा, सांपला, नूनाबड़ी, खानपुर, अंबेहटा आदि स्थानों से महिलाओं ने शिरकत की। इस मौके पर मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर, जीनत नाज, जावेद अख्तर, अहमद गजाली, अब्दुल्ला, मोहम्मद युसूफ, इकरामुलहक, गुलेराना आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
देवबंद (सहारनपुर)। ईद मिलादुल नबी के मौके पर अंजुमन महबूब-ए-मुस्तफा तालीम मंजिल की ओर से जलसा आयोजित किया गया। इसमें दूर दराज से आईं हजारों महिलाओं ने शिरकत की। महिला वक्ताओं ने रसूल की सुन्नतों पर अमल करने का आह्वान किया गया।
बुधवार को इस्लामिया डिग्री कालेज में हुए कार्यक्रम में अंजुमन की अध्यक्ष कौसर निगहत उस्मानी ने कहा कि यह महीना रसूल अल्लाह की पैदाइश का महीना है। यह मुबारक महीना हमें इंसानियत और इस्लाम की शिक्षा अपनाने पर जोर देता है। इस्लाम पूरी दुनिया के लिए रहमत का पैगाम लेकर आया है। इस्लाम की बुनियादी शिक्षा में अमन और भाईचारा शामिल है। यही कारण है कि अल्लाह ने लोगों के साथ अच्छा सुलूक करने पर सबसे ज्यादा जोर दिया है। उन्होंने ऊंच-नीच का भेदभाव खत्म कर लोगों के बीच समानता स्थापित की। बुशरा निगहत ने कहा कि रसूल अल्लाह का किरदार और अखलाक को अपनी जिंदगी में उतारने वाला शख्स यकीनन तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ेगा।
विज्ञापन
सचिव जेबा निगहत ने कहा कि रसूल अल्लाह ने औरतों और मर्दों के बीच बराबरी का पैगाम दिया है। कहा कि मजहब-ए-इस्लाम कयामत तक बाकी रहने वाला है। इसकी शिक्षा हर दौर में दुनिया को रोशनी दिखाने का काम करती है। सायमा निगहत ने कहा कि हमें पूरी दुनिया में अमन और भाईचारा कायम करने के लिए इस्लाम की शिक्षा पर अमल करना होगा। जलसे में हुमा नाज, जुवैरिया, तजईन शाह, उरुसा तजईन, नूर फातिमा, रुकैया सहित अन्य ने विचार व्यक्त किए। इससे हाफिज खुबैब अनवर की नात-ए-पाक हुआ। इस दौरान देश व दुनिया में मुसलमानों की समृद्धि और देश की तरक्की के लिए दुआ की गई। जलसे में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गंगोह, तीतरो, बिजनौर, शामली, इमलिया, छपार, कुटेसरा, सांपला, नूनाबड़ी, खानपुर, अंबेहटा आदि स्थानों से महिलाओं ने शिरकत की। इस मौके पर मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर, जीनत नाज, जावेद अख्तर, अहमद गजाली, अब्दुल्ला, मोहम्मद युसूफ, इकरामुलहक, गुलेराना आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन