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विधानसभा में गूंजा लकड़ी नक्काशी पर जीएसटी का मुद्दा
Updated Fri, 14 Jul 2017 12:42 AM IST
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सहारनपुर। नगर विधायक संजय गर्ग ने विधानसभा में हस्तशिल्प द्वारा निर्मित लकड़ी की नक्काशी को जीएसटी के दायरे पर लेने से उत्पन्न समस्याओं और जन आक्रोश का मुद्दा उठाया। उन्होंने वास्तविक लड़की पर हुई नक्काशी से बने फर्नीचर को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने की मांग की।
बता दें कि सहारनपुर जिला वुड कार्विंग उद्योग का गढ़ माना जाता हैँ। यहां की लड़की नक्काशी देश भर से लेकर विदेशों तक में सहारनपुर का नाम चमका रही हैँ। वुड कार्विंग को अभी तक किसी भी टैक्स के दायरे से दूर रखा गया था। लेकिन अब इसको जीएसटी के दायरे में शामिल कर लिया गया हैँ। इसके विरोध में वुड कार्विंग से जुड़े लोग पिछले कई दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैँ। जगह जगह धरना प्रदर्शन कर इसको जीएसटी से बाहर करने की मांग की जा रही हैँ। संजय गर्ग ने विधानसभा में मुद्दा उठाते हुए कहा कि सहारनपुर में लड़की की नक्काशी के नाम पर आजादी के बाद से आज तक कोई टैक्स नहीं लगाया गया। लेकिन वर्तमान में उसको 12, 18 और 28 प्रतिशत जीएसटी के दायरे में रख दिया गया। जिससे सभी निर्यातक अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में अन्य देशों विशेषत: चाइना से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे। लाखों दस्तकार एवं उनसे जुड़े लोग भुखमरी के कगार पर खड़े हो गए हैँ। विधायक ने दस्तकारों को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने की मांग की और कहा कि इस उद्योग के जीएसटी में आने से लाखों दस्तकार जो मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं, वह सड़कों पर आ जाएंगे। उनके सामने आजीविका की समस्या उत्पन्न हो जाएगी। इसलिए सरकार इस ओर ध्यान दें और दस्तकारी को जीएसटी के दायरे से बाहर करके सहारनपुर के लकड़ी दस्तकारों को राहत पहुंचाएं।
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बता दें कि सहारनपुर जिला वुड कार्विंग उद्योग का गढ़ माना जाता हैँ। यहां की लड़की नक्काशी देश भर से लेकर विदेशों तक में सहारनपुर का नाम चमका रही हैँ। वुड कार्विंग को अभी तक किसी भी टैक्स के दायरे से दूर रखा गया था। लेकिन अब इसको जीएसटी के दायरे में शामिल कर लिया गया हैँ। इसके विरोध में वुड कार्विंग से जुड़े लोग पिछले कई दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैँ। जगह जगह धरना प्रदर्शन कर इसको जीएसटी से बाहर करने की मांग की जा रही हैँ। संजय गर्ग ने विधानसभा में मुद्दा उठाते हुए कहा कि सहारनपुर में लड़की की नक्काशी के नाम पर आजादी के बाद से आज तक कोई टैक्स नहीं लगाया गया। लेकिन वर्तमान में उसको 12, 18 और 28 प्रतिशत जीएसटी के दायरे में रख दिया गया। जिससे सभी निर्यातक अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में अन्य देशों विशेषत: चाइना से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे। लाखों दस्तकार एवं उनसे जुड़े लोग भुखमरी के कगार पर खड़े हो गए हैँ। विधायक ने दस्तकारों को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने की मांग की और कहा कि इस उद्योग के जीएसटी में आने से लाखों दस्तकार जो मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं, वह सड़कों पर आ जाएंगे। उनके सामने आजीविका की समस्या उत्पन्न हो जाएगी। इसलिए सरकार इस ओर ध्यान दें और दस्तकारी को जीएसटी के दायरे से बाहर करके सहारनपुर के लकड़ी दस्तकारों को राहत पहुंचाएं।
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