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रामलीला कमेटी चुनाव .........
Updated Fri, 07 Jul 2017 12:23 AM IST
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सहारनपुर। प्राचीन श्रीरामलीला कमेटी बेहट रोड के त्रिवार्षिक चुनाव में अनिल अग्रवाल (चाचा) प्रधान और माईदयाल सिंह मित्तल मंत्री पद पर भारी मतों से विजयी हुए। परिणाम घोषित होते हुए शहर के ढोल नगाड़ों की थाप पर विजयी जुलूस निकाला।
चिलकाना रोड स्थित रामलीला भवन में हुए मतदान मुख्य चुनाव अधिकारी नीरज गुप्ता, मुकेश दीक्षित और निलेश गुप्ता की देखरेख में सम्पन्न हुई। प्रधान पद पर अनिल अग्रवाल और रजनीश गुप्ता और मंत्री पद पर माईदयाल मित्तल, विनीत कर्णवाल एवं पवन गोयल चुनावी मैदान में थे। मतदान सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक चला। इसके बाद हुई मतगणना में चुनाव अधिकारी नीरज गुप्ता ने विजयी प्रत्याशियों की घोषणा की। प्रधान पद पर अनिल अग्रवाल को 384, रजनीश गुप्ता को 118 मत मिले। 11 वोट निरस्त किये गए। मंत्री पद पर माईदयाल मित्तल को 388, विनीत कर्णवाल को 122 और पवन गोयल को दो वोट मिले। मंत्री पद पर तीन वोट रद्द किये गए। ऐसे में प्रधान पद पर अनिल अग्रवाल को 384 और मंत्री पद पर माईदयाल मित्तल ने 388 मतों से जीत हासिल की। विजयी प्रत्याशियों की घोषणा होते हुए उनके समर्थकों ने फूल मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर हेमकुमार मित्तल, मनुज तायल, अमित गुप्ता, आलोक अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल, अंशुल अग्रवाल, अनुज गुप्ता, सुनीत गुप्ता, शुभम मित्तल, सचिन गुप्ता, वरुण गुप्ता, संजय बंसल, मुकेश गोयल, नीरज गर्ग, प्रमोद अग्रवाल, संजय बंसल, सुभाष अग्रवाल, अशोक जैन आदि मौजूद रहे।
जिंदल गुट कई वर्षों से लहरा रहा परचम
- रामलीला कमेटी के चुनाव में विजयी दोनों प्रत्याशी रामलीला कमेटी के चेयरमैन विनय जिंदल गुट के पैनल से चुनाव में खड़े हुए थे। बता दें कि रामलीला कमेटी के चुनाव में जिंदल गुट पिछले कई वर्षो से लगातार जीत हासिल करता आ रहा हैँ। इस बार चुनाव में हार का मुंह देखने वाले रजनीश गुप्ता पिछले बार जिंदल गुट के पैनल से ही चुनाव लड़कर प्रधान बने थे। इस बार वह दूसरे गुट से चुनावी मैदान में खड़े हुए थे।
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पूर्व विधायक बिना वोट डाले ही लौटै वापस
- रामलीला भवन में चल रहे चुनाव में पूर्व विधायक राजीव गुंबर मतदान करने गए थे। लेकिन चुनाव में गोपनीयता न होने की बात कहते हुए वह बिना मतदान किये ही वापस लौट गए। कुछ प्रत्याशियों के समर्थकों ने उन्हें समझाने का भी प्रयास किया, लेकिन उन्होंने मतदान करने से साफ इंकार कर दिया।
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चिलकाना रोड स्थित रामलीला भवन में हुए मतदान मुख्य चुनाव अधिकारी नीरज गुप्ता, मुकेश दीक्षित और निलेश गुप्ता की देखरेख में सम्पन्न हुई। प्रधान पद पर अनिल अग्रवाल और रजनीश गुप्ता और मंत्री पद पर माईदयाल मित्तल, विनीत कर्णवाल एवं पवन गोयल चुनावी मैदान में थे। मतदान सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक चला। इसके बाद हुई मतगणना में चुनाव अधिकारी नीरज गुप्ता ने विजयी प्रत्याशियों की घोषणा की। प्रधान पद पर अनिल अग्रवाल को 384, रजनीश गुप्ता को 118 मत मिले। 11 वोट निरस्त किये गए। मंत्री पद पर माईदयाल मित्तल को 388, विनीत कर्णवाल को 122 और पवन गोयल को दो वोट मिले। मंत्री पद पर तीन वोट रद्द किये गए। ऐसे में प्रधान पद पर अनिल अग्रवाल को 384 और मंत्री पद पर माईदयाल मित्तल ने 388 मतों से जीत हासिल की। विजयी प्रत्याशियों की घोषणा होते हुए उनके समर्थकों ने फूल मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर हेमकुमार मित्तल, मनुज तायल, अमित गुप्ता, आलोक अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल, अंशुल अग्रवाल, अनुज गुप्ता, सुनीत गुप्ता, शुभम मित्तल, सचिन गुप्ता, वरुण गुप्ता, संजय बंसल, मुकेश गोयल, नीरज गर्ग, प्रमोद अग्रवाल, संजय बंसल, सुभाष अग्रवाल, अशोक जैन आदि मौजूद रहे।
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जिंदल गुट कई वर्षों से लहरा रहा परचम
- रामलीला कमेटी के चुनाव में विजयी दोनों प्रत्याशी रामलीला कमेटी के चेयरमैन विनय जिंदल गुट के पैनल से चुनाव में खड़े हुए थे। बता दें कि रामलीला कमेटी के चुनाव में जिंदल गुट पिछले कई वर्षो से लगातार जीत हासिल करता आ रहा हैँ। इस बार चुनाव में हार का मुंह देखने वाले रजनीश गुप्ता पिछले बार जिंदल गुट के पैनल से ही चुनाव लड़कर प्रधान बने थे। इस बार वह दूसरे गुट से चुनावी मैदान में खड़े हुए थे।
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पूर्व विधायक बिना वोट डाले ही लौटै वापस
- रामलीला भवन में चल रहे चुनाव में पूर्व विधायक राजीव गुंबर मतदान करने गए थे। लेकिन चुनाव में गोपनीयता न होने की बात कहते हुए वह बिना मतदान किये ही वापस लौट गए। कुछ प्रत्याशियों के समर्थकों ने उन्हें समझाने का भी प्रयास किया, लेकिन उन्होंने मतदान करने से साफ इंकार कर दिया।