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मानचित्र के विपरीत निर्माणों पर नहीं लग रहा अंकुश

Sun, 17 Mar 2019 12:51 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 17 Mar 2019 12:51 AM IST
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मानचित्र के विपरीत निर्माणों पर नहीं लग रहा अंकुश
मानचित्र के विपरीत निर्माणों पर नहीं लग रहा अंकुश
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सहारनपुर। मानचित्र के विपरीत हो रहे निर्माणों पर सहारनपुर विकास प्राधिकरण अंकुश नहीं लगा पा रहा है। मानचित्र के विपरीत निर्माण होने की एक बड़ी वजह विकास प्राधिकरण द्वारा भवनों को कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी नहीं करना है। जानकर हैरानी होगी कि बीते 20 साल में शहर में हजारों निर्माण हो गए, मगर प्राधिकरण की तरफ से कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी करने की संख्या नगण्य है। इसी लापरवाही से निर्माणकर्ता मनमानी करते आ रहे हैं।
कुछ समय पहले दिल्ली रोड पर एक बड़े व्यावसायिक निर्माण में मानचित्र के विपरीत निर्माण हुआ था, जिसमें हुए अतिरिक्त निर्माण के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जानी थी। कई बार विकास प्राधिकरण की टीम जेसीबी लेकर पहुंची, मगर अवैध निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त नहीं कर सकी। घंटाघर के पास भी मानचित्र के विपरीत निर्माण हुआ था। यहां भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आधी अधूरी रही। यह दो निर्माण उदाहरण मात्र हैं। शहर में वर्तमान में भी मानचित्रों के विपरीत निर्माण चल रहे हैं, जिनमें कोर्ट रोड, दिल्ली रोड, बेहट बस अड्डा, सदर रोड आदि स्थानों पर चल रहे निर्माण शामिल हैं। जानकारी होने के बावजूद विकास प्राधिकरण के अधिकारी उक्त निर्माणों पर रोक नहीं लगा सके हैं। प्राधिकरण सूत्रों ने बताया कि विकास प्राधिकरण की ओर से भवनों को स्वीकृति तो दे दी जाती है, मगर निर्माण होने के बाद कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जाता है, जिसकी वजह से मनमाने निर्माण होते हैं। सूत्रों ने बताया कि पिछले 20 साल में छह से आठ भवनों को ही यह सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं।
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विकास प्राधिकरण की ओर से सभी भवनों को कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जाता है। नियम यह है कि भवन स्वामी नक्शा पास कराने के आठ साल के भीतर निर्माण कर सकता है। जब भी वह निर्माण पूरा कर लेता है तो विकास प्राधिकरण से कंपलीशन सर्टिफिकेट की मांग करता है। इसके बाद टीम मौके पर जाकर भवन की जांच करती है और सर्टिफिकेट जारी करती है। इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति मानचित्र के विपरीत निर्माण करता है और उसकी शिकायत मिलने पर प्राधिकरण कार्रवाई करता है। -- विजय शुक्ला, सचिव, एसडीए।
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