फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   अवैध निर्माण हुआ तो नपेंगे संबंधित जोन के अधिकारी

अवैध निर्माण हुआ तो नपेंगे संबंधित जोन के अधिकारी

Sat, 29 Dec 2018 12:10 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 29 Dec 2018 12:10 AM IST
विज्ञापन
अवैध निर्माण हुआ तो नपेंगे संबंधित जोन के अधिकारी
सहारनपुर। शहर में नक्शा पास कराए बगैर अनधिकृत निर्माण हो रहे हैं, नियम कायदों को ताक पर रखा जा रहा है और नियोजित विकास की जिम्मेदारी संभालने वाले सहारनपुर विकास प्राधिकरण के अफसर सब कुछ देखकर भी अनजान बने रहते हैं। अफसरों की इस लापरवाही पर नकेल कसने के लिए प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने सख्त कदम उठाया है। उन्होंने कहा है कि जिस भी जोन में अनधिकृत (अवैध) निर्माण होगा, तो उस जोन के अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। इससे प्राधिकरण के अधिकारियों में बेचैनी है।
विज्ञापन

विकास प्राधिकरण को स्थापित हुए करीब 20 साल बीत चुके हैं, मगर अवैध भवनों के निर्माण में कोई कमी नहीं आई है। कई बार अधिकारियों की मिलीभगत के भी आरोप लगते रहे हैं। यही वजह है कि करीब दस महीने पहले कमिश्नर ने विकास प्राधिकरण में रात में छापा मारकर कुछ अभियंताओं की अलमारियों के ताले तुड़वाकर फाइलें जब्त की थीं। इसके बाद तत्कालीन उपाध्यक्ष मनोज सिंह ने भी कुछ फाइलों की जांच अपने स्तर से की थी। ऐसे में कहीं न कहीं अधिकारी भी मानते हैं कि प्राधिकरण के निचले अधिकारियों की शिथिलता भी अवैध निर्माणों की एक बड़ी वजह है। यही वजह है कि प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सुखलाल भारती ने अब अवैध निर्माणों और अवैध कॉलोनियों पर संबंधित जोन के अधिकारियों पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन


निर्माणों की संख्या बढ़ी, मगर कमाई घटी
विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना इसलिए भी लाजिमी है कि पिछले कुछ वर्ष में शहर में निर्माणों की संख्या तो बढ़ी है, मगर प्राधिकरण की कमाई बढ़ने की बजाय कम हुई है। वर्ष 2016-17 में एसडीए की आय 24 करोड़ रुपये थी, जो वर्ष 2017-18 में मात्र 13 करोड़ रुपये रही। वर्ष 2018-19 में अभी तक की कमाई करीब 13 करोड़ रुपये है। उधर, निर्माणों की बात करें तो जनसंख्या के साथ-साथ शहर में कॉलोनियां और निर्माण भी लगातार बढ़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कंपलीशन प्रमाण पत्र नहीं होते जारी
अवैध निर्माणों के लिए विकास प्राधिकरण भी सीधे तौर पर जिम्मेदार है। 20 साल से स्थापित विकास प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत होने के बाद हजारों निर्माण हुए हैं, मगर हैरानी की बात यह है कि अभी तक कंपलीशन सर्टिफिकेट मुश्किल से 100 भवनों को ही दिया गया है। जबकि नियम यह है कि जिस भवन का मानचित्र स्वीकृत किया जाता है, उस भवन के पूर्ण होने पर विकास प्राधिकरण की टीम निरीक्षण कर यह पता करे कि निर्माण मानचित्र के अनुरूप हुआ है या नहीं। मगर सहारनपुर में ऐसा नहीं हो रहा है। यही वजह है कि लोग चार दुकानों का मानचित्र स्वीकृत कराकर 40 दुकानें तैयार कर लेते हैं। घंटाघर पर ऐसा ही एक निर्माण पकड़ा गया था, जिसमें आठ दुकानें पास कराकर 38 दुकानों का निर्माण कर लिया गया।

पिछले तीन महीने में हुई कार्रवाई
विकास प्राधिकरण कुछ अवैध निर्माणों पर सील और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई समय-समय पर करता रहा है। 18 सितंबर को एक, 25 सितंबर को एक, 27 सितंबर को एक, चार आक्तूबर को एक, छह अक्तूबर को एक, आठ अक्तूबर को एक भवन सील किया गया। 25 अक्तूबर को एक कॉलोनी ध्वस्त की गई, 30 अक्तूबर को एक कॉलोनी ध्वस्त की गई और एक निर्माण सील किया गया। 14 नवंबर को तीन भवन सील किए गए। 19 नवंबर को तीन फ्लैट सील किए गए। 17 दिसंबर को एक, 18 दिसंबर को एक भवन सील हुआ। 26 दिसंबर को एक कॉलोनी ध्वस्त की गई तथा 28 दिसंबर को एक भवन सील किया गया।
12 जोन में बंटा है शहर
सहारनपुर विकास प्राधिकरण ने शहर को 12 जोन में बांटा हुआ है। प्रत्येक जोन में एक सहायक अभियंता, अवर अभियंता, लिपिक और एक मेट की तैनाती है। इनकी जिम्मेदारी होती है कि अपने जोन क्षेत्र में अवैध निर्माण पर नजर रखें। यदि कहीं पर भी अवैध निर्माण होता है, तो उसके बारे में उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाए।


अवैध निर्माणों और अवैध कॉलोनियों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष प्लान तैयार किया है। जब निर्माण शुरू होता है, तब पता नहीं चलने में गड़बड़ है। भविष्य में अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियां काटे जाने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। -सुखलाल भारती, उपाध्यक्ष, एसडीए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed