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सड़क परिवहन मंत्री को पत्र भेज मांगा मुआवजा
Updated Fri, 30 Nov 2018 12:00 AM IST
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बिहारीगढ़ (सहारनपुर)। दिल्ली देहरादून हाईवे पर चल रहे फोरलेन निर्माण कार्य में चौड़ीकरण के लिए तोड़ी गई इमारतों का मुआवजा पीड़ितों ने सड़क परिवहन मंत्री को पत्र भेज कर मांगा है।
पत्र में कस्बा निवासी अश्वनी मित्तल, मदनपाल, नगेंद्र कुमार, मांगेराम, मुकेश गोयल, अनमोल, विनोद आहुजा आदि ने बताया कि दिल्ली देहरादून हाईवे पर फोरलेन निर्माण कार्य चल रहा है। इसे लेकर कस्बे में भी चौड़ीकरण होना था। 19 नवंबर को को उपजिलाधिकारी बेहट मय फोर्स निर्माण कंपनी के कर्मचारियों सहित कस्बे में पहुंचे और सड़क के दोनों ओर व्यापारियों की दुकानों व मकानों को ध्वस्त करा दिया। व्यापारियों को दुकानों से सामान निकालने तक की मोहलत नही दी गई। जबकि पूर्व में किसी भी दुकानदार को नोटिस तक भी नहीं दिया गया। जिससे कस्बे के व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ। व्यापार ठप होने से व्यापारियों को आर्थिक तंगी की मार के चलते भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि किसी व्यापारी को कोई मुआवजा भी नही दिया गया है। भेजे गये पत्र में पूर मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए व्यापारियों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। उधर एसडीएम बेहट का कहना है कि उन्होंने पूर्व में बैठक करके संबंधित पक्षों को बता दिया था। इसके बाद कसबे में एनाउंस भी कराया गया था।
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पत्र में कस्बा निवासी अश्वनी मित्तल, मदनपाल, नगेंद्र कुमार, मांगेराम, मुकेश गोयल, अनमोल, विनोद आहुजा आदि ने बताया कि दिल्ली देहरादून हाईवे पर फोरलेन निर्माण कार्य चल रहा है। इसे लेकर कस्बे में भी चौड़ीकरण होना था। 19 नवंबर को को उपजिलाधिकारी बेहट मय फोर्स निर्माण कंपनी के कर्मचारियों सहित कस्बे में पहुंचे और सड़क के दोनों ओर व्यापारियों की दुकानों व मकानों को ध्वस्त करा दिया। व्यापारियों को दुकानों से सामान निकालने तक की मोहलत नही दी गई। जबकि पूर्व में किसी भी दुकानदार को नोटिस तक भी नहीं दिया गया। जिससे कस्बे के व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ। व्यापार ठप होने से व्यापारियों को आर्थिक तंगी की मार के चलते भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि किसी व्यापारी को कोई मुआवजा भी नही दिया गया है। भेजे गये पत्र में पूर मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए व्यापारियों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। उधर एसडीएम बेहट का कहना है कि उन्होंने पूर्व में बैठक करके संबंधित पक्षों को बता दिया था। इसके बाद कसबे में एनाउंस भी कराया गया था।
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