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प्रभु की भक्ति के बिना अधूरा है इंसान: भारती
Updated Mon, 19 Nov 2018 01:19 AM IST
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प्रभुु की भक्ति के बिना जीवन अधूरा : भारती
सहारनपुर। साध्वी सरस्वती भारती ने कहा कि इंसान का जीवन प्रभु भक्ति बिना अधूरा है। प्रभुु को जाने बिना मनुष्य जीवन में सभी सुख होते हुए भी वह अधूरा है। प्रभु की भक्ति से ही मनुष्य का कल्याण होता है।
पंत विहार स्थित आश्रम में दिव्या ज्योति जागृति संस्थान द्वारा आयोजित साप्ताहिक सत्संग में आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी सरस्वती भारती ने प्रभु की महिमा का गुणगान किया। उन्होंने कहा कि मानव आज धन, ऐश्वर्य, यश, मान, प्रतिष्ठा और पुत्र आदि को प्राप्त करने के बाद भी शांत व सुखी नहीं है। वह परम शांति के स्रोत को भौतिक वस्तुओं में ढूंढ रहा है जो असंभव है। उन्होंने कहा कि शांति के परम स्रोत ईश्वर किसी भौतिक वस्तु या किसी बाहरी स्थान पर नहीं रहते हैं। वह परम सत्ता प्रत्येक मनुष्य के भीतर विद्यमान है और उसका प्राप्त करने व देखने के लिए एकमात्र सनातन मार्ग है। तभी हमारे जीवन का कल्याण संभव है। भक्त प्रहलाद, ध्रुव, मीरा, कबीर, नामदेव इसके उदाहरण हैं।
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सहारनपुर। साध्वी सरस्वती भारती ने कहा कि इंसान का जीवन प्रभु भक्ति बिना अधूरा है। प्रभुु को जाने बिना मनुष्य जीवन में सभी सुख होते हुए भी वह अधूरा है। प्रभु की भक्ति से ही मनुष्य का कल्याण होता है।
पंत विहार स्थित आश्रम में दिव्या ज्योति जागृति संस्थान द्वारा आयोजित साप्ताहिक सत्संग में आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी सरस्वती भारती ने प्रभु की महिमा का गुणगान किया। उन्होंने कहा कि मानव आज धन, ऐश्वर्य, यश, मान, प्रतिष्ठा और पुत्र आदि को प्राप्त करने के बाद भी शांत व सुखी नहीं है। वह परम शांति के स्रोत को भौतिक वस्तुओं में ढूंढ रहा है जो असंभव है। उन्होंने कहा कि शांति के परम स्रोत ईश्वर किसी भौतिक वस्तु या किसी बाहरी स्थान पर नहीं रहते हैं। वह परम सत्ता प्रत्येक मनुष्य के भीतर विद्यमान है और उसका प्राप्त करने व देखने के लिए एकमात्र सनातन मार्ग है। तभी हमारे जीवन का कल्याण संभव है। भक्त प्रहलाद, ध्रुव, मीरा, कबीर, नामदेव इसके उदाहरण हैं।
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