{"_id":"5be72819bdec221c33789325","slug":"201541875737-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव दर गांव फैला है नशे के सौदागरों का नेटवर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांव दर गांव फैला है नशे के सौदागरों का नेटवर्क
Updated Sun, 11 Nov 2018 12:18 AM IST
विज्ञापन
गांव दर गांव फैला है नशे के सौदागरों का नेटवर्क
सहारनपुर। नशा मुक्त सहारनपुर अभियान में नशाखोरी के खिलाफ कार्यशालाओं के माध्यम से जागरूकता लाने का प्रयास तो शुरू हो गया। इस अभियान को तभी सफलता मिल सकती है, जब नशे के सौदागरों पर नकेल कसी जाए। क्योंकि जिले में गांव दर गांव नशे के सौदागरों का नेटवर्क फैला हुआ है। जो पुलिस के छापेमारी अभियान के बावजूद अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है।
जिला प्रशासन ने प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय वि श्वविद्यालय के साथ मिलकर नशा मुक्त सहारनपुर अभियान शुरू किया है। उसके तहत 15 नवंबर तक जिले भर में कार्यशाला होंगी। कार्यशालाओं में लोगों को नशाखोरी के खिलाफ जागरूक किया जाएगा, ताकि युवा पीढ़ी को नशे की दलदल में फंसने से बचाया जा सकें। महत्वपूर्ण बात यह है कि युवाओं को जागरूक करने के साथ ही नशे का अवैध कारोबार करने वालों पर भी प्रभावी कार्रवाई हो, तभी इस अभियान को सफलता मिल सकेगी।
---
खादर क्षेत्र में होती है सर्वाधिक तस्करी
हरियाणा से तस्करी कर शराब लाने का मुख्य रास्ता यमुना खादर क्षेत्र है। यही वजह है कि खादर क्षेत्र के गांवों में सबसे ज्यादा अवैध रूप से शराब की बिक्री होती है। जहां हरियाणा के रास्ते पंजाब से मादक पदार्थ भी पहुंच जाते हैं।
विज्ञापन
----
कई गांव की महिलाएं कर चुकी हैं आंदोलन
गांव मिरगपुर पांजूवाला, नगला खुर्द, आलमपुर, मांझीपुर की महिलाएं पूर्व में अवैध शराब के खिलाफ आंदोलन भी कर चुकी हैं। तब पुलिस ने शराब माफियाओं के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कीं, जिस कारण काफी समय तक इन गांवों में अवैध शराब की बिक्री बंद हो गई थी।
---
अपराध की जड़ है नशा
आपराधिक वारदातों में भी कई बार यह बात सामने आई कि नशे के कारण वारदात को अंजाम दिया गया। तीन महीना पूर्व ही गांव खजूरी में हुई युवक की हत्या इसका ताजा उदाहरण है। युवक को उसके भाई ने ही बलकटी से प्रहार करके मार डाला था। इसके अलावा नशे की लत के कारण चोरी, लूट और चेन स्नेचिंग जैसी वारदात करने वाले भी सामने आते रहे हैं।
---
जिले में हैं कई झबीरन
अवैध रूप से शराब बिक्री को लेकर जिले का गांव झबीरन बदनाम रहा है, लेकिन ऐसी काफी गांव हैं जहां अवैध रूप से शराब के साथ ही मादक पदार्थों की बिक्री भी होती है। झबीरन गांव में तो परचून की दुकान पर भी शराब बिक्री की बात सामने आ चुकी है। पुलिस द्वारा पूर्व में शराब माफियाओं के खिलाफ जब अभियान चलाया तो बहुत से गांवों में ऐसे लोगों की धरपकड़ हुई, जो अवैध रूप से शराब बेचने के धंधे से जुड़े हैं।
----
2009 में मचाई थी शराब ने तबाही
देवबंद क्षेत्र में अवैध रूप से बिकने वाली शराब ने 2009 में तबाही मचाई थी। तब अवैध शराब पीने के कारण 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थीं। इनमें गांव खजूरी में 9, जडौदा जटट में दो, नन्हेडा आसा में तीन, लबकरी में तीन, भायला में एक, घलोली में चार, रणखंडी में चार, देवबंद में 9 और लखनोती में एक व्यक्ति की मौत हुई थी। इन घटनाओं से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया था।
-----
पहले भी चला है अभियान, अब फिर होगी कार्रवाई - एसएसपी
एसएसपी उपेंद्र कुमार अग्रवाल का कहना है कि अवैध रूप से शराब बनाने या बेचने वालों के साथ ही नशीले पदार्थों की बिक्री करने वालों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया गया है। सितंबर और अक्तूबर माह में ही अभियान के रूप में कार्रवाई हुईं। कच्ची शराब, मादक पदार्थ बेचने वालों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। जिस गांव में भी अवैध शराब बिक्री की सूचना मिलेगी, तत्काल कार्रवाई कराई जाएगी।
विज्ञापन
सहारनपुर। नशा मुक्त सहारनपुर अभियान में नशाखोरी के खिलाफ कार्यशालाओं के माध्यम से जागरूकता लाने का प्रयास तो शुरू हो गया। इस अभियान को तभी सफलता मिल सकती है, जब नशे के सौदागरों पर नकेल कसी जाए। क्योंकि जिले में गांव दर गांव नशे के सौदागरों का नेटवर्क फैला हुआ है। जो पुलिस के छापेमारी अभियान के बावजूद अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है।
जिला प्रशासन ने प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय वि श्वविद्यालय के साथ मिलकर नशा मुक्त सहारनपुर अभियान शुरू किया है। उसके तहत 15 नवंबर तक जिले भर में कार्यशाला होंगी। कार्यशालाओं में लोगों को नशाखोरी के खिलाफ जागरूक किया जाएगा, ताकि युवा पीढ़ी को नशे की दलदल में फंसने से बचाया जा सकें। महत्वपूर्ण बात यह है कि युवाओं को जागरूक करने के साथ ही नशे का अवैध कारोबार करने वालों पर भी प्रभावी कार्रवाई हो, तभी इस अभियान को सफलता मिल सकेगी।
विज्ञापन
---
खादर क्षेत्र में होती है सर्वाधिक तस्करी
हरियाणा से तस्करी कर शराब लाने का मुख्य रास्ता यमुना खादर क्षेत्र है। यही वजह है कि खादर क्षेत्र के गांवों में सबसे ज्यादा अवैध रूप से शराब की बिक्री होती है। जहां हरियाणा के रास्ते पंजाब से मादक पदार्थ भी पहुंच जाते हैं।
विज्ञापन
----
कई गांव की महिलाएं कर चुकी हैं आंदोलन
गांव मिरगपुर पांजूवाला, नगला खुर्द, आलमपुर, मांझीपुर की महिलाएं पूर्व में अवैध शराब के खिलाफ आंदोलन भी कर चुकी हैं। तब पुलिस ने शराब माफियाओं के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कीं, जिस कारण काफी समय तक इन गांवों में अवैध शराब की बिक्री बंद हो गई थी।
---
अपराध की जड़ है नशा
आपराधिक वारदातों में भी कई बार यह बात सामने आई कि नशे के कारण वारदात को अंजाम दिया गया। तीन महीना पूर्व ही गांव खजूरी में हुई युवक की हत्या इसका ताजा उदाहरण है। युवक को उसके भाई ने ही बलकटी से प्रहार करके मार डाला था। इसके अलावा नशे की लत के कारण चोरी, लूट और चेन स्नेचिंग जैसी वारदात करने वाले भी सामने आते रहे हैं।
---
जिले में हैं कई झबीरन
अवैध रूप से शराब बिक्री को लेकर जिले का गांव झबीरन बदनाम रहा है, लेकिन ऐसी काफी गांव हैं जहां अवैध रूप से शराब के साथ ही मादक पदार्थों की बिक्री भी होती है। झबीरन गांव में तो परचून की दुकान पर भी शराब बिक्री की बात सामने आ चुकी है। पुलिस द्वारा पूर्व में शराब माफियाओं के खिलाफ जब अभियान चलाया तो बहुत से गांवों में ऐसे लोगों की धरपकड़ हुई, जो अवैध रूप से शराब बेचने के धंधे से जुड़े हैं।
----
2009 में मचाई थी शराब ने तबाही
देवबंद क्षेत्र में अवैध रूप से बिकने वाली शराब ने 2009 में तबाही मचाई थी। तब अवैध शराब पीने के कारण 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थीं। इनमें गांव खजूरी में 9, जडौदा जटट में दो, नन्हेडा आसा में तीन, लबकरी में तीन, भायला में एक, घलोली में चार, रणखंडी में चार, देवबंद में 9 और लखनोती में एक व्यक्ति की मौत हुई थी। इन घटनाओं से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया था।
-----
पहले भी चला है अभियान, अब फिर होगी कार्रवाई - एसएसपी
एसएसपी उपेंद्र कुमार अग्रवाल का कहना है कि अवैध रूप से शराब बनाने या बेचने वालों के साथ ही नशीले पदार्थों की बिक्री करने वालों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया गया है। सितंबर और अक्तूबर माह में ही अभियान के रूप में कार्रवाई हुईं। कच्ची शराब, मादक पदार्थ बेचने वालों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। जिस गांव में भी अवैध शराब बिक्री की सूचना मिलेगी, तत्काल कार्रवाई कराई जाएगी।