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शिक्षा प्रेरकों ने सौंपा राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष को ज्ञापन
Updated Sun, 09 Sep 2018 12:40 AM IST
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सहारनपुर। शिक्षा प्रेरकों की संविदा बहाल करने और संविदा पर कार्यरत प्रेरक समन्वयकों को नियमित करने सहित अन्य मांगों को लेकर आदर्श लोक शिक्षा प्रेरक वेलफेयर एसोसिएशन ने राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि 22 महीने से मानदेय नहीं मिलने से शिक्षा प्रेरकों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है।
शनिवार को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि राजस्थान में सुप्रीम कोर्ट के प्रेरकों और समन्वयकों को समान कार्य के लिए समान वेतन के आदेश को लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पंचायत लोक शिक्षा केंद्रों को विकासात्मक योजना, कौशल विकास केंद्र, सूचना केंद्र, दूरस्थ शिक्षा व्यवसायिक विद्यालय के रूप में विकसित कर मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराई जाएं। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि प्रेरकों ना तो समय पर मानदेय का भुगतान किया जाता है और ना ही पंचायत लोक शिक्षा समिति कार्यालय व्यय की राशि का पेंमेंट का। उन्होंने उनकी समस्याओं को तत्काल समाधान कराने की मांग की। इसमें जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह पंवार, राजेश कुमार, शालू शर्मा, मनोज कुमार, अरुण लता, सोनिया, सोनू, विकास, योगेश चौधरी, गुलजार हसन, बलकेश देवी, आशु चौधरी, पूनम, सीमा, भंवर सिंह, संगीता, शिवकुमार, नेहा, धनीराम, सदाकत, शादाब, राहुल, अंकित, आरती, पूजा, साक्षी, ऋतु, सोनिया, सुमन, राजकुमार, नवीन, शहजाद, अमर, अर्चना, रूपा, अमरदीप, रूमा, तौसीफ आदि रहे।
महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने किया उद्धार गृह का निरीक्षण
छुटमलपुर। उप्र महिला आयोग की उपाध्यक्ष संतोष सिंह ने शनिवार की दोपहर बाद फतेहपुर स्थित राजकीय महिला उद्धार गृह एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित वृद्धा आश्रम का औचक निरीक्षण किया।
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शनिवार की शाम चार बजे संतोष सिंह एवं बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ की प्रदेश संयोजिका मिनल गौतम अधीनस्थों के साथ महिला समाज कल्याण द्वारा संचालित फतेहपुर स्थित राजकीय महिला उद्धार गृह केंद्र परिसर पहुंची। उन्होंने गृह में रह रही संवासिनियों से बातचीत की। यहां मिल रही सुविधाओं के बारे में उनसे जानकारी ली। इसके साथ ही सोने के कमरे, शौचालय, रसोई घर का निरीक्षण किया। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों को 24 घंटे चलाने के निर्देश अधीक्षिका को दिए। वर्तमान में गृह में 36 संवासिनियां और एक बच्चा रह रहा है। इसके बाद उन्होंने खेड़ी शिकोहपुर रोड स्थित राज्य सरकार द्वारा संचालित वृद्धा आश्रम का भी निरीक्षण किया।
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शनिवार को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि राजस्थान में सुप्रीम कोर्ट के प्रेरकों और समन्वयकों को समान कार्य के लिए समान वेतन के आदेश को लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पंचायत लोक शिक्षा केंद्रों को विकासात्मक योजना, कौशल विकास केंद्र, सूचना केंद्र, दूरस्थ शिक्षा व्यवसायिक विद्यालय के रूप में विकसित कर मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराई जाएं। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि प्रेरकों ना तो समय पर मानदेय का भुगतान किया जाता है और ना ही पंचायत लोक शिक्षा समिति कार्यालय व्यय की राशि का पेंमेंट का। उन्होंने उनकी समस्याओं को तत्काल समाधान कराने की मांग की। इसमें जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह पंवार, राजेश कुमार, शालू शर्मा, मनोज कुमार, अरुण लता, सोनिया, सोनू, विकास, योगेश चौधरी, गुलजार हसन, बलकेश देवी, आशु चौधरी, पूनम, सीमा, भंवर सिंह, संगीता, शिवकुमार, नेहा, धनीराम, सदाकत, शादाब, राहुल, अंकित, आरती, पूजा, साक्षी, ऋतु, सोनिया, सुमन, राजकुमार, नवीन, शहजाद, अमर, अर्चना, रूपा, अमरदीप, रूमा, तौसीफ आदि रहे।
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महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने किया उद्धार गृह का निरीक्षण
छुटमलपुर। उप्र महिला आयोग की उपाध्यक्ष संतोष सिंह ने शनिवार की दोपहर बाद फतेहपुर स्थित राजकीय महिला उद्धार गृह एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित वृद्धा आश्रम का औचक निरीक्षण किया।
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शनिवार की शाम चार बजे संतोष सिंह एवं बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ की प्रदेश संयोजिका मिनल गौतम अधीनस्थों के साथ महिला समाज कल्याण द्वारा संचालित फतेहपुर स्थित राजकीय महिला उद्धार गृह केंद्र परिसर पहुंची। उन्होंने गृह में रह रही संवासिनियों से बातचीत की। यहां मिल रही सुविधाओं के बारे में उनसे जानकारी ली। इसके साथ ही सोने के कमरे, शौचालय, रसोई घर का निरीक्षण किया। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों को 24 घंटे चलाने के निर्देश अधीक्षिका को दिए। वर्तमान में गृह में 36 संवासिनियां और एक बच्चा रह रहा है। इसके बाद उन्होंने खेड़ी शिकोहपुर रोड स्थित राज्य सरकार द्वारा संचालित वृद्धा आश्रम का भी निरीक्षण किया।