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शियाओं की पार्टी में जाने से परहेज करें सुन्नी : दारुल उलूम
Updated Wed, 06 Jun 2018 12:28 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। शिया मसलक को मानने वालों के यहां इफ्तार पार्टी या शादी की दावत में जाने को लेकर दारुल उलूम से जारी हुए फतवे पर मुफ्तियों ने शरीयत का हवाला देते हुए साफ कहा कि सुन्नी मुसलमानों को उनके यहां जाने में परहेज करना चाहिए।
मोहल्ला बड़जियाउलहक निवासी सिकंदर अली ने दारुल उलूम में स्थित फतवा विभाग के मुफ्तियों से लिखित में सवाल किया था कि शिया हजरात रमजान-उल-मुबारक में रोजा इफ्तार की दावत करते हैं, क्या सुन्नी मुसलमान का इसमें शरीक होना जायज है, जबकि दूसरे सवाल में पूछा है कि शिया हजरात के यहां शादी वगैरह के मौके पर जाना और वहां खाना कैसा है?। दारुल उलूम के मुफ्तियों की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने जवाब में कहा है कि दावत चाहे इफ्तार की हो या फिर शादी की शियाओं की दावत में सुन्नी मुसलमानों को खाने पीने से परहेज करना चाहिए। बता दें कि पहले से ही शिया और सुन्नी मसलक के बीच इस्लामी मसले मसाइल को लेकर इख्तलाफ (विवाद) चला आ रहा है। ऐसे में शिया मसलक के यहां दावत में जाने को लेकर पूछे गए सवाल और उस पर दारुल उलूम के मुफ्तियों द्वारा दिए गए जवाब से एक नई बहस भी छिड़ सकती है।
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मोहल्ला बड़जियाउलहक निवासी सिकंदर अली ने दारुल उलूम में स्थित फतवा विभाग के मुफ्तियों से लिखित में सवाल किया था कि शिया हजरात रमजान-उल-मुबारक में रोजा इफ्तार की दावत करते हैं, क्या सुन्नी मुसलमान का इसमें शरीक होना जायज है, जबकि दूसरे सवाल में पूछा है कि शिया हजरात के यहां शादी वगैरह के मौके पर जाना और वहां खाना कैसा है?। दारुल उलूम के मुफ्तियों की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने जवाब में कहा है कि दावत चाहे इफ्तार की हो या फिर शादी की शियाओं की दावत में सुन्नी मुसलमानों को खाने पीने से परहेज करना चाहिए। बता दें कि पहले से ही शिया और सुन्नी मसलक के बीच इस्लामी मसले मसाइल को लेकर इख्तलाफ (विवाद) चला आ रहा है। ऐसे में शिया मसलक के यहां दावत में जाने को लेकर पूछे गए सवाल और उस पर दारुल उलूम के मुफ्तियों द्वारा दिए गए जवाब से एक नई बहस भी छिड़ सकती है।
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