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मुठभेड़ों पर मानवाधिकार की जांच बैठाने से मचा हड़कंप
Updated Thu, 24 May 2018 12:27 AM IST
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सहारनपुर। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा योगीराज में प्रदेश में हुई मुठभेड़ों के संज्ञान लिए जाने से खलबली मच गई है। इन मुठभेड़ों की जांच के लिए आईपीएस अधिकारियों की टीम बनाई गई है। जो सहारनपुर में हुई दो मुठभेड़ों की भी जांच करेगी। अधिकारी इन मुठभेड़ों से संबंधित तथ्यों को एकत्रित कर जवाब देने की तैयारी में जुट गए हैं।
सहारनपुर में पिछले एक साल में दो मुठभेड़ हुईं हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा जिन मुठभेड़ों का संज्ञान लिया गया है, उनमें सहारनपुर की अहसान एवं शमशाद मुठभेड़ भी शामिल है। इन मुठभेड़ों के मामले में भी आयोग ने प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी से छह सप्ताह में जवाब मांगा है। इससे सहारनपुर पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारी अब दोनों मुठभेड़ों से संबंधित दस्तावेजों को पूरा करने में जुट गए हैं। संबंधित थाना क्षेत्रों से रिकार्ड तैयार कराया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि मानवाधिकार पर काम करने वाले कुछ संगठनों ने इन मुठभेड़ों के खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में जाकर सवाल खड़े कर दिए थे। सहारनपुर में पुलिस से 11 सितंबर 2017 को हुई मुठभेड़ में शमशाद घायल हुआ था। जिसकी अस्पताल तक पहुंचने से पहले ही मौत हो गई थी, जबकि 25 मार्च 2018 में अहसान की मुठभेड़ में मौत हुई थी। दोनों के परिजनों ने भी मुठभेड़ पर उंगली उठाते हुए अपने शपथ पत्र दाखिल किए। एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि अहसान एवं शमशाद मुठभेड़ पर जवाब तैयार कराया जा रहा है। जो भी रिपोर्ट मांगी जाएगी, उसे भेज दिया जाएगा। सहारनपुर में कोई भी ऐसी मुठभेड़ नहीं हुई है, जिस पर कोई उंगली उठाई जा सके।
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सहारनपुर में पिछले एक साल में दो मुठभेड़ हुईं हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा जिन मुठभेड़ों का संज्ञान लिया गया है, उनमें सहारनपुर की अहसान एवं शमशाद मुठभेड़ भी शामिल है। इन मुठभेड़ों के मामले में भी आयोग ने प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी से छह सप्ताह में जवाब मांगा है। इससे सहारनपुर पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारी अब दोनों मुठभेड़ों से संबंधित दस्तावेजों को पूरा करने में जुट गए हैं। संबंधित थाना क्षेत्रों से रिकार्ड तैयार कराया जा रहा है।
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बताया जा रहा है कि मानवाधिकार पर काम करने वाले कुछ संगठनों ने इन मुठभेड़ों के खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में जाकर सवाल खड़े कर दिए थे। सहारनपुर में पुलिस से 11 सितंबर 2017 को हुई मुठभेड़ में शमशाद घायल हुआ था। जिसकी अस्पताल तक पहुंचने से पहले ही मौत हो गई थी, जबकि 25 मार्च 2018 में अहसान की मुठभेड़ में मौत हुई थी। दोनों के परिजनों ने भी मुठभेड़ पर उंगली उठाते हुए अपने शपथ पत्र दाखिल किए। एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि अहसान एवं शमशाद मुठभेड़ पर जवाब तैयार कराया जा रहा है। जो भी रिपोर्ट मांगी जाएगी, उसे भेज दिया जाएगा। सहारनपुर में कोई भी ऐसी मुठभेड़ नहीं हुई है, जिस पर कोई उंगली उठाई जा सके।
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