{"_id":"5ac133384f1c1bdc618b4f02","slug":"201522611000-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आर्य विद्वानों ने दिया नारी शिक्षा पर बल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आर्य विद्वानों ने दिया नारी शिक्षा पर बल
Updated Mon, 02 Apr 2018 01:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आर्य विद्वानों ने दिया नारी शिक्षा पर बल
अंबेहटा। खेड़ा अफगान गांव में चल रहे आर्य समाज के 120 वें वार्षिकोत्सव व व्यक्तित्व विकास शिविर के दूसरे दिन विद्वानों ने नारी शिक्षा पर देते हुए इस क्षेत्र में स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा किए गए कार्यों की चर्चा की।
अजमेर से पधारे आचार्य कर्मवीर ने कहा कि शिक्षा विशेषकर नारी ही समाज व देश की तरक्की का जरिया है, यदि नारी शिक्षित होगी तो देश व समाज तरक्की करेगा। उन्होंने कहा कि नारी के शिक्षित होने से दो घरों में शिक्षा का उजियारा होता है, इसलिए नारी का शिक्षित होना बेहद जरूरी है। वैदिक प्रवक्ता आचार्य रणवीर शास्त्री ने कहा कि नारी को शिक्षा का अधिकार दिलाने में दयानंद सरस्वती ने जो प्रयास किये उन्हें भुलाया नही जा सकता। रणवीर शास्त्री ने बताया कि दयानंद सरस्वती ने नारी के अधिकारों की लड़ाई को लड़ा। बागपत से आये प्रसिद्ध भजनोपदेशक वेदपाल आर्य ने भी भजनों के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या पर कटाक्ष कर बेटियों को शिक्षित बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन वेदभूषण गुप्ता ने किया।
इस दौरान आर्य समाज के प्रधान आदित्य प्रकाश गुप्ता, वेदमुनि, कंवरपाल आर्य, श्रवण कुमार, राजेश आर्य, अमित कुमार आर्य, यशपाल गुप्त, वीरेंद्र गुप्ता, शशिकांत, अशोक कुमार, शशिप्रभा गुप्ता, सरिता, बबीता, बिमला, संतोष, प्रभा, सुनीता आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अंबेहटा। खेड़ा अफगान गांव में चल रहे आर्य समाज के 120 वें वार्षिकोत्सव व व्यक्तित्व विकास शिविर के दूसरे दिन विद्वानों ने नारी शिक्षा पर देते हुए इस क्षेत्र में स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा किए गए कार्यों की चर्चा की।
अजमेर से पधारे आचार्य कर्मवीर ने कहा कि शिक्षा विशेषकर नारी ही समाज व देश की तरक्की का जरिया है, यदि नारी शिक्षित होगी तो देश व समाज तरक्की करेगा। उन्होंने कहा कि नारी के शिक्षित होने से दो घरों में शिक्षा का उजियारा होता है, इसलिए नारी का शिक्षित होना बेहद जरूरी है। वैदिक प्रवक्ता आचार्य रणवीर शास्त्री ने कहा कि नारी को शिक्षा का अधिकार दिलाने में दयानंद सरस्वती ने जो प्रयास किये उन्हें भुलाया नही जा सकता। रणवीर शास्त्री ने बताया कि दयानंद सरस्वती ने नारी के अधिकारों की लड़ाई को लड़ा। बागपत से आये प्रसिद्ध भजनोपदेशक वेदपाल आर्य ने भी भजनों के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या पर कटाक्ष कर बेटियों को शिक्षित बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन वेदभूषण गुप्ता ने किया।
विज्ञापन
इस दौरान आर्य समाज के प्रधान आदित्य प्रकाश गुप्ता, वेदमुनि, कंवरपाल आर्य, श्रवण कुमार, राजेश आर्य, अमित कुमार आर्य, यशपाल गुप्त, वीरेंद्र गुप्ता, शशिकांत, अशोक कुमार, शशिप्रभा गुप्ता, सरिता, बबीता, बिमला, संतोष, प्रभा, सुनीता आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन