{"_id":"5a0ddb8f4f1c1bec538bd98d","slug":"201510857615-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक ही परिवार की चार चिताएं जलते देख दहल गए दिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक ही परिवार की चार चिताएं जलते देख दहल गए दिल
Updated Fri, 17 Nov 2017 12:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। नुमाइश कैंप के केशवनगर निवासी दूध व्यापारी सोमनाथ के परिवार की एक साथ चार चिताएं जलते देख वहां मौजूद हर किसी का दिन दहल गया। हर व्यक्ति की आंख नम हो गईं। सोमनाथ भंडारी के चचेरे भाई सुनील कुमार ने चारों को मुखाग्नि दी।
बृहस्पतिवार को सुबह लगभग 7 बजे जैसे ही मोहल्ले में सोमनाथ भंडारी और उनके परिजनों की सड़क दुर्घटना में मौत होने की सूचना मोहल्ले में पहुंची तो मोहल्ले के लोग घटनास्थल और अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया। सोमनाथ के घर के आसपास और मोहल्ले में पूरे दिन गम का माहौल रहा।
दोपहर बाद सोमनाथ भंडारी के घर पर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। लगभग तीन बजे सोमनाथ भंडारी, मंजू, राजरानी और जगन्नाथ भंडारी के शव एक साथ घर पर पहुंचे तो कोहराम मच गया। सिर्फ परिजन ही नहीं मोहल्ले के लोग भी रो पड़े। लगभग चार बजे चारों के शवों को श्मशान ले जाया गया। घर से लेकर श्मशान तक जब चारों की एक साथ शवयात्रा निकलते जिसने भी देखा शोक में डूब गया। लगभग पूरा परिवार ही खत्म हो गया। शाम लगभग पांच बजे शवों का अंतिम संस्कार किया गया। सोमनाथ के चचेरे भाई सुनील कुमार ने चारों शवों को मुखाग्नि दी।
विज्ञापन
चीखों से गूंज उठा अंबाला रोड
सहारनपुर। बृहस्पतिवार की सुबह लगभग साढ़े चार बजे अंबाला रोड पर लोग सो कर भी नहीं उठे थे कि धमाकेदार तेज आवाज और फिर चीख पुकार और कोहराम ने लोगों को दहला दिया। सुबह के चीखें दूर-दूर तक सुनाई दीं। अंबाला रोड चीखों से काफी देर तक गूंजता रहा।
बेटे को नहीं बताया परिजनों की मौत के बारे में
दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए सोमनाथ के बेटे शिवम को हादसे में उनके परिजनों की मौत के बारे में नहीं बताया गया है। अभी शिवम की हालत भी गंभीर बनी हुई है। सिर्फ आंखें ही नजर आ रहीं हैं। उसके पास सिर्फ चिकित्सक ही हैं। शिवम सिर्फ आंखें ही खोल पा रहा है और अपनों को तलाशने की कोशिश कर रहा है। चिकित्सकों ने बताया कि उसे हादसे में परिजनों की मौत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को सुबह लगभग 7 बजे जैसे ही मोहल्ले में सोमनाथ भंडारी और उनके परिजनों की सड़क दुर्घटना में मौत होने की सूचना मोहल्ले में पहुंची तो मोहल्ले के लोग घटनास्थल और अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया। सोमनाथ के घर के आसपास और मोहल्ले में पूरे दिन गम का माहौल रहा।
विज्ञापन
दोपहर बाद सोमनाथ भंडारी के घर पर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। लगभग तीन बजे सोमनाथ भंडारी, मंजू, राजरानी और जगन्नाथ भंडारी के शव एक साथ घर पर पहुंचे तो कोहराम मच गया। सिर्फ परिजन ही नहीं मोहल्ले के लोग भी रो पड़े। लगभग चार बजे चारों के शवों को श्मशान ले जाया गया। घर से लेकर श्मशान तक जब चारों की एक साथ शवयात्रा निकलते जिसने भी देखा शोक में डूब गया। लगभग पूरा परिवार ही खत्म हो गया। शाम लगभग पांच बजे शवों का अंतिम संस्कार किया गया। सोमनाथ के चचेरे भाई सुनील कुमार ने चारों शवों को मुखाग्नि दी।
विज्ञापन
चीखों से गूंज उठा अंबाला रोड
सहारनपुर। बृहस्पतिवार की सुबह लगभग साढ़े चार बजे अंबाला रोड पर लोग सो कर भी नहीं उठे थे कि धमाकेदार तेज आवाज और फिर चीख पुकार और कोहराम ने लोगों को दहला दिया। सुबह के चीखें दूर-दूर तक सुनाई दीं। अंबाला रोड चीखों से काफी देर तक गूंजता रहा।
बेटे को नहीं बताया परिजनों की मौत के बारे में
दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए सोमनाथ के बेटे शिवम को हादसे में उनके परिजनों की मौत के बारे में नहीं बताया गया है। अभी शिवम की हालत भी गंभीर बनी हुई है। सिर्फ आंखें ही नजर आ रहीं हैं। उसके पास सिर्फ चिकित्सक ही हैं। शिवम सिर्फ आंखें ही खोल पा रहा है और अपनों को तलाशने की कोशिश कर रहा है। चिकित्सकों ने बताया कि उसे हादसे में परिजनों की मौत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।