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मिल चालू कराने को आमरण अनशन पर बैठे किसान

Sat, 29 Dec 2018 12:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 29 Dec 2018 12:09 AM IST
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मिल चालू कराने को आमरण अनशन पर बैठे किसान
साढ़ौली कदीम (सहारनपुर)। मिल चालू कराए जाने की मांग को लेकर 69 दिन से धरने पर बैठे किसानों में से तीन किसानों ने शुक्रवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। पिछले चार वर्षों से बंद पड़ी यमुना खादर एवं घाड़ क्षेत्र की एक मात्र औद्योगिक इकाई शाकंभरी शुगर मिल टोडरपुर को चालू कराये जाने की मांग को लेकर क्षेत्र के किसानों का 20 अक्तूबर से मिल गेट पर लगातार धरना जारी है। बता दें कि शुरू में किसानों ने 25 अक्तूबर से आमरण अनशन शुरू किया था, जिस पर लगातार किसानों की तबीयत बिगड़ती गई। आमरण अनशन से किसानों को जिला चिकित्सालय पहुंचाने के लिए प्रशासन को कडी मशक्कत करनी पड़ी थी। 29 अक्तूबर को धरना स्थल पर पहुंचकर डीएम ने किसानों को जूस पिलाकर आमरण अनशन तुड़वाते हुए 20 नवंबर तक मिल गेट खोले जाने का आश्वासन दिया था। निर्धारित तिथि तक प्रशासन द्वारा किसान हित में कोई फैसला नहीं लिया जा सका तो डीएम ने 10 दिसंबर तक का समय मांगा था। परंतु उक्त समय तक भी कोई प्रशासनिक फैसला नहीं लिया जा सका। इसके चलते किसानों ने धरनास्थल पर मिल बंदी से प्रभावित गांवों के किसानों की महापंचायत बुलाकर 28 दिसंबर से आमरण अनशन एवं पांच जनवरी को जनपद में मुख्यमंत्री के आगमन पर उनके घेराव करने का निर्णय लिया था।
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शुक्रवार को दर्शनलाल कांबोज, चमेल सिंह सैनी व हाजी मुकर्रम आमरण अनशन पर बैठ गए। रामपाल सिंह व रणबीर सिंह के स्वास्थ्य में कमी के चलते किसानों ने उक्त किसानों को आमरण अनशन पर नहीं बैठने दिया। आमरण अनशन की पूर्व सूचना के बावजूद भी किसी प्रशासनिक अधिकारी के धरनास्थल पर नहीं पहुंचने से किसानों में रोष व्याप्त है। प्रशासन द्वारा धरना स्थल पर अलाव तक के लिए कोई व्यवस्था नहीं कराई गई।
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धरनास्थल पर बैठे किसान सतीश शर्मा, बिरमपाल काम्बोज, प्रधान बुद्ध सिंह, पवन सिंह, चौ. देवी सिंह, पद्म प्रकाश शर्मा, शिकलचंद, मेघराज सैनी, सोमपाल सिंह, सुरेशपाल काम्बोज, राजेश प्रधान, बिट्टू सिंह, चौ. ताहिर, चौ. हाशिम, खुर्शीद, आमिर चौहान आदि रहे।
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किसानों के आमरण अनशन पर बैठने की उन्हें पूर्व में सूचना मिल गई है। डीएम ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल की पांच जनवरी को मुख्यमंत्री से वार्ता कराये जाने की बात कही है। ऐसे में किसानों को आमरण अनशन नहीं करना चाहिए। प्रशासन धरना स्थल पर अलाव जलाने की कोई व्यवस्था नहीं करेगा। आमरण अनशन पर बैठे किसानों का स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उचित उपचार कराया जाएगा। -एसएन शर्मा एसडीएम बेहट।
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