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महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस सदैव तत्पर : डीआईजी
Updated Thu, 08 Mar 2018 12:28 AM IST
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सहारनपुर। डीआईजी शरद सचान ने कहा है कि समाज में महिलाओं की बराबरी का दर्जा दें, उनकी सार्थकता को समझें। महिलाएं अपनी समस्याओं को निर्भीक होकर पुलिस के समक्ष रखें, जिससे कि उनके साथ होने वाली घटनाओं के प्रति पुलिस सजग रहे और ऐसे तत्वों के विरुद्ध समय रहते कार्रवाई कर सके।
डीआईजी शरद सचान बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में जेबी जैन डिग्री कॉलेज में छात्राओं को उनके विरुद्ध होने वाले अपराध एवं घटनाओं के संबंध में जागरूक करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि छात्राएं स्वयं को मजबूत बनाएं और हर प्रकार की परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहें। किसी भी प्रकार की छींटाकशी एवं छेड़छाड़ के मामले को अनदेखा न करें। विषम परिस्थितियों में पुलिस को सूचना दें। एंटी रोमियो स्क्वायड, यूपी 100 की टीम तुरंत पहुंचेगी। लड़कियां स्वयं को असुरक्षित महसूस ना करें पुलिस उनके लिए सदैव तत्पर हैं। असुरक्षा का माहौल खत्म हो चुका है
एसएसपी बबलू कुमार ने कहा कि महिलाएं एवं बच्चियां अपने परिवारों में ही असुरक्षित महसूस करती हैं। कुछ छात्र कभी-कभी गलती कर बैठते हैं, कभी उन्होंने सोचा है कि जो व्यवहार वे छात्राओं, बच्चियों के साथ स्कूल या बाजार जाते समय करते हैं, वही व्यवहार उनकी बहन के साथ भी हो सकता है। जो कानून महिला संबंधी अपराधों के संबंध बनाए गए हैं उसमें कोई भी व्यक्ति जमानत नहीं दे सकता है।
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उन्होंने कहा कि महिलाओं, बच्चियों को और छात्राओं को अपने साथ अपने ऊपर होने वाले दुर्व्यवहार एवं अत्याचार को रोकना है। इसी परिप्रेक्ष्य में प्रदेश सरकार द्वारा वूमेन पावर लाइन योजना प्रारंभ की गई थी। जबसे योजना प्रारंभ हुई है अब तक करीब ढाई करोड़ शिकायतों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा यूपी 100 सेवा के बारे में भी छात्राओं को जानकारी दी गई। सिटीजन इमरजेंसी ऐप की भी जानकारी छात्र-छात्राओं को दी गई। कर्यक्रम में डाक्टर ममता सिंघल, डाक्टर हरिओम गुप्ता, डाक्टर आरके गुप्ता, आफताब खान, डाक्टर संदीप गुप्ता, डाक्टर शशि नौटियाल, डाक्टर योगिता अरोड़ा, डाक्टर शैली नंद्राजोग, अंकिता जैन, पूनम तोमर, पूजा गुप्ता मौजूद रहीं।
शक्ति परी बनें छात्राएं
क्षेत्राधिकारी इंदु सिद्धार्थ ने वीडियो के माध्यम से छात्राओं को शक्ति परी होने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोई भी छात्रा शक्ति परी बनना चाहती है वह अपना रजिस्ट्रेशन 1090 के माध्यम से करा सकती है। ऐसी छात्राओं को एक पहचान-पत्र प्रदान किया जाता है और उनको पुरुष के साथ कार्य करने का अवसर मिलता है। शक्ति परी अपने मोहल्ले और पास पड़ोस में महिलाओं के साथ हो रहे दुर्व्यवहार एवं अपराधों के संबंध में सूचनाएं देकर उनका निस्तारण करा सकती है।
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डीआईजी शरद सचान बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में जेबी जैन डिग्री कॉलेज में छात्राओं को उनके विरुद्ध होने वाले अपराध एवं घटनाओं के संबंध में जागरूक करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि छात्राएं स्वयं को मजबूत बनाएं और हर प्रकार की परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहें। किसी भी प्रकार की छींटाकशी एवं छेड़छाड़ के मामले को अनदेखा न करें। विषम परिस्थितियों में पुलिस को सूचना दें। एंटी रोमियो स्क्वायड, यूपी 100 की टीम तुरंत पहुंचेगी। लड़कियां स्वयं को असुरक्षित महसूस ना करें पुलिस उनके लिए सदैव तत्पर हैं। असुरक्षा का माहौल खत्म हो चुका है
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एसएसपी बबलू कुमार ने कहा कि महिलाएं एवं बच्चियां अपने परिवारों में ही असुरक्षित महसूस करती हैं। कुछ छात्र कभी-कभी गलती कर बैठते हैं, कभी उन्होंने सोचा है कि जो व्यवहार वे छात्राओं, बच्चियों के साथ स्कूल या बाजार जाते समय करते हैं, वही व्यवहार उनकी बहन के साथ भी हो सकता है। जो कानून महिला संबंधी अपराधों के संबंध बनाए गए हैं उसमें कोई भी व्यक्ति जमानत नहीं दे सकता है।
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उन्होंने कहा कि महिलाओं, बच्चियों को और छात्राओं को अपने साथ अपने ऊपर होने वाले दुर्व्यवहार एवं अत्याचार को रोकना है। इसी परिप्रेक्ष्य में प्रदेश सरकार द्वारा वूमेन पावर लाइन योजना प्रारंभ की गई थी। जबसे योजना प्रारंभ हुई है अब तक करीब ढाई करोड़ शिकायतों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा यूपी 100 सेवा के बारे में भी छात्राओं को जानकारी दी गई। सिटीजन इमरजेंसी ऐप की भी जानकारी छात्र-छात्राओं को दी गई। कर्यक्रम में डाक्टर ममता सिंघल, डाक्टर हरिओम गुप्ता, डाक्टर आरके गुप्ता, आफताब खान, डाक्टर संदीप गुप्ता, डाक्टर शशि नौटियाल, डाक्टर योगिता अरोड़ा, डाक्टर शैली नंद्राजोग, अंकिता जैन, पूनम तोमर, पूजा गुप्ता मौजूद रहीं।
शक्ति परी बनें छात्राएं
क्षेत्राधिकारी इंदु सिद्धार्थ ने वीडियो के माध्यम से छात्राओं को शक्ति परी होने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोई भी छात्रा शक्ति परी बनना चाहती है वह अपना रजिस्ट्रेशन 1090 के माध्यम से करा सकती है। ऐसी छात्राओं को एक पहचान-पत्र प्रदान किया जाता है और उनको पुरुष के साथ कार्य करने का अवसर मिलता है। शक्ति परी अपने मोहल्ले और पास पड़ोस में महिलाओं के साथ हो रहे दुर्व्यवहार एवं अपराधों के संबंध में सूचनाएं देकर उनका निस्तारण करा सकती है।