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केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बयान पर भड़के मौलाना अरशद मदनी...

Wed, 07 Feb 2018 12:52 AM IST
Updated Wed, 07 Feb 2018 12:52 AM IST
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केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बयान पर भड़के मौलाना अरशद मदनी...
देवबंद(सहारनपुर)। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बयान पर जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी आगबबूला हो गए हैं। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि अगर मुल्क में सभी राम की औलाद हैं तो दलितों के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है।
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केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अपने बयान में कहा था कि मुल्क में रहने वाले सभी लोग राम की औलाद हैं। इस पर मंगलवार को जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि मुल्क में रहने वाले सभी लोग अगर राम की औलाद हैं तो इसमें क्या बात है। लेकिन जो लोग यह बात कह रहे हैं वो इसको साबित नहीं कर पाएंगे। सवाल उठाया कि अगर मुल्क में रहने वाले सभी लोग राम की औलाद हैं तो वो लोग दलितों को राम की औलाद कहेंगे। अगर नहीं कह सकते तो उनके कहने का क्या मतलब है। वो राम की औलाद हैं तो दलित भी राम की औलाद हैं, फिर उनके साथ भेदभाव क्यों किया जाता है। उनके साथ भी वैसा ही मामला करें जैसा हर बिरादरी के लोगों के साथ किया जाता है उनको दलित क्यों कहा जाता है। मौलाना मदनी ने कहा कि मुल्क में सब राम की औलाद हैं तो दलितों को पिछड़ा हुआ क्यों मान रखा है। उनको अपने कुआं में पानी पीने क्यों नहीं देते। उनको अपने मंदिरों में जाने क्यों नहीं देते। इसका मतलब है वो गलत कहते हैं कि मुल्क में बसने वाले सब लोग राम की औलाद हैं। उन्होंने कहा कि तुम हिंदू रह गए, दूसरा मुसलमान बन गया, तीसरा ईसाई बना तो चौथा सिख बन गया इसमें गलत क्या है। राम की औलाद होना कोई गुनाह की बात नहीं है। लेकिन वो इस बात को साबित नहीं कर सकते। मौलाना अरशद मदनी ने राम मंदिर निर्माण के सवाल पर कहा कि ये चुनावी मुद्दा है इस पर सुप्रीम कोर्ट क्या कहती है उसके बाद ही उस पर कोई फैसला होगा। आज जो लोग सुप्रीम कोर्ट से ऊपर उठकर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण किए जाने के दावे कर रहे हैं यह उनके लिए नुकसानदेह है। इसका सीधा मतलब ये है कि वे न चुनाव आयोग को कुछ समझते हैं न वो मुल्क की एजेंसियों को कुछ समझते हैं और न ही सुप्रीम कोर्ट को मानते हैं। आने वाला वक्त बताएगा कि क्या होगा।
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