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तहसील दिवस में ग्रामीण ने अफसरों पर निकाली अपनी भड़ास
Updated Wed, 20 Sep 2017 12:52 AM IST
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रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। जमीन के विवाद को लेकर तहसील समाधान दिवस में पहुंचे एक पक्ष ने एसडीएम, सीओ व तहसीलदार के समक्ष उसकी गुहार नहीं सुने जाने को आरोप लगाते हुए हंगामा किया। हद तो तब हो गई जब उन्होंने सुविधा शुल्क के बिना कोई काम नहीं होने का आरोप लगाते हुए अफसरों को यहां तक कह डाला कि वे तो जिम्मेदारी नहीं निभा सकते तो ट्रांसफर लें ले।
रामपुर मनिहारान तहसील के गांव धारकी निवासी एक ग्रामीण का अपने ही गांव के एक व्यक्ति से जमीन का विवाद चल रहा है। मंगलवार को दोनों पक्ष तहसील समाधान दिवस में पहुंचे थे। जहां दोनों ने अपने शिकायती पत्र वहां मौजूद एसडीएम राकेश कुमार गुप्ता, तहसीलदार रमेश कुमार व पुलिस क्षेत्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए। एक पक्ष के ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर यह आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया कि उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। आरोप लगाया कि मौके पर भी राजस्व टीम जा कर मुआयना कर चुकी है लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा है। आरोप था कि बिना सुविधा शुल्क के कोई काम नहीं होता है। इसे लेकर उसने अफसरों को यहां तक कह डाला कि जब वे अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पा रहे हैं तो ऐसे में उनका स्थानांतरण हो जाना चाहिए।
हंगामा बढ़ता देख एसडीएम राकेश कुमार गुप्ता ने ग्रामीण को किसी तरह समझा बुझाकर शांत किया। उसे अपने कार्यालय में आ कर मिलने को कहा ताकि उसकी समस्या का प्रभावी निदान हो सके। एसडीएम ने कहा कि यदि ग्रामीण से किसी ने सुविधा शुल्क की मांग की है तो उसकी जांच की जाएगी। बाकी उसकी शिकायत पर विधिक रूप से ही कार्रवाई की जाएगी।
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रामपुर मनिहारान तहसील के गांव धारकी निवासी एक ग्रामीण का अपने ही गांव के एक व्यक्ति से जमीन का विवाद चल रहा है। मंगलवार को दोनों पक्ष तहसील समाधान दिवस में पहुंचे थे। जहां दोनों ने अपने शिकायती पत्र वहां मौजूद एसडीएम राकेश कुमार गुप्ता, तहसीलदार रमेश कुमार व पुलिस क्षेत्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए। एक पक्ष के ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर यह आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया कि उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। आरोप लगाया कि मौके पर भी राजस्व टीम जा कर मुआयना कर चुकी है लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा है। आरोप था कि बिना सुविधा शुल्क के कोई काम नहीं होता है। इसे लेकर उसने अफसरों को यहां तक कह डाला कि जब वे अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पा रहे हैं तो ऐसे में उनका स्थानांतरण हो जाना चाहिए।
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हंगामा बढ़ता देख एसडीएम राकेश कुमार गुप्ता ने ग्रामीण को किसी तरह समझा बुझाकर शांत किया। उसे अपने कार्यालय में आ कर मिलने को कहा ताकि उसकी समस्या का प्रभावी निदान हो सके। एसडीएम ने कहा कि यदि ग्रामीण से किसी ने सुविधा शुल्क की मांग की है तो उसकी जांच की जाएगी। बाकी उसकी शिकायत पर विधिक रूप से ही कार्रवाई की जाएगी।
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