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महिला के छप्पर में लगी आग, बच्ची झुलसी
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महिला के छप्पर में लगी आग, बच्ची झुलसी
लखनौती (सहारनपुर)। चूल्हे की चिंगारी ने एक गरीब महिला का छप्पर का घर जल कर खाक हो गया। ग्रामीणों ने बामुश्किल आग पर काबू पाया। आग के दौरान महिला की एक बेटी भी झुलस गई जबकि गृहस्थी का सामान जल कर खराब हो गया।
गंगोह कोतवाली क्षेत्र के गांव शकरपुर निवासी महिला ममता के पति की डेढ़ वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। ममता अपनी तीन बेटियों शिवानी, रिया, आयुषी के साथ छप्पर में रहकर जीवन बसर कर रही है। बेटियों के पालन पोषण के लिए वह गांव में ही मजदूरी करती है। घर में पुरुष न होने के कारण रात के समय वह काम निपटाकर बेटियों संग पड़ोसियों के मकान में सोने के लिए चली जाती है। रोजमर्रा की तरह बीती रात भी वह पड़ोसियों के मकान में सोने के लिए गई थी। करीब 11 बजे उसके छप्पर में अचानक आग लग गई। आग लगने से ग्रामीण में जाग हो गई। ग्रामीणों ने जब तक आग पर रेत और पानी डालकर काबू पाया तब तक छप्पर में रखी चारपाई, कपड़े, जाली, अनाज, चावल और अन्य खाद्य सामग्री जलकर राख हो गई। छप्पर से सामान निकालते वक्त बेटी रिया का पैर आग में झुलस गया। उसे गांव के ही प्राइवेट चिकित्सक को दिखाया गया। छप्पर में आग लगने से पीड़िता और उसकी तीनों बेटियां खुले आसमान के नीचे आ गई है।
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लखनौती (सहारनपुर)। चूल्हे की चिंगारी ने एक गरीब महिला का छप्पर का घर जल कर खाक हो गया। ग्रामीणों ने बामुश्किल आग पर काबू पाया। आग के दौरान महिला की एक बेटी भी झुलस गई जबकि गृहस्थी का सामान जल कर खराब हो गया।
गंगोह कोतवाली क्षेत्र के गांव शकरपुर निवासी महिला ममता के पति की डेढ़ वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। ममता अपनी तीन बेटियों शिवानी, रिया, आयुषी के साथ छप्पर में रहकर जीवन बसर कर रही है। बेटियों के पालन पोषण के लिए वह गांव में ही मजदूरी करती है। घर में पुरुष न होने के कारण रात के समय वह काम निपटाकर बेटियों संग पड़ोसियों के मकान में सोने के लिए चली जाती है। रोजमर्रा की तरह बीती रात भी वह पड़ोसियों के मकान में सोने के लिए गई थी। करीब 11 बजे उसके छप्पर में अचानक आग लग गई। आग लगने से ग्रामीण में जाग हो गई। ग्रामीणों ने जब तक आग पर रेत और पानी डालकर काबू पाया तब तक छप्पर में रखी चारपाई, कपड़े, जाली, अनाज, चावल और अन्य खाद्य सामग्री जलकर राख हो गई। छप्पर से सामान निकालते वक्त बेटी रिया का पैर आग में झुलस गया। उसे गांव के ही प्राइवेट चिकित्सक को दिखाया गया। छप्पर में आग लगने से पीड़िता और उसकी तीनों बेटियां खुले आसमान के नीचे आ गई है।
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