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पूर्व सांसद का निधन
Updated Fri, 17 Aug 2018 01:29 AM IST
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पूर्व सांसद मंसूर अली खान का निधन
गागलहेड़ी। बसपा के पूर्व सांसद मंसूर अली खान का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। दिल्ली के राजीव गांधी कैंसर रिसर्च सेंटर में बुधवार सुबह उन्होंने आखिरी सांस ली। पूर्व सांसद के निधन पर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पूर्व सांसद के शव को शाम उनके पैतृक गांव में लाकर सुपुर्द ए खाक किया गया।
बसपा के पूर्व सांसद मंसूर अली खान पिछले कई महीने से फैफड़ों के संक्रमण से पीड़ित चल रहे थे। उनका इलाज दिल्ली के राजीव गांधी कैंसर रिसर्च सेंटर में चल रहा था। कई दिनों से उन्हें आईसीयू में रखा गया था। बुधवार की सुबह उनका निधन हो गया। निधन की खबर लगते ही उनके पैतृक गांव कैलाशपुर सहित पूरे क्षेत्र मे शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग उनके निवास पर एकत्र हो गए। शाम के समय गांव पहुंचे पूर्व सांसद के शव को सुपुर्द ए खाक किया गया। मंसूर अली खान बसपा के टिकट पर चुनाव लड़कर 1999 में सांसद बने थे। उन्होंने सपा के कद्दावर नेता काजी रसीद मसूद को हराया था। मंसूर अली खान 1999 से 2004 तक सांसद रहे। सांसद बनने के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने मंसूर अली खान को संसदीय दल का नेता बनाने को कहा था मगर उन्होंने इस आग्रह को ठुकरा दिया था। एक विदेशी संस्था द्वारा देश के लोकसभा सांसदों का सर्वे किया गया था। उस सर्वे में मंसूर अली खान को भारत में सातवां और उत्तर प्रदेश में दूसरा स्थान ईमानदारी से अपनी सांसद निधि खर्च करने पर मिला था।
उनके निधन की खबर लगते ही उनके निवास पर बसपा के पूर्व विधायक जगपाल सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद, आयूष मंत्री धर्म सिंह सैनी, पूर्व विधायक इमरान मसूद, सहारनपुर देहात विधायक मसूद अख्तर, पूर्व मंत्री साहब सिंह सैनी, नवाजिश आलम, पूर्व मंत्री सरफराज खान, मो. मुजतबा मलिक आदि उनके जनाजे में शामिल हुए।
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गागलहेड़ी। बसपा के पूर्व सांसद मंसूर अली खान का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। दिल्ली के राजीव गांधी कैंसर रिसर्च सेंटर में बुधवार सुबह उन्होंने आखिरी सांस ली। पूर्व सांसद के निधन पर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पूर्व सांसद के शव को शाम उनके पैतृक गांव में लाकर सुपुर्द ए खाक किया गया।
बसपा के पूर्व सांसद मंसूर अली खान पिछले कई महीने से फैफड़ों के संक्रमण से पीड़ित चल रहे थे। उनका इलाज दिल्ली के राजीव गांधी कैंसर रिसर्च सेंटर में चल रहा था। कई दिनों से उन्हें आईसीयू में रखा गया था। बुधवार की सुबह उनका निधन हो गया। निधन की खबर लगते ही उनके पैतृक गांव कैलाशपुर सहित पूरे क्षेत्र मे शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग उनके निवास पर एकत्र हो गए। शाम के समय गांव पहुंचे पूर्व सांसद के शव को सुपुर्द ए खाक किया गया। मंसूर अली खान बसपा के टिकट पर चुनाव लड़कर 1999 में सांसद बने थे। उन्होंने सपा के कद्दावर नेता काजी रसीद मसूद को हराया था। मंसूर अली खान 1999 से 2004 तक सांसद रहे। सांसद बनने के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने मंसूर अली खान को संसदीय दल का नेता बनाने को कहा था मगर उन्होंने इस आग्रह को ठुकरा दिया था। एक विदेशी संस्था द्वारा देश के लोकसभा सांसदों का सर्वे किया गया था। उस सर्वे में मंसूर अली खान को भारत में सातवां और उत्तर प्रदेश में दूसरा स्थान ईमानदारी से अपनी सांसद निधि खर्च करने पर मिला था।
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उनके निधन की खबर लगते ही उनके निवास पर बसपा के पूर्व विधायक जगपाल सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद, आयूष मंत्री धर्म सिंह सैनी, पूर्व विधायक इमरान मसूद, सहारनपुर देहात विधायक मसूद अख्तर, पूर्व मंत्री साहब सिंह सैनी, नवाजिश आलम, पूर्व मंत्री सरफराज खान, मो. मुजतबा मलिक आदि उनके जनाजे में शामिल हुए।
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