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पारब्रहम तो पूर्ण एक है : राजदास
Updated Sun, 17 Jun 2018 12:40 AM IST
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पारब्रह्म तो पूर्ण एक है : राजदास
देवबंद। श्री निजानंद आश्रम में चल रहे साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ में दूसरे दिन महाराज राजदास ने संगतों को समझाया कि पारब्रह्म तो पूर्ण एक है। उन्होंने कहा कि पारब्रहम अक्षरातीत, अल्लाह ताला, पारपुरुष उस एक ही सर्वशक्तिमान के नाम हैं। रसूल मोहम्मद साहब ने जब अल्लाह ताला के दर्शन किए एवं उनसे रूबरू बात की तो फिर दुनिया वालों को समझाया कि जब शरीयत के तीस हजार अक्षरों को अमल में ले आते हैं तब खुदा के नूर की झलक दिखती है। उसी खुशी को दर्शाने का अर्थ ईद-उल-फितर का मनाना है। जिसे अन्य धर्मों में दूज का चांद कहा गया है। पारब्रह्म अक्षरातीत, बुद्ध निष्कलंक, इमामे मेहंदी का आना वक्त आखरत में सभी धर्मग्रंथों में लिखा है जो सबके लिए अखंड मोक्ष का द्वार खोलेगा। उन्होंने श्रद्धालुओं को मुखवाणी का रसपान भी कराया। ब्यूरो
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देवबंद। श्री निजानंद आश्रम में चल रहे साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ में दूसरे दिन महाराज राजदास ने संगतों को समझाया कि पारब्रह्म तो पूर्ण एक है। उन्होंने कहा कि पारब्रहम अक्षरातीत, अल्लाह ताला, पारपुरुष उस एक ही सर्वशक्तिमान के नाम हैं। रसूल मोहम्मद साहब ने जब अल्लाह ताला के दर्शन किए एवं उनसे रूबरू बात की तो फिर दुनिया वालों को समझाया कि जब शरीयत के तीस हजार अक्षरों को अमल में ले आते हैं तब खुदा के नूर की झलक दिखती है। उसी खुशी को दर्शाने का अर्थ ईद-उल-फितर का मनाना है। जिसे अन्य धर्मों में दूज का चांद कहा गया है। पारब्रह्म अक्षरातीत, बुद्ध निष्कलंक, इमामे मेहंदी का आना वक्त आखरत में सभी धर्मग्रंथों में लिखा है जो सबके लिए अखंड मोक्ष का द्वार खोलेगा। उन्होंने श्रद्धालुओं को मुखवाणी का रसपान भी कराया। ब्यूरो