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हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश मंत्री का बयान नफरत पैदा करने वाला : उलमा
Updated Wed, 01 Nov 2017 12:39 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश मंत्री नागेंद्र प्रताप द्वारा जुमा की नमाज से पूर्व दिए जाने वाले खुत्बे (भाषण) पर बयानबाजी करने पर देवबंदी उलमा ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि किसी को मस्जिदों में जाने की मनाही नहीं है। वो जाकर सुने की जुमा के खुत्बे में लोगों को किस तरह की बातें बताई जाती हैं।
मेरठ के परीक्षित गढ़ में आयोजित हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता सम्मेलन में प्रदेश मंत्री नागेंद्र प्रताप ने कहा था कि मस्जिदों में जुमा की नमाज में जो भाषण होता है उसमें इबादत के साथ साथ यह भी बताया जाता है कि हमने लड़कर पाकिस्तान लिया है अब हंसकर हिंदुस्तान लेंगे। साथ ही जनसंख्या बढ़ाने की बात भी कही गई। इस पर अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी का कहना है कि एक तरफ तो प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हिंदू मुस्लिम एकता की बात करते हैं और दोनों समुदाय के लोगों को एक साथ लाने का काम कर रहे हैं और दूसरी तरफ उनकी जमात (संगठन) के लोग इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं जो सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि मस्जिदों में जो तकरीर, होती हैं उनमें इस तरह की बात बिल्कुल भी नहीं दी जाती। वहां केवल दीन के बारे में लोगों को बताया जाता है। हिंदुस्तान जीतेंगे लड़ेंगे या मरेंगे ये बातें फिजूल की हैं और मस्जिदों में ये सब बातें नहीं होती। मस्जिदें इबादतगाह हैं न कि मसलों पर चर्चा करने की जगह। मौलाना नदीमुलवाजदी ने कहा कि जो लोग इस तरह की बातें कर रहे हैं वो मस्जिदों में जाएं और वहां जाकर पूरी तकरीर सुने। जिससे उन्हें पता लगेगा कि वहां किसी तरह की जानकारियां लोगों को दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी कर हिंदू मुस्लिमों के बीच नफरत पैदा करने वाले लोगों की जांच होनी चाहिए।
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मेरठ के परीक्षित गढ़ में आयोजित हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता सम्मेलन में प्रदेश मंत्री नागेंद्र प्रताप ने कहा था कि मस्जिदों में जुमा की नमाज में जो भाषण होता है उसमें इबादत के साथ साथ यह भी बताया जाता है कि हमने लड़कर पाकिस्तान लिया है अब हंसकर हिंदुस्तान लेंगे। साथ ही जनसंख्या बढ़ाने की बात भी कही गई। इस पर अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी का कहना है कि एक तरफ तो प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हिंदू मुस्लिम एकता की बात करते हैं और दोनों समुदाय के लोगों को एक साथ लाने का काम कर रहे हैं और दूसरी तरफ उनकी जमात (संगठन) के लोग इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं जो सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि मस्जिदों में जो तकरीर, होती हैं उनमें इस तरह की बात बिल्कुल भी नहीं दी जाती। वहां केवल दीन के बारे में लोगों को बताया जाता है। हिंदुस्तान जीतेंगे लड़ेंगे या मरेंगे ये बातें फिजूल की हैं और मस्जिदों में ये सब बातें नहीं होती। मस्जिदें इबादतगाह हैं न कि मसलों पर चर्चा करने की जगह। मौलाना नदीमुलवाजदी ने कहा कि जो लोग इस तरह की बातें कर रहे हैं वो मस्जिदों में जाएं और वहां जाकर पूरी तकरीर सुने। जिससे उन्हें पता लगेगा कि वहां किसी तरह की जानकारियां लोगों को दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी कर हिंदू मुस्लिमों के बीच नफरत पैदा करने वाले लोगों की जांच होनी चाहिए।
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