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60 दिन में 18 लोग पहुंचे एटीएफ सेंटर, मात्र दो का चल रहा इलाज

Sun, 06 Feb 2022 12:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 06 Feb 2022 12:24 AM IST
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18 people reached ATF center in 60 days, only two are undergoing treatment
सहारनपुर। स्मैक, चरस और गांजे की लत का शिकार लोगों को नशे से मुक्ति दिलाने के लिए एसबीडी जिला अस्पताल में स्थापित एटीएफ (एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी) सेंटर सूना पड़ा है। सेंटर का उद्घाटन सात दिसंबर 2021 को हुआ था। तब से अब तक यानी 60 दिन में मात्र 18 लोग सेंटर में पहुंचे हैं। केवल दो मरीज ऐसे हैं, जो लगातार सेंटर के चिकित्सकों से परामर्श और दवाएं ले रहे हैं।
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हरियाणा से सटे जनपद के कई इलाकों में स्मैक और चरस आदि का अवैध कारोबार तेजी से फल और फूल रहा है। उक्त क्षेत्रों में युवाओं के साथ ही किशोर भी नशे की लत का शिकार बन रहे हैं। इस संबंध में प्रशासन को शिकायतें भी मिलती रही हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त लोकेश एम. ने एसबीडी जिला अस्पताल में एटीएफ सेंटर खुलवाने का निर्णय लिया। उन्होंने एम्स नई दिल्ली के अधिकारियों से बात कर सेंटर खुलवाया, जिसका उद्घाटन सात सिंबर 2021 को हुआ था। सेंटर के लिए एक चिकित्साधिकारी, एक डाटा मैनेजर, एक काउंसलर और एक उपचारिका की तैनाती की गई थी। सेंटर में आने वाले लोगों की काउंसिलिंग करने के बाद दवाएं देने और भर्ती तक करने की व्यवस्था है, लेकिन लोग सेंटर का लाभ नहीं उठा रहे हैं। उद्घाटन के दिन से अभी तक मात्र 18 लोग सेंटर में पहुंचे हैं, जिनमें से 16 लोग एक बार आने के बाद दोबारा लौटे नहीं हैं। केवल दो लोग ऐसे हैं, जो दवा भी ले रहे हैं और नियमित रूप से आ भी रहे हैं। खास बात यह है कि सेंटर पर इलाज और दवाएं सब नि:शुल्क हैं। ऐसे में लोग सेंटर का लाभ उठाकर नशे की लत का शिकार होने से बच सकते हैं।
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मंडलायुक्त के प्रयास से एसबीडी जिला अस्पताल में एटीएफ सेंटर खुलने की अच्छी शुरुआत हुई है। सेंटर में चिकित्सक, काउंसलर और अन्य स्टाफ रहता है। यह सेंटर 12 नंबर कक्ष में चलता है। जो भी लोग स्मैक, गांजा या चरस आदि की लत से घिरे हुए हैं। वह सेंटर में आकर नशा छोड़ने के लिए दवाएं ले सकते हैं।
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डॉ. रमेश चंद्रा, सीएमएस, एसबीडी जिला अस्पताल।
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