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Saharanpur News: 176 गांव डूब क्षेत्र में चयनित, बचाव का खाका तैयार
Tue, 19 May 2026 01:19 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 19 May 2026 01:19 AM IST
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सहारनपुर। मानसून के दौरान अतिवृष्टि से होने वाली नुकसान को कम करने के लिए आपदा विभाग ने योजना तैयार की है। जिलेभर में डूब क्षेत्र के गांवों का चयन कर लिया गया है, जिनकी संख्या करीब 176 है। बरसात से पहले प्रशासन इन गांवों में आपदा से बचाव के इंतजाम करेगा, जिसका खाका तैयार किया जा चुका है।
जिले में वर्ष 2013 और 2023 में हुई अतिवृष्टि से काफी नुकसान हुआ था। महानगर में भी ढमोला और पांवधोई नदी के किनारे बसी कॉलोनियों में पानी घुस गया था। वहीं, देहात क्षेत्र में भी खासा नुकसान हुआ था। इस बार आपदा विभाग द्वारा जनपद के 176 ऐसे गांवों को चयनित किया है, जो डूब क्षेत्र में आते हैं।
इनमें से बेहट में 86, नकुड़ में 25, सदर तहसील में 52, रामपुर मनिहारान में छह और देवबंद में सात गांव शामिल हैं। यहां अतिवृष्टि की स्थितियों में पानी भर जाता है। पिछले दिनों हुई जिला आपदा की बैठक में भी जिलाधिकारी ने अतिवृष्टि और अनावृष्टि की तैयारी पहले से ही करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विभाग ने बचाव की रणनीति तैयार कर ली है। आपात स्थिति से बचने के लिए राहत शिविरों की स्थिति, खाद्य व्यवस्था, स्वास्थ्य इंतजाम, सुरक्षा आदि के प्रबंध किए जाएंगे, साथ ही खाने पैकेट में क्या-क्या वस्तुएं शामिल होंगी। इसकी भी सूची तैयार की गई है। आमजन के ठहरने के लिए व्यवस्था के लिए राहत शिविरों की स्थिति और उनकी पहचान आदि को निर्धारण किया जा रहा है।
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जिले में वर्ष 2013 और 2023 में हुई अतिवृष्टि से काफी नुकसान हुआ था। महानगर में भी ढमोला और पांवधोई नदी के किनारे बसी कॉलोनियों में पानी घुस गया था। वहीं, देहात क्षेत्र में भी खासा नुकसान हुआ था। इस बार आपदा विभाग द्वारा जनपद के 176 ऐसे गांवों को चयनित किया है, जो डूब क्षेत्र में आते हैं।
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इनमें से बेहट में 86, नकुड़ में 25, सदर तहसील में 52, रामपुर मनिहारान में छह और देवबंद में सात गांव शामिल हैं। यहां अतिवृष्टि की स्थितियों में पानी भर जाता है। पिछले दिनों हुई जिला आपदा की बैठक में भी जिलाधिकारी ने अतिवृष्टि और अनावृष्टि की तैयारी पहले से ही करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विभाग ने बचाव की रणनीति तैयार कर ली है। आपात स्थिति से बचने के लिए राहत शिविरों की स्थिति, खाद्य व्यवस्था, स्वास्थ्य इंतजाम, सुरक्षा आदि के प्रबंध किए जाएंगे, साथ ही खाने पैकेट में क्या-क्या वस्तुएं शामिल होंगी। इसकी भी सूची तैयार की गई है। आमजन के ठहरने के लिए व्यवस्था के लिए राहत शिविरों की स्थिति और उनकी पहचान आदि को निर्धारण किया जा रहा है।
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