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जर्जर चकबंदी भवन के लिंटर का टुकड़ा गिरा
Updated Sun, 22 Apr 2018 12:48 AM IST
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जर्जर चकबंदी भवन के लिंटर का टुकड़ा गिरा
नकुड़। चकबंदी विभाग के जर्जर हो चुके भवन के लिंटर का प्लास्टर गिरने से वहां मौजूद किसानों, अधिकारियों व कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि लिंटर का टुकड़ा किसी के सिर में नहीं लगा।
तहसील परिसर में स्थित चकबंदी कार्यालय का भवन कई वर्षों से जर्जर हालत में है। चकबंदी लेखपाल पवन कुमार ने बताया कि जर्जर हो चुके इस भवन के लिंटर का प्लास्टर आए दिन गिरते रहते हैं। जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लेखपाल ने बताया कि शनिवार की दोपहर वह कार्यालय में बैठे काम कर रहे थे तथा वहां पर कई किसान भी मौजूद थे। तभी लिंटर का एक बड़ा सा टुकड़ा अचानक आ गिरा। गनीमत रही कि वह किसी के सिर में नहीं लगा। सहायक चकबंदी अधिकारी योगेंद्र पाल सिंह ने बताया कि इस संबंध में वह कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि एसडीएम को भी वह कई बार चकबंदी कार्यालय को किसी अन्य भवन में स्थापित कराने की बाबत लिखित व मौखिक रूप से कह चुके हैं, लेकिन हालात ज्यों के त्यों हैं।
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नकुड़। चकबंदी विभाग के जर्जर हो चुके भवन के लिंटर का प्लास्टर गिरने से वहां मौजूद किसानों, अधिकारियों व कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि लिंटर का टुकड़ा किसी के सिर में नहीं लगा।
तहसील परिसर में स्थित चकबंदी कार्यालय का भवन कई वर्षों से जर्जर हालत में है। चकबंदी लेखपाल पवन कुमार ने बताया कि जर्जर हो चुके इस भवन के लिंटर का प्लास्टर आए दिन गिरते रहते हैं। जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लेखपाल ने बताया कि शनिवार की दोपहर वह कार्यालय में बैठे काम कर रहे थे तथा वहां पर कई किसान भी मौजूद थे। तभी लिंटर का एक बड़ा सा टुकड़ा अचानक आ गिरा। गनीमत रही कि वह किसी के सिर में नहीं लगा। सहायक चकबंदी अधिकारी योगेंद्र पाल सिंह ने बताया कि इस संबंध में वह कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि एसडीएम को भी वह कई बार चकबंदी कार्यालय को किसी अन्य भवन में स्थापित कराने की बाबत लिखित व मौखिक रूप से कह चुके हैं, लेकिन हालात ज्यों के त्यों हैं।
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