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ईश्वर की कामना में हो सबका हित शामिल
Updated Sun, 01 Oct 2017 01:19 AM IST
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ईश्वर की कामना में ही सबका हित शामिल
सहारनपुर। आर्य समाज बेहट रोड तेलीपुरा का चौथा वार्षिक उत्सव धूमधाम से मनाया गया। उत्सव में परमपिता परमात्मा से हमें क्या मांगना है। इस विषय पर चिंतन किया गया।
शुक्रवार को आर्य समाज बेहट रोड तेलीपुरा के चौथे वार्षिक उत्सव के पहले दिन की शुरुआत यज्ञ से हुई। यज्ञ में यजमान प्रदीप आर्य, अनुज आर्य, सुशील कुमार आर्य और अमित आर्य ने धर्मलाभ कमाया। यज्ञ का समापन ब्रम्हादेव आर्य ने कराया। भजनोपदेशक पंडित नरेश निर्मल आर्य ने ईश्वर की महिमा के भजन सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि परमात्मा से हमें क्या मांगना चाहिए ये चिंतन का विषय है। यदि हम परमात्मा से धन मांगते हैं तो वो कभी हमारे साथ नहीं जाएगा और न ही उस धन को पाकर हमारी इच्छाएं पूरी हो पाएंगी। इसलिए परमात्मा से उसका साथ और उसकी प्रीति मांगनी चाहिए। यदि हमें परमात्मा का साथ मिल गया तो कभी कुछ मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आचार्य वीरेंद्र शात्री ने परमात्मा के स्वरूप को विस्तार से समझाया। इस मौके पर मनीराम आर्य, रजनीश, शोभित, अभिषेक, रवि कुमार, मांगेराम, दिनेश, रीना सैनी, सरोज देवी, सुमित्रा देवी, धर्मपाल, चौधरी देवेंद्र, मास्टर प्रेम सैनी, रामकिशोर आर्य, अंकित, मनीष कुमार, राखी सैनी, सोनिया, आलोक कुमार, नथिया देवी, अंजू, मुनेश आर्य, रुचि सैनी, अनुज आर्य मौजूद रहे।
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सहारनपुर। आर्य समाज बेहट रोड तेलीपुरा का चौथा वार्षिक उत्सव धूमधाम से मनाया गया। उत्सव में परमपिता परमात्मा से हमें क्या मांगना है। इस विषय पर चिंतन किया गया।
शुक्रवार को आर्य समाज बेहट रोड तेलीपुरा के चौथे वार्षिक उत्सव के पहले दिन की शुरुआत यज्ञ से हुई। यज्ञ में यजमान प्रदीप आर्य, अनुज आर्य, सुशील कुमार आर्य और अमित आर्य ने धर्मलाभ कमाया। यज्ञ का समापन ब्रम्हादेव आर्य ने कराया। भजनोपदेशक पंडित नरेश निर्मल आर्य ने ईश्वर की महिमा के भजन सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि परमात्मा से हमें क्या मांगना चाहिए ये चिंतन का विषय है। यदि हम परमात्मा से धन मांगते हैं तो वो कभी हमारे साथ नहीं जाएगा और न ही उस धन को पाकर हमारी इच्छाएं पूरी हो पाएंगी। इसलिए परमात्मा से उसका साथ और उसकी प्रीति मांगनी चाहिए। यदि हमें परमात्मा का साथ मिल गया तो कभी कुछ मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आचार्य वीरेंद्र शात्री ने परमात्मा के स्वरूप को विस्तार से समझाया। इस मौके पर मनीराम आर्य, रजनीश, शोभित, अभिषेक, रवि कुमार, मांगेराम, दिनेश, रीना सैनी, सरोज देवी, सुमित्रा देवी, धर्मपाल, चौधरी देवेंद्र, मास्टर प्रेम सैनी, रामकिशोर आर्य, अंकित, मनीष कुमार, राखी सैनी, सोनिया, आलोक कुमार, नथिया देवी, अंजू, मुनेश आर्य, रुचि सैनी, अनुज आर्य मौजूद रहे।
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