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मंडल के स्वास्थ्य केंद्रों पर होगी एक्सपायर दवाओं की जांच
Updated Tue, 08 Aug 2017 12:36 AM IST
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मंडल के स्वास्थ्य केंद्रों पर होगी एक्सपायर दवाओं की जांच
सहारनपुर। मंडल के सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर एक्सपायर दवाओं की जांच कराई जाएगी। यह देखा जाएगा कि मरीजों को दी जाने वाली दवाएं सही हैं या फिर वे एक्सपायर हो चुकी हैं। मंडलायुक्त ने इसकी जांच कराने के निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग को यह निर्णय इसलिए लेना पड़ा है क्योंकि कमिश्नर दीपक अग्रवाल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के औषधि भंडार में एक्सपायर दवाओं की शिकायतें मिल रही हैं।
सरकारी चिकित्सा केंद्रों पर एक्सपायर दवाओं का यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि इस समय जिले में बुखार का कहर जारी है। सबसे ज्यादा मरीज ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बों में ही आ रहे हैं। इन इलाकों में पहले ही डॉक्टर नहीं मिल पाते और अधिकतर केंद्रों पर फार्मेसिस्टों से ही काम चलाना पड़ता है। इसके बावजूद यदि रोगियों को दवाएं भी सही न दी जाए तो उनकी जिंदगी खतरे में पड़ना स्वाभाविक है।
बता दें कि जिले के अधिकतर सरकारी अस्पतालों में गंभीर मरीज और उनके तीमारदार जरूरी दवाएं न मिलने, एक्सपायर दवाएं देने और बाहर से दवाएं और इंजेक्शन खरीदने पर मजबूर करने जैसी शिकायतें देने के साथ ही कई बार इन मामलों में हंगामा तक कर चुके हैं। मौजूदा समय में बुखार समेत अन्य संक्रामक रोगों के हमले में मरीजों की जान बचाने के लिए सुधार लाना बेहद जरूरी है।
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मंडलायुक्त स्वास्थ्य केंद्रों पर एक्सपायर दवाओं की शिकायत मिल रही हैं। मंडल के सभी केंद्रों पर उपलब्ध दवाओं की स्थिति की जांच करवाई जाएगी। यह देखा जाएगा कि कहीं यह स्थिति नहीं है।
दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त
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सहारनपुर। मंडल के सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर एक्सपायर दवाओं की जांच कराई जाएगी। यह देखा जाएगा कि मरीजों को दी जाने वाली दवाएं सही हैं या फिर वे एक्सपायर हो चुकी हैं। मंडलायुक्त ने इसकी जांच कराने के निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग को यह निर्णय इसलिए लेना पड़ा है क्योंकि कमिश्नर दीपक अग्रवाल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के औषधि भंडार में एक्सपायर दवाओं की शिकायतें मिल रही हैं।
सरकारी चिकित्सा केंद्रों पर एक्सपायर दवाओं का यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि इस समय जिले में बुखार का कहर जारी है। सबसे ज्यादा मरीज ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बों में ही आ रहे हैं। इन इलाकों में पहले ही डॉक्टर नहीं मिल पाते और अधिकतर केंद्रों पर फार्मेसिस्टों से ही काम चलाना पड़ता है। इसके बावजूद यदि रोगियों को दवाएं भी सही न दी जाए तो उनकी जिंदगी खतरे में पड़ना स्वाभाविक है।
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बता दें कि जिले के अधिकतर सरकारी अस्पतालों में गंभीर मरीज और उनके तीमारदार जरूरी दवाएं न मिलने, एक्सपायर दवाएं देने और बाहर से दवाएं और इंजेक्शन खरीदने पर मजबूर करने जैसी शिकायतें देने के साथ ही कई बार इन मामलों में हंगामा तक कर चुके हैं। मौजूदा समय में बुखार समेत अन्य संक्रामक रोगों के हमले में मरीजों की जान बचाने के लिए सुधार लाना बेहद जरूरी है।
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मंडलायुक्त स्वास्थ्य केंद्रों पर एक्सपायर दवाओं की शिकायत मिल रही हैं। मंडल के सभी केंद्रों पर उपलब्ध दवाओं की स्थिति की जांच करवाई जाएगी। यह देखा जाएगा कि कहीं यह स्थिति नहीं है।
दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त