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17.29 करोड़ के जाली नोट: एनआईए ने दो और मुख्य साजिशकर्ताओं को किया गिरफ्तार; छापी थी नकली करेंसी
Thu, 22 Oct 2026 07:19 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
Published by: Mohd Mustakim
Updated Thu, 22 Oct 2026 07:19 PM IST
सार
Saharanpur News: सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट में नकली नोटों की बड़ी खेप पकड़ी गई थी। एनआईए ने अंबाला से अजय कुमार और मनाली से हरीश रौंटा को गिरफ्तार किया है। अब तक कुल सात आरोपी पकड़े जा चुके हैं।
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पीएनबी करेंसी चेस्ट में जांच करने पहुंची टीम। फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की करेंसी चेस्ट में मिले 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोटों के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी ने अंबाला से अजय कुमार और हिमाचल प्रदेश के मनाली से हरीश रौंटा को पकड़ा है। दोनों नकली भारतीय मुद्रा की अवैध छपाई और बड़ी मात्रा में उसे खपाने की साजिश में शामिल मुख्य आरोपियों में हैं।
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एनआईए की ओर से जारी प्रेसनोट के मुताबिक, अजय कुमार 16 अक्तूबर को हरियाणा के अंबाला से गिरफ्तार किया गया था, जबकि हरीश रौंटा 22 अक्तूबर को हिमाचल प्रदेश के मनाली से पकड़ा गया। दोनों आरोपी पहले गिरफ्तार किए जा चुके आदेश चौधरी और अन्य आरोपियों के करीबी सहयोगी बताए गए हैं।
एजेंसी की जांच में सामने आया है कि साजिश के तहत तैयार किए गए नकली नोट विभिन्न आरोपियों के माध्यम से पीएनबी की करेंसी चेस्ट तक पहुंचाए गए थे। एनआईए अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। फिलहाल एनआईए पूरे नेटवर्क और नकली नोटों के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।
एजेंसी की जांच में सामने आया है कि साजिश के तहत तैयार किए गए नकली नोट विभिन्न आरोपियों के माध्यम से पीएनबी की करेंसी चेस्ट तक पहुंचाए गए थे। एनआईए अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। फिलहाल एनआईए पूरे नेटवर्क और नकली नोटों के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।
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29 अगस्त को सामने आया था मामला
29 अगस्त को पीएनबी करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोट मिले थे। मामले की जांच के दौरान बैंक के तीन कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आई थी, जिसके बाद बैंक प्रबंधन ने उन्हें निलंबित कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। बाद में एनआईए ने तीन सितंबर को केस अपने हाथ में लेकर जांच शुरू कर दी थी।
29 अगस्त को पीएनबी करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोट मिले थे। मामले की जांच के दौरान बैंक के तीन कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आई थी, जिसके बाद बैंक प्रबंधन ने उन्हें निलंबित कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। बाद में एनआईए ने तीन सितंबर को केस अपने हाथ में लेकर जांच शुरू कर दी थी।
पहले पांच आरोपियों को किया था गिरफ्तार
इस मामले में एनआईए इससे पहले बैंक प्रबंधक अमित कुमार, आदेश चौधरी, मुकेश कुमार, राजेंद्र और नीटू को गिरफ्तार कर चुकी है। अब अजय कुमार और हरीश रौंटा की गिरफ्तारी के बाद एजेंसी की कार्रवाई आगे बढ़ी है। आदेश चौधरी पीएनबी करेंसी चेस्ट में संविदा पर चालक के रूप में तैनात था और उसे इस मामले का प्रमुख आरोपी बताया गया है।
इस मामले में एनआईए इससे पहले बैंक प्रबंधक अमित कुमार, आदेश चौधरी, मुकेश कुमार, राजेंद्र और नीटू को गिरफ्तार कर चुकी है। अब अजय कुमार और हरीश रौंटा की गिरफ्तारी के बाद एजेंसी की कार्रवाई आगे बढ़ी है। आदेश चौधरी पीएनबी करेंसी चेस्ट में संविदा पर चालक के रूप में तैनात था और उसे इस मामले का प्रमुख आरोपी बताया गया है।
जाली नोटों के स्रोत तक पहुंचना चुनौती
मामले की जांच अभी जारी है। एजेंसी बाकी आरोपियों और संदिग्धों की तलाश के साथ पूरी साजिश का पर्दाफाश करने में जुटी है। जांच का अहम पहलू यह पता लगाना भी है कि जाली नोट कहां छापे गए, उन्हें किसने तैयार किया और किन माध्यमों से बैंक की करेंसी चेस्ट तक पहुंचाया गया। अभी तक नामजद आरोपी बैंक अधिकारी सुशील शर्मा और रवि कुमार कांसे एनआईए की पकड़ से दूर है।
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मामले की जांच अभी जारी है। एजेंसी बाकी आरोपियों और संदिग्धों की तलाश के साथ पूरी साजिश का पर्दाफाश करने में जुटी है। जांच का अहम पहलू यह पता लगाना भी है कि जाली नोट कहां छापे गए, उन्हें किसने तैयार किया और किन माध्यमों से बैंक की करेंसी चेस्ट तक पहुंचाया गया। अभी तक नामजद आरोपी बैंक अधिकारी सुशील शर्मा और रवि कुमार कांसे एनआईए की पकड़ से दूर है।
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