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संस्थान के खाते में भेजा जाए शुल्क प्रतिपूर्ति का पैसा
Updated Fri, 14 Dec 2018 12:41 AM IST
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सहारनपुर। अखिल भारतीय निजी आईटीआई वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक में शुल्क प्रतिपूर्ति का मामला उठाया गया। राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अशोक मलिक ने शुल्क प्रतिपूर्ति का पैसा संस्थानों के खातों में भेजने की मांग सरकार से की है।
मलिक ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों की वजह से निजी आईटीआई बंद होने की कगार पर हैं। काउंसलिंग के तहत आवंटित किए गए आईटीआई दूर होने की वजह से अभ्यर्थी दाखिला नहीं ले रहे हैं। आरोप लगाया कि सरकार और अधिकारी निजी आईटीआई संचालकों को भ्रष्ट समझते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। जिलाध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने आरोप लगाया कि सहारनपुर के एक अधिकारी राजनीतिक संरक्षण की वजह से आईटीआई से उगाही कर रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। बैठक में पंकज सैनी, सोनू यादव, परीक्षित वर्मा, विनोद शर्मा, राहुल, ऋषिपाल, दिलनवाज, मनोज, संजय, धनीराम, विपिन आदि मौजूद रहे।
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मलिक ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों की वजह से निजी आईटीआई बंद होने की कगार पर हैं। काउंसलिंग के तहत आवंटित किए गए आईटीआई दूर होने की वजह से अभ्यर्थी दाखिला नहीं ले रहे हैं। आरोप लगाया कि सरकार और अधिकारी निजी आईटीआई संचालकों को भ्रष्ट समझते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। जिलाध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने आरोप लगाया कि सहारनपुर के एक अधिकारी राजनीतिक संरक्षण की वजह से आईटीआई से उगाही कर रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। बैठक में पंकज सैनी, सोनू यादव, परीक्षित वर्मा, विनोद शर्मा, राहुल, ऋषिपाल, दिलनवाज, मनोज, संजय, धनीराम, विपिन आदि मौजूद रहे।
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