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आज से ड्रोन से होगी कांवड़ मार्ग की निगरानी
Updated Sat, 04 Aug 2018 12:09 AM IST
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गागलहेड़ी (सहारनपुर)। पंचक लगने की वजह से अब तक धीमी चल रही कावड़ियों की संख्या शुक्रवार की शाम से बढ़ जाएगी। इसी के साथ पुलिस प्रशासन ने भी कमर कस ली है। सीसीटीवी कैमरों से कांवड़ मार्ग पर नजर रखी जा रही है।
29 जुलाई से चल रहे पंचक की वजह से अभी तक कम संख्या में ही शिव भक्त हरिद्वार से पवित्र गंगा जल लेकर अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। तीन अगस्त को ढाई बजे पंचक समाप्त होने के साथ ही शिव भक्तों की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद बढ़ गई है। शिव मंदिर के पुजारी पंडित मदन गोपालाचार्य ने बताया की पंचक में लकड़ी, बांस, घास और फूंस का भंडारण करना निषेध है। कांवड़ में लकड़ी और बांस का प्रयोग किया जाता है। इस लिए पंचक लगने पर लकड़ी की बनी कांवड़ का प्रयोग नहीं किया जाता है। पंचक में तांबे या पीतल की बनी कोई भी वस्तु इस्तेमाल कर सकते हैं। प्रशासन ने पंचक समाप्त होने ही काली नदी चेक पोस्ट से कांवड़ यात्रा मार्ग पर कड़ी चौकसी बढ़ा दी है। पुलिस ने पूरे उत्तराखंड बार्डर से नौ गजा पीर तक 21 सीसी टीवी कैमरे लगा कर हर आने जाने वाले की गतिविधि पर नजर रख रखी है। साथ ही कावड़ियों की वेश भूषा में महिला-पुरुष पुलिसकर्मी कांवड़ मार्ग पर नजर रखे हुए हैं।
सीओ सदर चोब सिंह ने बताया की शनिवार से भीड़ बढ़ने के साथ ही पूरे कांवड़ यात्रा मार्ग पर ड्रोन कैमरों से नजर रखी जाएगी। संदिग्ध दिख रहे कावड़ियों पर विशेष खुफिया पुलिस की नजर रहेगी, जिससे की समय रहते हर हालत से निपटा जा सके। भीड़ बढ़ने के साथ ही जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त फोर्स हर समय तैयार है।
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29 जुलाई से चल रहे पंचक की वजह से अभी तक कम संख्या में ही शिव भक्त हरिद्वार से पवित्र गंगा जल लेकर अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। तीन अगस्त को ढाई बजे पंचक समाप्त होने के साथ ही शिव भक्तों की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद बढ़ गई है। शिव मंदिर के पुजारी पंडित मदन गोपालाचार्य ने बताया की पंचक में लकड़ी, बांस, घास और फूंस का भंडारण करना निषेध है। कांवड़ में लकड़ी और बांस का प्रयोग किया जाता है। इस लिए पंचक लगने पर लकड़ी की बनी कांवड़ का प्रयोग नहीं किया जाता है। पंचक में तांबे या पीतल की बनी कोई भी वस्तु इस्तेमाल कर सकते हैं। प्रशासन ने पंचक समाप्त होने ही काली नदी चेक पोस्ट से कांवड़ यात्रा मार्ग पर कड़ी चौकसी बढ़ा दी है। पुलिस ने पूरे उत्तराखंड बार्डर से नौ गजा पीर तक 21 सीसी टीवी कैमरे लगा कर हर आने जाने वाले की गतिविधि पर नजर रख रखी है। साथ ही कावड़ियों की वेश भूषा में महिला-पुरुष पुलिसकर्मी कांवड़ मार्ग पर नजर रखे हुए हैं।
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सीओ सदर चोब सिंह ने बताया की शनिवार से भीड़ बढ़ने के साथ ही पूरे कांवड़ यात्रा मार्ग पर ड्रोन कैमरों से नजर रखी जाएगी। संदिग्ध दिख रहे कावड़ियों पर विशेष खुफिया पुलिस की नजर रहेगी, जिससे की समय रहते हर हालत से निपटा जा सके। भीड़ बढ़ने के साथ ही जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त फोर्स हर समय तैयार है।
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