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जीएसटी की विसंगतियों को लेकर व्यापारियों ने वित मंत्री को ज्ञापन भेजा
Updated Sat, 28 Oct 2017 12:55 AM IST
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जीएसटी की विसंगतियों को लेकर व्यापारियों ने वित्त मंत्री को ज्ञापन भेजा
देवबंद (सहारनपुर)। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने जीएसटी पोर्टल में आने वाली समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर शुक्रवार को केंद्रीय वित्त मंत्री को 12 सूत्रीय मांगपत्र भेजा है।
एसोसिएशन के चेयरमैन विजय गिरधर के नेतृत्व में व्यापारियों ने एसडीएम रामविलास यादव के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को ज्ञापन भेजा। जिसमें बताया कि जीएसटी में आ रही विसंगतियों के कारण व्यापारियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। जीएसटी पोर्टल की न्यून क्षमता के कारण कार्य में अवरोध पैदा हो रहा है। जीएसटी काउंसिल की बैठक में समाधान राशि 75 लाख से एक करोड़ रुपये कर दी गई, किंतु पोर्टल 75 लाख व एक करोड़ के मध्य टर्न ओवर वाले व्यापारियों को समाधान स्वीकार करने का कोई विकल्प पोर्टल पर नहीं है। पोर्टल में नियमित व्यापारियों की तरह मासिक रिटर्न देना प्रदर्शित हो रहा है जिससे व्यापारी भ्रम की स्थिति में है। पोर्टल में किसी प्रकार की कोई त्रुटि होने पर उसमें संशोधन अथवा रिवाइज करने की व्यवस्था नहीं है। इनके अलावा अन्य कई खामियां हैं जिन्हें दूर किया जाना जरूरी है। इस मौके पर सचिव जर्रार बेग, दीपकराज सिंघल, अशोक कुमार, आशु गर्ग, सुमित धवन, अरुण गुप्ता, राजीव भाटिया आदि रहे।
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देवबंद (सहारनपुर)। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने जीएसटी पोर्टल में आने वाली समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर शुक्रवार को केंद्रीय वित्त मंत्री को 12 सूत्रीय मांगपत्र भेजा है।
एसोसिएशन के चेयरमैन विजय गिरधर के नेतृत्व में व्यापारियों ने एसडीएम रामविलास यादव के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को ज्ञापन भेजा। जिसमें बताया कि जीएसटी में आ रही विसंगतियों के कारण व्यापारियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। जीएसटी पोर्टल की न्यून क्षमता के कारण कार्य में अवरोध पैदा हो रहा है। जीएसटी काउंसिल की बैठक में समाधान राशि 75 लाख से एक करोड़ रुपये कर दी गई, किंतु पोर्टल 75 लाख व एक करोड़ के मध्य टर्न ओवर वाले व्यापारियों को समाधान स्वीकार करने का कोई विकल्प पोर्टल पर नहीं है। पोर्टल में नियमित व्यापारियों की तरह मासिक रिटर्न देना प्रदर्शित हो रहा है जिससे व्यापारी भ्रम की स्थिति में है। पोर्टल में किसी प्रकार की कोई त्रुटि होने पर उसमें संशोधन अथवा रिवाइज करने की व्यवस्था नहीं है। इनके अलावा अन्य कई खामियां हैं जिन्हें दूर किया जाना जरूरी है। इस मौके पर सचिव जर्रार बेग, दीपकराज सिंघल, अशोक कुमार, आशु गर्ग, सुमित धवन, अरुण गुप्ता, राजीव भाटिया आदि रहे।
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