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एक साल में बनना था पुल, 9 महीने में बना आधा

Wed, 26 Jun 2019 12:45 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 26 Jun 2019 12:45 AM IST
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एक साल में बनना था पुल, 9 महीने में बना आधा
रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। पूर्वी यमुना नहर पर पुल का निर्माण कछुआ गति से चल रहा है। पुल का निर्माण एक साल में पूरा किया जाना है, लेकिन नौ महीने बीतने के बाद अभी तक आधा ही निर्माण हो सका है। बाकी तीन महीने में पुल का निर्माण कैसे पूरा हो पाएगा। निर्माण पूरा न होने से क्षेत्रीय लोगों में रोष है।
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दरअसल, जनवरी 2017 में इस्लामनगर रोड पर गांव मुकंदपुर के पास बने पूर्वी यमुना नहर के पुल की तीन डॉट टूट गई थी, जिससे आवागमन बंद हो गया था। सिंचाई विभाग ने पुल से भारी वाहनों का आवागमन बंद करा दिया था। इसके बाद क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांव के लोगों ने पुल निर्माण कराए जाने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया था। उच्चाधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए थे।
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ग्रामीणों के आंदोलन को देखते हुए सिंचाई विभाग ने पुल की मरम्मत का प्रस्ताव बनाकर भेजा था, जिसके बाद 30 लाख रुपये की लागत से पुल की मरम्मत कराई गई और दिसंबर 2018 में इस पुल पर आवागमन फिर शुरू करा दिया गया था। पुल काफी पुराना है, जिस पर ज्यादा समय तक भारी वाहनों की आवाजाही नहीं हो सकेगी। इसीलिए पुराने पुल के पास ही नए पुल का निर्माण भी शुरू कराने का प्रस्ताव पास हुआ और तीन करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। एक अक्टूबर 2018 को नए पुल का निर्माण पीडब्लूडी द्वारा शुरू किया गया। नए पुल का निर्माण करने के लिए पूर्वी यमुना नहर का पानी भी रोक दिया गया था। पुल का निर्माण एक साल में पूरा किया जाना है, लेकिन नौ माह बीत जाने पर अभी तक आधे पुल का निर्माण ही हो पाया है, जिस कारण नहर का पानी भी आधे हिस्से से ही आगे बह रहा है।
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भाकियू (अंबावत) के जिलाध्यक्ष नीरज चौधरी का कहना है कि पुल निर्माण धीमी गति से चल रहा है। यह विभाग की लापरवाही का नतीजा है। पुल का निर्माण समय अवधि में पूरा किया जाए, इसके लिए अधिकारियों पर दबाव बनाया जाएगा। गांव शेरपुर निवासी अभिषेक का कहना है कि पुल निर्माण के चलते नहर में छोड़े जाने वाला पानी भी किसानों के खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे फसलों की सिंचाई करने में दिक्कत है। यदि समय अवधि में पुल का निर्माण कार्य पूरा हो जाता है, किसानों को इससे राहत मिलेगी।
उधर, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ दीपांकर चौधरी ने बताया कि पुल निर्माण की अवधि एक वर्ष रखी गई है। इस अवधि में पुल का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
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